Isaiah · chapter 47 · verse 8
Isaiah 47:8 in Hindi
इसलिये सुन, तू जो राग- रंग में उलझी हुई निडर बैठी रहती है और मन में कहती है कि मैं ही हूं, और मुझे छोड़ कोई दूसरा नहीं; मैं विधवा की नाईं न बैठूंगी और न मेरे लड़केबोल मिटेंगे।
Isaliye sun, too jo raaga- rang mem ulajhee huee nidar baithee rahatee hai aur man mem kahatee hai ki maim hee hoom, aur mujhe chhod koee doosaraa naheem; maim vidhavaa kee naaeem na baithoongee aur na mere ladakebol mitenge.
Isaiah 47:8 in English
- King James Version (KJV)
- Therefore hear now this, [thou that art] given to pleasures, that dwellest carelessly, that sayest in thine heart, I [am], and none else beside me; I shall not sit [as] a widow, neither shall I know the loss of children:
- World English Bible (WEB)
- “Now therefore hear this, you who are given to pleasures, who sit securely, who say in your heart, ‘I am, and there is no one else besides me. I won’t sit as a widow, neither will I know the loss of children.’
- American Standard Version (ASV)
- Now therefore hear this, thou that art given to pleasures, that sittest securely, that sayest in thy heart, I am, and there is none else besides me; I shall not sit as a widow, neither shall I know the loss of children:
- Bible in Basic English (BBE)
- So now take note of this, you who are given up to pleasure, living without fear of evil, saying in your heart, I am, and there is no one like me; I will never be a widow, or have my children taken from me.
- Darby Translation (DBY)
- And now hear this, thou voluptuous one, that dwellest carelessly, that sayest in thy heart, It is I, and there is none but me; I shall not sit as a widow, neither shall I know loss of children:
- Webster's Bible (WBS)
- Therefore hear now this, [thou that art] given to pleasures, that dwellest carelessly, that sayest in thy heart, I [am] , and none else besides me; I shall not sit [as] a widow, neither shall I know the loss of children:
- Young's Literal Translation (YLT)
- And now, hear this, O luxurious one, Who is sitting confidently — Who is saying in her heart, 'I [am], and none else, I sit not a widow, nor know bereavement.'
Read in context
- 6मैं ने अपनी प्रजा से क्रोधित होकर अपने निज भाग को अपवित्रा ठहराया और तेरे वश में कर दिया; तू न उन पर कुछ दया न की; बूढ़ों पर तू ने अपना अत्यन्त भारी जूआ रख दिया।
- 7तू ने कहा, मैं सर्वदा स्वामिन बनी रहूंगी, सो तू ने अपने मन में इन बातों पर विचार न किया और यह भी न सोचा कि उनका क्या फल होगा।।
- 8इसलिये सुन, तू जो राग- रंग में उलझी हुई निडर बैठी रहती है और मन में कहती है कि मैं ही हूं, और मुझे छोड़ कोई दूसरा नहीं; मैं विधवा की नाईं न बैठूंगी और न मेरे लड़केबोल मिटेंगे।
- 9सुन, ये दोनों दु:ख अर्थात् लड़कों का जाता रहता और विधवा हो जाना, अचानक एक ही दिन तुझ पर आ पडेंगे। तेरे बहुत से टोनों और तेरे भारी भारी तन्त्रा- मन्त्रों के रहते भी ये तुझ पर अपने पूरे बल से आ पड़ेंगे।।
- 10तू ने अपनी दुष्टता पर भरोसा रखा, तू ने कहा, मुझे कोई नहीं देखता; तेरी बुद्धि और ज्ञान ने तुझे बहकाया और तू ने अपने मन में कहा, मैं ही हूं और मेरे सिवाय कोई दूसरा नहीं।
Cross references
- Isaiah 32:9 यशायाह 32:9हे सुखी स्त्रियों, उठकर मेरी सुनो; हे निश्चिन्त पुत्रियों, मेरे वचन की ओर कान लगाओ।
- Zephaniah 2:15 सपन्याह 2:15यह वही नगरी है, जो मगन रहती और निडर बैठी रहती थी, औश्र सोचती थी कि मैं ही हूं, और मुझे छोड़ कोई है ही नहीं। परन्तु अब यह उजाड़ और वनपशुओं के बैठने का स्थान बन गया है, यहां तक कि जो कोई इसके पास होकर चले, वह ताली बजाएगा और हाथ हिलाएगा।
- Isaiah 47:10 यशायाह 47:10तू ने अपनी दुष्टता पर भरोसा रखा, तू ने कहा, मुझे कोई नहीं देखता; तेरी बुद्धि और ज्ञान ने तुझे बहकाया और तू ने अपने मन में कहा, मैं ही हूं और मेरे सिवाय कोई दूसरा नहीं।
- Isaiah 45:6 यशायाह 45:6जिस से उदयाचल से लेकर अस्ताचल तक लोग जान लें कि मुझ बिना कोई है ही नहीं है।
- Jeremiah 50:11 यिर्मयाह 50:11हे मेरे भाग के लूटनेवालो, तुम जो मेरी प्रजा पर आनन्द करते और हुलसते हो, और घास चरनेवाली बछिया की नाई उछलते और बलवन्त घोड़ों के समान हिनहिनाते हो,
- Revelation 18:3–8 प्रकाशितवाक्य 18:3–8क्योंकि उसके व्यभिचार के भयानक मदिरा के कारण सब जातियां गिर गई हैं, और पृथ्वी के राजाओं ने उसके साथ व्यभिचार किया है; और पृथ्वी के व्यापारी उसके सुख- विलास की बहुतायत के कारण धनवान हुए हैं। फिर मैं ने स्वर्ग से किसी और का शब्द सुना, कि हे मेरे लोगों, उस में से निकल आओ; कि तुम उसके पापों में भागी न हो, और उस की विपत्तियों में से कोई तुम पर आ न पड़े। क्योंकि उसके पाप स्वर्ग तक पहुंच गए हैं, और उसके अधर्म परमेश्वर को स्मरण आए हैं। जैसा उस ने तुम्हें दिया है, वैसा ही उस को भर दो, और उसके कामों के अनुसार उसे दो गुणा बदला दो, जिस कटोरे में उस ने भर दिया था उसी में उसके लिये दो गुणा भर दो। जितनी उस ने अपनी बड़ाई की और सुख- विलास किया; उतनी उस को पीड़ा, और शोक दो; क्योंकि वह अपने मन में कहती है, मैं रानी हो बैठी हूं, विधवा नहीं; और शोक में कभी न पडूंगी। इस कारण एक ही दिन में उस पर विपत्तियां आ पड़ेंगी, अर्थात् मृत्यु, और शोक, और अकाल; और वह आग में भस्म कर दी जाएगी, क्योंकि उसका न्यायी प्रभु परमेश्वर शक्तिमान है।
- Isaiah 21:4–5 यशायाह 21:4–5मेरा हृदय धड़कता है, मैं अत्यन्त भयभीत हूं, जिस सांझ की मैं बाट जोहता था उसे उस ने मेरी थरथराहट का कारण कर दिया है। भोजन की तैयारी हो रही है, पहरूए बैठाए जा रहे हैं, खाना- पीना हो रहा है। हे हाकिमो, उठो, ढाल में तेल मलो!
- Judges 18:27 न्यायियों 18:27और वे मीका के बनवाए हुए पदार्थों और उसके पुरोहित को साथ ले लैश के पास आए, जिसके लोग शान्ति से और बिना खटके रहते थे, और उन्होंने उन को तलवार से मार डाला, और नगर को आग लगाकर फूंक दिया।
- Jeremiah 50:31–32 यिर्मयाह 50:31–32प्रभु सेनाओं के यहोवा की यह वाणी है, हे अभिमानी, मैं तेरे विरूद्व हूँ; तेरे दण्ड पाने का दिन आ गया है। अभिमानी ठोकर खाकर गिरेगा ओर कोई उसे फिर न उठाएगा; और मैं उसके नगरों में आग लगाऊंगा जिस से उसके चारों ओर सब कुछ भस्म हो जाएगा।
- Habakkuk 2:5–8 हबक्कूक 2:5–8दाखमधु से धोखा होता है; अहंकारी पुरूष घर में नहीं रहता, और उसकी लालसा अधोलोक के समान पूरी नहीं होती, और मृत्यु की नाईं उसका पेट नहीं भरता। वह सब जातियों को अपने पास खींच लेता, और सब देशों के लोगों को अपने पास इकट्ठे कर रखता है।। क्या वे सब उसका दृष्टान्त चलाकर, और उस पर ताना मारकर न कहेंगे कि हाय उस पर जो पराया धल छीन छीनकर धनवान हो जाता है? कब तक? हाय उस पर जो अपना घर बन्धक की वस्तुओं से भर लेता है। जो तुझ से कर्ज लेते हैं, क्या वे लोग अचानक न उठेंगे? और क्या वे न जागेंगे जो तुझ को संकट में डालेंगे? और क्या तू उन से लूटा न जाएगा? तू ने बहुत सी जातियों को लूट लिया है, सो सब बचे हुए लोग तुझे भी लूट लेंगे। इसका कारण मनुष्यों की हत्या, और वह अपद्रव भी जो तू ने इस देश और राजधानी और इसके सब रहनेवालों पर किया है।।
- Isaiah 22:12–13 यशायाह 22:12–13उस समय सेनाओं के प्रभु यहोवा ने रोने- पीटने, सिर मुंडाने और टाट पहिनने के लिये कहा था; परन्तु क्या देखा कि हर्ष और आनन्द मनाया जा रहा है, गाय- बैल का घात और भेड़- बकरी का वध किया जा रहा है, मांस खाया और दाखमधु पीया जा रहा है। और कहते हैं, आओ खाएं- पीएं, क्योंकि कल तो हमें मरना है।
- Nahum 1:10 नहूम 1:10क्योंकि चाहे वे कांटों से उलझे हुए हों, और मदिरा के नशे में चूर भी हों, तौभी वे सूखी खूंटी की नाईं भस्म किए जाएंगे।