Isaiah · chapter 49 · verse 13
Isaiah 49:13 in Hindi
हे आकाश, जयजयकार कर, हे पृथ्वी, मगन हो; हे पहाड़ों, गला खोलकर जयजयकार करो! क्योंकि यहोवा ने अपनी प्रजा को शान्ति दी है और अपने दीन लोगों पर दया की है।।
He aakaash, jayajayakaar kar, he pruthvee, magan ho; he pahaadom, galaa kholakar jayajayakaar karo! Kyonki yahovaa ne apanee prajaa ko shaanti dee hai aur apane deen logom par dayaa kee hai..
Isaiah 49:13 in English
- King James Version (KJV)
- Sing, O heavens; and be joyful, O earth; and break forth into singing, O mountains: for the LORD hath comforted his people, and will have mercy upon his afflicted.
- World English Bible (WEB)
- Sing, heavens, and be joyful, earth! Break out into singing, mountains! For the LORD has comforted his people, and will have compassion on his afflicted.
- American Standard Version (ASV)
- Sing, O heavens; and be joyful, O earth; and break forth into singing, O mountains: for Jehovah hath comforted his people, and will have compassion upon his afflicted.
- Bible in Basic English (BBE)
- Let your voice be loud in song, O heavens; and be glad, O earth; make sounds of joy, O mountains, for the Lord has given comfort to his people, and will have mercy on his crushed ones.
- Darby Translation (DBY)
- Shout, ye heavens; and be joyful, thou earth; and break forth into singing, ye mountains: for Jehovah hath comforted his people, and will have mercy upon his afflicted ones.
- Webster's Bible (WBS)
- Sing, O heavens, and be joyful, O earth; and break forth into singing, O mountains: for the LORD hath comforted his people, and will have mercy upon his afflicted.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Sing, O heavens, and joy, O earth, And break forth, O mountains, with singing, For comforted hath Jehovah His people, And His afflicted ones He doth pity.
Read in context
- 11और, मैं अपने सब पहाड़ों को मार्ग बना दूंगा, और मेरे राजमार्ग ऊंचे किए जाएंगे।
- 12देखो, ये दूर से आएंगे, और, ये उत्तर और पच्छिम से और सीनियों के देश से आएंगे।
- 13हे आकाश, जयजयकार कर, हे पृथ्वी, मगन हो; हे पहाड़ों, गला खोलकर जयजयकार करो! क्योंकि यहोवा ने अपनी प्रजा को शान्ति दी है और अपने दीन लोगों पर दया की है।।
- 14परन्तु सिरयोन ने कहा, यहोवा ने मुझे त्याग दिया है, मेरा प्रभु मुझे भूल गया है।
- 15क्या यह हो सकता है कि कोई माता अपने दूघपिउवे बच्चे को भूल जाए और अपने जन्माए हुए लड़के पर दया न करे? हां, वह तो भूल सकती है, परन्तु मैं तुझे नहीं भूल सकता।
Cross references
- Isaiah 44:23 यशायाह 44:23हे आकाश, ऊंचे स्वर से गा, क्योंकि यहोवा ने यह काम किया है; हे पृथ्वी के गहिरे स्थानों, जयजयकार करो; हे पहाड़ों, हे वन, हे वन के सब वृक्षों, गला खोलकर ऊंचे स्वर से गाओ! क्योंकि यहोवा ने याकूब को छुड़ा लिया है और इस्राएल में महिमावान होगा।।
- Isaiah 51:3 यशायाह 51:3यहोवा ने सिरयोन को शान्ति दी है, उस ने उसके सब खण्डहरों को शान्ति दी है; वह उसके जंगल को अदन के समान और उसक निर्जल देश को यहोवा की बाटिका के समान बनाएगा; उस में हर्ष और आनन्द और धन्यवाद और भजन गाने का शब्द सुनाई पड़ेगा।।
- Psalm 96:11–13 भजन संहिता 96:11–13आकाश आनन्द करे, और पृथ्वी मगन हो; समुद्र और उस में की सब वस्तुएं गरज उठें; मैदान और जो कुछ उस में है, वह प्रफुल्लित हो; उसी समय वन के सारे वृक्ष जयजयकार करेंगे। यह यहोवा के साम्हने हो, क्योंकि वह आनेवाला है। वह पृथ्वी का न्याय करने को आने वाला है, वह धर्म से जगत का, और सच्चाई से देश देश के लोगों का न्याय करेगा।।
- Isaiah 52:9 यशायाह 52:9हे यरूशलेम के खण्डहरों, एक संग उमंग में आकर जयजयकार करो; क्योंकि यहोवा ने अपनी प्रजा को शान्ति दी है, उस ने यरूशलेम को छुड़ा लिया है।
- Luke 2:13–14 लूका 2:13–14तब एकाएक उस स्वर्गदूत के साथ स्वर्गदूतों का दल परमेश्वर की स्तुति करते हुए और यह कहते दिखाई दिया। कि आकाश में परमेश्वर की महिमा और पृथ्वी पर उन मनुष्यों में जिनसे वह प्रसन्न है शान्ति हो।।
- Isaiah 40:1–2 यशायाह 40:1–2तुम्हारा परमेश्वर यह कहता है, मेरी प्रजा को शान्ति दो, शान्ति! यरूशलेम से शान्ति की बातें कहो; और उस से पुकारकर कहो कि तेरी कठिन सेवा पूरी हुई है, तेरे अधर्म का दण्ड अंगीकार किया गया है: यहोवा के हाथ से तू अपने सब पापों का दूना दण्ड पा चुका है।।
- Isaiah 42:10–11 यशायाह 42:10–11हे समुद्र पर चलनेवालो, हे समुद्र के सब रहनेवालो, हे द्वीपो, तुम सब अपने रहनेवालो समेत यहोवा के लिये नया गीत गाओ और पृथ्वी की छोर से उसकी स्तुति करो। जंगल और उस में की बस्तियां और केदार के बसे हुए गांव जयजयकार करें; सेला के रहनेवाले जयजयकार करें, वे पहाड़ों की चोटियों पर से ऊंचे शब्द से ललकारें।
- Isaiah 66:13–14 यशायाह 66:13–14जिस प्रकार माता अपने पुत्र को शान्ति देती है, वैस ही मैं भी तुम्हें शान्ति दुंगा; तुम को यरूशलेम ही में शान्ति मिलेगी। तुम यह देखोगे और प्रफुल्लित होगे; तुम्हारी हड्डियां घास की नाईं हरी भरी होंगी; और यहोवा का हाथ उसके दासों के लिये प्रगट होगा, और, उसके शत्रुओं के ऊपर उसका क्रोध भड़केगा॥
- 2 Thessalonians 2:16–17 2 थिस्सलुनीकियों 2:16–17हमारा प्रभु यीशु मसीह आप ही, और हमारा पिता परमेश्वर जिस ने हम से प्रेम रखा, और अनुग्रह से अनन्त शान्ति और उत्तम आशा दी है। तुम्हारे मनों में शान्ति दे, और तुम्हें हर एक अच्छे काम, और वचन में दृढ़ करे।।
- Psalm 98:4–9 भजन संहिता 98:4–9हे सारी पृथ्वी के लोगों यहोवा का जयजयकार करो; उत्साहपूर्वक जयजयकार करो, और भजन गाओ! वीणा बजाकर यहोवा का भजन गाओ, वीणा बजाकर भजन का स्वर सुनाओं। तुरहियां और नरसिंगे फूंक फूंककर यहोवा राजा का जयजयकार करो।। समुद्र औश्र उस में की सब वस्तुएं गरज उठें; जगत और उसके निवासी महाशब्द करें! नदियां तालियां बजाएं; पहाड़ मिलकर जयजयकार करें। यह यहोवा के साम्हने हो, क्योंकि वह पृथ्वी का न्याय करने को आनेवाला है। वह धर्म से जगत का, और सीधाई से देश देश के लोगों का न्याय करेगा।।
- Isaiah 55:12 यशायाह 55:12क्योंकि तुम आनन्द के साथ निकलोगे, और शान्ति के साथ पहुंचाए जाओगे; तुम्हारे आगे आगे पहाड़ और पहाड़ियां गला खोलकर जयजयकार करेंगी, और मैदान के सब वृक्ष आनन्द के मारे ताली बजाएंगे।
- Isaiah 12:1 यशायाह 12:1उस दिन तू कहेगा, हे यहोवा, मैं तेरा धन्यवाद करता हूं, क्योंकि यद्यिप तू मुझ पर क्रोधित हुआ था, परन्तु अब तेरा क्रोध शान्त हुआ, और तू ने मुझे शान्ति दी है।।