Isaiah · chapter 59 · verse 3
Isaiah 59:3 in Hindi
क्योंकि तुम्हारे हाथ हत्या से और तुम्हारी अंगुलियां अधर्म के कर्मों से अपवित्रा हो गईं हैं; तुम्हारे मुंह से तो झूठ और तुम्हारी जीभ से कुटिल बातें निकलती हैं।
Kyonki tumhaare haath hatyaa se aur tumhaaree anguliyaam adharm ke karmom se apavitraa ho gaeem haim; tumhaare munh se to jhooth aur tumhaaree jeebh se kutil baatem nikalatee hain.
Isaiah 59:3 in English
- King James Version (KJV)
- For your hands are defiled with blood, and your fingers with iniquity; your lips have spoken lies, your tongue hath muttered perverseness.
- World English Bible (WEB)
- For your hands are defiled with blood, and your fingers with iniquity. Your lips have spoken lies. Your tongue mutters wickedness.
- American Standard Version (ASV)
- For your hands are defiled with blood, and your fingers with iniquity; your lips have spoken lies, your tongue muttereth wickedness.
- Bible in Basic English (BBE)
- For your hands are unclean with blood, and your fingers with sin; your lips have said false things, and your tongue gives out deceit.
- Darby Translation (DBY)
- For your hands are stained with blood, and your fingers with iniquity; your lips speak lies, your tongue muttereth unrighteousness:
- Webster's Bible (WBS)
- For your hands are defiled with blood, and your fingers with iniquity; your lips have spoken lies, your tongue hath uttered perverseness.
- Young's Literal Translation (YLT)
- For your hands have been polluted with blood, And your fingers with iniquity, Your lips have spoken falsehood, Your tongue perverseness doth mutter.
Read in context
- 1सुनो, यहोवा का हाथ ऐसा छोटा नहीं हो गया कि उद्धार न कर सके, न वह ऐसा बहिरा हो गया है कि सुन न सके;
- 2क्योंकि तुम्हारे हाथ हत्या से और तुम्हारी अंगुलियां अधर्म के कर्मो से अपवित्रा हो गई है; तुम्हारे मुंह से तो झूठ और तुम्हारी जीभ से कुटिल बातें निकलती हैं।
- 3क्योंकि तुम्हारे हाथ हत्या से और तुम्हारी अंगुलियां अधर्म के कर्मों से अपवित्रा हो गईं हैं; तुम्हारे मुंह से तो झूठ और तुम्हारी जीभ से कुटिल बातें निकलती हैं।
- 4कोई धर्म के साथ नालिश नहीं करता, न कोई सच्चाई से मुक मा लड़ता है; वे मिथ्या पर भरोसा रखते हैं और झूठ बातें बकते हैं, उसको मानो उत्पात का गर्भ रहता, और वे अनर्थ को जन्म देते हैं।
- 5वे सांपिन के अण्डे सेते और मकड़ी के जाले बनाते हैं; जो कोई उनके अण्डे खाता वह मर जाता है, और जब कोई एक को फोड़ता तब उस में से सपोला निकलता है।
Cross references
- Isaiah 1:15 यशायाह 1:15जब तुम मेरी ओर हाथ फैलाओ, तब मैं तुम से मुंह फेर लूंगा; तुम कितनी ही प्रार्थना क्यों न करो, तौभी मैं तुम्हारी न सुनूंगा; क्योंकि तुम्हारे हाथ खून से भरे हैं।
- Ezekiel 13:8 यहेजकेल 13:8इस कारण प्रभु यहोवा तुम से यों कहता है, तुम ने जो व्यर्थ बात कही और झूठे दर्शन देखे हैं, इसलिये मैं तुम्हारे विरूद्ध हूँ, प्रभु यहोवा की यही वाणी है।
- Jeremiah 2:34 यिर्मयाह 2:34तेरे घांघरे में निदष और दरिद्र लोगों के लोहू का चिन्ह पाया जाता है; तू ने उन्हें सेंध लगाते नहीं पकड़ा। परन्तु इन सब के होते हुए भी तू कहती है, मैं निदष हूं;
- Isaiah 1:21 यशायाह 1:21जो नगरी सती थी सो क्योंकर व्यभिचारिन हो गई! वह न्याय से भरी थी और उस में धर्म पाया जाता था, परन्तु अब उस में हत्यारे ही पाए जाते हैं। तेरी चान्दी घातु का मैल हो गई,
- Jeremiah 2:30 यिर्मयाह 2:30मैं ने व्यर्थ ही तुम्हारे बेटों की ताड़ना की, उन्हों ने कुछ भी नहीं माना; तुम ने अपने भविष्यद्वक्ताओं को अपनी ही तलवार से ऐसा काट डाला है जैसा सिंह फाड़ता है।
- Jeremiah 7:8 यिर्मयाह 7:8देखो, तुम झूठी बातों पर भरोसा रखते हो जिन से कुछ लाभ नहीं हो सकता।
- Ezekiel 7:23 यहेजकेल 7:23एक सांकल बना दे, क्योंकि देश अन्याय की हत्या से, और नगर उपद्रव से भरा हुआ है।
- Ezekiel 35:6 यहेजकेल 35:6इसलिये परमेश्वर यहोवा की यह वाणी है, मेरे जीवन की सौगन्ध, मैं तुझे हत्या किए जाने के लिये तैयार करूंगा ओर खून तेरा पीछा करेगा; तू तो खून से न घिनाता था, अस कारण खून तेरा पीछा करेगा।
- Hosea 4:2 होशे 4:2यहां शाप देने, झूठ बोलने, वध करने, चुराने, और व्यभिचार करने को छोड़ कुछ नहीं होता; वे व्यवस्था की सीमा को लांघकर कुकर्म करते हैं और खून ही खून होता रहता है।
- Micah 6:12 मीका 6:12यहां के धनवान् लोग उपद्रव का काम देखा करते हैं; और यहां के सब रहनेवाले झूठ बोलते हैं और उनके मुंह से छल की बातें निकलती हैं।
- Hosea 7:13 होशे 7:13उन पर हाय, क्योंकि वे मेरे पास से भटक गए! उनका सत्यानाश होए, क्योंकि उन्हों ने मुझ से बलवा किया है! मैं तो उन्हें छुडाता रहा, परन्तु वे मुझ से झूठ बोलते आए हैं।।
- Micah 7:2 मीका 7:2भक्त लोग पृथ्वी पर से नाश हो गए हैं, और मनुष्यों में एक भी सीधा नहीं जन नहीं रहा; वे सब के सब हत्या के लिये घात लगाते, और जाल लगाकर अपने अपने भाई का आहेर करते हैं।