Isaiah · chapter 59 · verse 2
Isaiah 59:2 in Hindi
क्योंकि तुम्हारे हाथ हत्या से और तुम्हारी अंगुलियां अधर्म के कर्मो से अपवित्रा हो गई है; तुम्हारे मुंह से तो झूठ और तुम्हारी जीभ से कुटिल बातें निकलती हैं।
Kyonki tumhaare haath hatyaa se aur tumhaaree anguliyaam adharm ke karmo se apavitraa ho gaee hai; tumhaare munh se to jhooth aur tumhaaree jeebh se kutil baatem nikalatee hain.
Isaiah 59:2 in English
- King James Version (KJV)
- But your iniquities have separated between you and your God, and your sins have hid [his] face from you, that he will not hear.
- World English Bible (WEB)
- But your iniquities have separated you and your God, and your sins have hidden his face from you, so that he will not hear.
- American Standard Version (ASV)
- but your iniquities have separated between you and your God, and your sins have hid his face from you, so that he will not hear.
- Bible in Basic English (BBE)
- But your sins have come between you and your God, and by your evil doings his face has been veiled from you, so that he will give you no answer.
- Darby Translation (DBY)
- but your iniquities have separated between you and your God, and your sins have hid [his] face from you, that he doth not hear.
- Webster's Bible (WBS)
- But your iniquities have separated between you and your God, and your sins have hid [his] face from you, that he will not hear.
- Young's Literal Translation (YLT)
- But your iniquities have been separating Between you and your God, And your sins have hidden The Presence from you — from hearing.
Read in context
- 1सुनो, यहोवा का हाथ ऐसा छोटा नहीं हो गया कि उद्धार न कर सके, न वह ऐसा बहिरा हो गया है कि सुन न सके;
- 2क्योंकि तुम्हारे हाथ हत्या से और तुम्हारी अंगुलियां अधर्म के कर्मो से अपवित्रा हो गई है; तुम्हारे मुंह से तो झूठ और तुम्हारी जीभ से कुटिल बातें निकलती हैं।
- 3क्योंकि तुम्हारे हाथ हत्या से और तुम्हारी अंगुलियां अधर्म के कर्मों से अपवित्रा हो गईं हैं; तुम्हारे मुंह से तो झूठ और तुम्हारी जीभ से कुटिल बातें निकलती हैं।
- 4कोई धर्म के साथ नालिश नहीं करता, न कोई सच्चाई से मुक मा लड़ता है; वे मिथ्या पर भरोसा रखते हैं और झूठ बातें बकते हैं, उसको मानो उत्पात का गर्भ रहता, और वे अनर्थ को जन्म देते हैं।
Cross references
- Proverbs 15:29 नीतिवचन 15:29यहोवा दुष्टों से दूर रहता है, परन्तु धर्मियों की प्रार्थना सुनता है।
- Jeremiah 5:25 यिर्मयाह 5:25परन्तु तुम्हारे अधर्म के कामों ही के कारण वे रूक गए, और तुम्हारे पापों ही के कारण तुम्हारी भलाई नहीं होती।
- Micah 3:4 मीका 3:4वे उस समय यहोवा की दोहाई देंगे, परन्तु वह उनकी न सुनेगा, वरन उस समय वह उनके बुरे कामों के कारण उन से मुंह फेल लेगा।।
- Isaiah 1:15 यशायाह 1:15जब तुम मेरी ओर हाथ फैलाओ, तब मैं तुम से मुंह फेर लूंगा; तुम कितनी ही प्रार्थना क्यों न करो, तौभी मैं तुम्हारी न सुनूंगा; क्योंकि तुम्हारे हाथ खून से भरे हैं।
- Deuteronomy 31:17–18 व्यवस्थाविवरण 31:17–18उस समय मेरा कोप इन पर भड़केगा, और मैं भी इन्हें त्यागकर इन से अपना मुंह छिपा लूंगा, और ये आहार हो जाएंगे; और बहुत सी विपत्तियां और क्लेश इन पर आ पड़ेंगे, यहां तक कि ये उस समय कहेंगे, क्या ये विपत्तियां हम पर इस कारण तो नहीं आ पड़ीं, क्योंकि हमारा परमेश्वर हमारे मध्य में नहीं रहा? उस समय मैं उन सब बुराइयों के कारण जो ये पराये देवताओं की ओर फिरकर करेंगे नि:सन्देह उन से अपना मुंह छिपा लूंगा।
- Ezekiel 39:23–24 यहेजकेल 39:23–24और जाति- जाति के लोग भी जान लेंगे कि इस्राएल का घराना अपने अधर्म के कारण बंधुआई में गया था; क्योंकि उन्हों ने मुझ से ऐसा विश्वासघात किया कि मैं ने अपना मुंह उन से फेर लिया और अनको उनके वैरियों के वश कर दिया, और वे सब तलवार से मारे गए। मैं ने उनकी अशुद्धता और अपराधों ही के अनुसार उन से बर्ताव करके उन से अपना मुंह फेर लिया था।
- Deuteronomy 32:19–20 व्यवस्थाविवरण 32:19–20इन बातों को देखकर यहोवा ने उन्हें तुच्छ जाना, क्योंकि उसके बेटे- बेटियों ने उसे रिस दिलाई थी।। तब उस ने कहा, मैं उन से अपना मुख छिपा लूंगा, और देखूंगा कि उनका अन्त कैसा होगा, क्योंकि इस जाति के लोग बहुत टेढ़े हैं और धोखा देनेवाले पुत्रा हैं।
- Isaiah 57:17 यशायाह 57:17उसके लोभ के पाप के कारण मैं ने क्रोधित होकर उसको दु:ख दिया था, और क्रोध के मारे उस से मुंह छिपाया था; परन्तु वह अपने मनमाने मार्ग में दूर भटकता चला गया था।
- Ezekiel 39:29 यहेजकेल 39:29और उन से अपना मुंह फिर कभी न फेर लूंगा, क्योंकि मैं ने इस्राएल के घराने पर अपना आत्मा उण्डेला है, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है।
- Joshua 7:11 यहोशू 7:11इस्राएलियों ने पाप किया है; और जो वाचा मैं ने उन से अपने साथ बन्धाई थी उसको उन्हों ने तोड़ दिया है, उन्हों ने अर्पण की वस्तुओं में से ले लिया, वरन चोरी भी की, और छल करके उसको अपने सामान में रख लिया है।
- Isaiah 58:4 यशायाह 58:4सुनो, तुम्हारे उपवास का फल यह होता है कि तुम आपस में लड़ते और झगड़ते और दुष्टता से घूंसे मारते हो। जैसा उपवास तुम आजकर रखते हो, उस से तुम्हारी प्रार्थना ऊपर नहीं सुनाई देगी।
- Isaiah 50:1 यशायाह 50:1तुम्हारी माता का त्यागपत्रा कहां है? जिसे मैं ने उसे त्यागते समय दिया था? या मैं ने किस व्योपारी के हाथ तुम्हें बेचा? यहोवा यों कहता है, सुनो, तुम अपने ही अधर्म के कामों के कारण बिक गए, और तुम्होर ही अपराधों के कारण तुम्हारी माता छोड़ दी गई।