Isaiah · chapter 60 · verse 18
Isaiah 60:18 in Hindi
तेरे देश में फिर कभी उपद्रव और तेरे सिवानों के भीतर उत्पात वा अन्धेर की चर्चा न सुनाई पड़ेगी; परन्तु तू अपनी शहरपनाह का नाम उद्धार और अपने फाटकों का नाम यश रखेगी।
Tere desh mem phir kabhee upadrav aur tere sivaanom ke bheetar utpaat vaa andher kee charchaa na sunaaee padegee; parantu too apanee shaharapanaah kaa naam uddhaar aur apane phaatakom kaa naam yash rakhegee.
Isaiah 60:18 in English
- King James Version (KJV)
- Violence shall no more be heard in thy land, wasting nor destruction within thy borders; but thou shalt call thy walls Salvation, and thy gates Praise.
- World English Bible (WEB)
- Violence shall no more be heard in your land, nor desolation or destruction within your borders; but you will call your walls Salvation, and your gates Praise.
- American Standard Version (ASV)
- Violence shall no more be heard in thy land, desolation nor destruction within thy borders; but thou shalt call thy walls Salvation, and thy gates Praise.
- Bible in Basic English (BBE)
- Violent acts will no longer be seen in your land, wasting or destruction in your limits; but your walls will be named, Salvation, and your doors Praise.
- Darby Translation (DBY)
- Violence shall no more be heard in thy land, wasting nor destruction within thy borders; but thou shalt call thy walls Salvation, and thy gates Praise.
- Webster's Bible (WBS)
- Violence shall no more be heard in thy land, wasting nor destruction within thy borders; but thou shalt call thy walls Salvation, and thy gates Praise.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Violence is not heard any more in thy land, Spoiling and destruction in thy borders, And thou hast called 'Salvation' thy walls, And thy gates, 'Praise.'
Read in context
- 16तू अन्यजातियों का दूध पी लेगी, तू राजाओं की छातियां चूसेगी; और तू जान लेगी कि मैं याहवेा तेरा उद्धारकर्त्ता और तेरा छुड़ानेवाला, याकूब का सर्वशक्तिमान हूं।।
- 17मैं पीतल की सन्ती लोहा, लोहे की सन्ती चान्दी, लकड़ी की सन्ती पीतल और पत्थर की सन्ती लोहा लाऊंगा। मैं तेरे हाकिमों को मेल- मिलाप और चौधरियों को धार्मिकता ठहराऊंगा।
- 18तेरे देश में फिर कभी उपद्रव और तेरे सिवानों के भीतर उत्पात वा अन्धेर की चर्चा न सुनाई पड़ेगी; परन्तु तू अपनी शहरपनाह का नाम उद्धार और अपने फाटकों का नाम यश रखेगी।
- 19फिर दिन को सूर्य तेरा उजियाला न होगा, न चान्दनी के लिये चन्द्रमा परन्तु यहोवा तेरे लिये सदा का उजियाला और तेरा परमेश्वर तेरी शोभा ठहरेगा।
- 20तेरा सूर्य फिर कभी अस्त न होगा और न तेरे चन्द्रमा की ज्योति मलिन होगी; क्योंकि यहोवा तेरी सदैव की ज्योति होगा और तरे विलाप के दिन समाप्त हो जाएंगे।
Cross references
- Isaiah 26:1 यशायाह 26:1उस समय यहूदा देश में यह गीत गाया जाएगा, हमारा एक दृढ़ नगर है; उद्धार का काम देने के लिये वह उसकी शहरपनाह और गढ़ को नियुक्त करता है।
- Isaiah 11:9 यशायाह 11:9मेरे सारे पवित्रा पर्वत पर न तो कोई दु:ख देगा और न हानि करेगा; क्योंकि पृथ्वी यहोवा के ज्ञान से ऐसी भर जाएगी जैसा जल समुद्र में भरा रहता है।।
- Zechariah 9:8 जकर्याह 9:8तब मैं उस सेना के कारण जो पास से होकर जाएगी और फिर लौट आएगी, अपने भवन के आस पास छावनी किए रहूंगा, और कोई सतानेवाला फिर उनके पास से होकर न जाएगा, क्योंकि मैं ये बातें अब भी देखता हूं।।
- Psalm 72:3–7 भजन संहिता 72:3–7पहाडों और पहाड़ियों से प्रजा के लिये, धर्म के द्वारा शान्ति मिला करेगी वह प्रजा के दीन लोगों का न्याय करेगा, और दरिद्र लोगों को बचाएगा; और अन्धेर करनेवालों को चूर करेगा।। जब तक सूर्य और चन्द्रमा बने रहेंगे तब तक लोग पीढ़ी- पीढ़ी तेरा भय मानते रहेंगे। वह घास की खूंटी पर बरसनेवाले मेंह, और भूमि सींचनेवाली झाड़ियों के समान होगा। उसके दिनों में धर्मी फूले फलेंगे, और जब तक चन्द्रमा बना रहेगा, तब तक शान्ति बहुत रहेगी।।
- Isaiah 2:4 यशायाह 2:4वह जाति जाति का न्याय करेगा, और देश देश के लोगों के झगड़ों को मिटाएगा; और वे अपनी तलवारें पीटकर हल के फाल और अपने भालों को हंसिया बनाएंगे; तब एक जाति दूसरी जाति के विरूद्ध फिर तलवार न चलाएगी, न लोग भविष्य में युद्ध की विद्या सीखेंगे।।
- Micah 4:3 मीका 4:3वह बहुत देखों के लोगों का न्याय करेगा, और दूर दूर तक की सामर्थी जातयों के झगड़ों को मिटाएगा; सो वे अपनी तलवारें पीटकर हल के फाल, और अपने भालों से हंसिया बनाएंगे; तब एक जाति दूसरी जाति के विरूद्ध तलवार फिर न चलाएगी;
- Revelation 19:1–6 प्रकाशितवाक्य 19:1–6इस के बाद मैं ने स्वर्ग में मानो बड़ी भीड़ को ऊंचे शब्द से यह कहते सुना, कि हल्लिलूरयाह उद्धार, और महिमा, और सामर्थ हमारे परमेश्वर ही की है। क्योंकि उसके निर्णय सच्चे और ठीक हैं, इसलिये कि उस ने उस बड़ी वेश्या का जो अपने व्यभिचार से पृथ्वी को भ्रष्ट करती थी, न्याय किया, और उस से अपने दासों के लोहू का पलटा लिया है। फिर दूसरी बार उन्हों ने हल्लिलूरयाह कहा: और उसके जलने का धुआं युगानुयुग उठता रहेगा। और चौबीसों प्राचीनों और चारों प्राणियों ने गिरकर परमेश्वर को दण्डवत् किया; जो सिंहासन पर बैठा था, और कहा, आमीन, हल्लिलूरयाह। और सिंहासन में से एक शब्द निकला, कि हे हमारे परमेश्वर से सब डरनेवाले दासों, क्या छोटे, क्या बड़े; तुम सब उस की स्तुति करो। फिर मैं ने बड़ी भीड़ का सा, और बहुत जल का सा शब्द, और गर्जनों का सा बड़ा शब्द सुना, कि हल्लिलूरयाह, इसलिये कि प्रभु हमारा परमेश्वर, सर्वशक्तिमान राज्य करता है।
Original words (Hebrew)
- Violence · H2555חָמָס châmâç
- heard · H8085שָׁמַע shâmaʻ
- land · H776אֶרֶץ ʼerets
- wasting · H7701שֹׁד shôd
- destruction · H7667שֶׁבֶר sheber
- borders · H1366גְּבוּל gᵉbûwl
- call · H7121קָרָא qârâʼ
- walls · H2346חוֹמָה chôwmâh
- Salvation · H3444יְשׁוּעָה yᵉshûwʻâh
- gates · H8179שַׁעַר shaʻar
- Praise · H8416תְּהִלָּה tᵉhillâh