Isaiah · chapter 9 · verse 18
Isaiah 9:18 in Hindi
क्योंकि दुष्टता आग की नाई धधकती है, वह ऊंटकटारों और कांटों को भस्म करती है, वरन वह घने वन की झाड़ियों में आग लगाती है और वह धुंआ में चकरा चकराकर ऊपर की ओर उठती है।
Kyonki dushtataa aag kee naaee dhadhakatee hai, vah oontakataarom aur kaantom ko bhasm karatee hai, varan vah ghane van kee jhaadiyom mem aag lagaatee hai aur vah dhunaa mem chakaraa chakaraakar oopar kee or uthatee hai.
Isaiah 9:18 in English
- King James Version (KJV)
- For wickedness burneth as the fire: it shall devour the briers and thorns, and shall kindle in the thickets of the forest, and they shall mount up [like] the lifting up of smoke.
- World English Bible (WEB)
- For wickedness burns like a fire. It devours the briers and thorns; yes, it kindles in the thickets of the forest, and they roll upward in a column of smoke.
- American Standard Version (ASV)
- For wickedness burneth as the fire; it devoureth the briers and thorns; yea, it kindleth in the thickets of the forest, and they roll upward in a column of smoke.
- Bible in Basic English (BBE)
- For evil was burning like a fire; the blackberries and thorns were burned up; the thick woods took fire, rolling up in dark clouds of smoke.
- Darby Translation (DBY)
- For wickedness burneth as a fire: it devoureth briars and thorns, and kindleth in the thickets of the forest, and they go rolling up like a pillar of smoke.
- Webster's Bible (WBS)
- For wickedness burneth as the fire: it shall devour the briers and thorns, and shall kindle in the thickets of the forest, and they shall mount up [like] the rising of smoke.
- Young's Literal Translation (YLT)
- For burned as a fire hath wickedness, Brier and thorn it devoureth, And it kindleth in thickets of the forest, And they lift themselves up, an exaltation of smoke!
Read in context
- 16क्योंकि जो इन लोगों की अगुवाई करते हैं वे इनको भटका देते हैं, और जिनकी अगुवाई होती है वे नाश हो जाते हैं।
- 17इस कारण प्रभु न तो इनके जवानों से प्रसन्न होगा, और न इनके अनाथ बालकों और विधवाओं पर दया करेगा; क्योंकि हर एक के मुख से मूर्खता की बातें निकलती हैं। इतने पर भी उसका क्रोध शान्त नहीं हुआ और उसका हाथ अब तक बढ़ा हुआ है।।
- 18क्योंकि दुष्टता आग की नाई धधकती है, वह ऊंटकटारों और कांटों को भस्म करती है, वरन वह घने वन की झाड़ियों में आग लगाती है और वह धुंआ में चकरा चकराकर ऊपर की ओर उठती है।
- 19सेनाओं के यहोवा के रोष के मारे यह देश जलाया गया है, और ये लोग आग की ईंधन के समान हैं; वे आपस में एक दूसरे से दया का व्यवहार नहीं करते।
- 20वे दहिनी ओर से भोजनवस्तु छीनकर भी भूखे रहते, और बायें ओर से खाकर भी तृप्त नहीं होते; उन में से प्रत्येक मनुष्य अपनी अपनी बांहों का मांस खाता है,
Cross references
- Malachi 4:1 मलाकी 4:1क्योंकि देखो, वह धधकते भट्ठे का सा दिन आता है, जब सब अभिमानी और सब दुराचारी लोग अनाज की खूंटी बन जाएंगे; और उस आनेवाले दिन में वे ऐसे भस्म हो जाएंगे कि उनका पता तक न रहेगा, सेनाओं के यहोवा का यही वचन है।
- Psalm 83:14 भजन संहिता 83:14उस आग की नाई जो वन को भस्म करती है, और उस लौ की नाई जो पहाड़ों को जला देती है,
- Isaiah 5:24 यशायाह 5:24इस कारण जैसे अग्नि की लौ से खूंटी भस्म होती है और सूखी घास जलकर बैठ जाती है, वैसे ही उनकी जड़ सड़ जाएगी और उनके फूल धूल होकर उड़ जाएंगे; क्योंकि उन्हों ने सेनाओं के यहोवा की व्यवस्था को निकम्मी जाना, और इस्राएल के पवित्रा के वचन को तुच्छ जाना है।
- Isaiah 34:8–10 यशायाह 34:8–10क्योंकि पलटा लेने को यहोवा का एक दिन और सिरयोन का मुक मा चुकाने का एक वर्ष नियुक्त है। और एदोम की नदियां राल से और उसकी मिट्टी गन्धक से बदल जाएगी; उसकी भूमि जलती हुई राल बन जाएगी। वह रात- दिन न बुझेगी; उसका धूंआ सदैव उठता रहेगा। युग युग वह उजाड़ पड़ा रहेगा; कोई उस में से होकर कभी न चलेगा।
- Nahum 1:10 नहूम 1:10क्योंकि चाहे वे कांटों से उलझे हुए हों, और मदिरा के नशे में चूर भी हों, तौभी वे सूखी खूंटी की नाईं भस्म किए जाएंगे।
- Hebrews 6:8 इब्रानियों 6:8पर यदि वह झाड़ी और ऊंटकटारे उगाती है, तो निकम्मी और स्रापित होने पर है, और उसका अन्त जलाया जाना है।।
- Isaiah 27:4 यशायाह 27:4मेरे मन में जलजलाहट नहीं है। यदि कोई भांति भांति के कटीले पेड़ मुझ से लड़ने को खड़े करता, तो मैं उन पर पांव बढ़ाकर उनको पूरी रीति से भस्म कर देता।
- Matthew 25:41 मत्ती 25:41तब वह बाईं ओर वालों से कहेगा, हे स्रापित लोगो, मेरे साम्हने से उस अनन्त आग में चले जाओ, जो शैतान और उसके दूतों के लिये तैयार की गई है।
- Isaiah 30:30 यशायाह 30:30और यहोवा अपनी प्रतापीवाणी सुनाएगा, और अपना क्रोध भड़काता और आग की लौ से भस्म करता हुआ, और प्रचण्ड आन्धी और अति वर्षा और ओलों के साथ अपना भुजबल दिखाएगा।
- Numbers 11:1–3 गिनती 11:1–3फिर वे लोग बुड़बुड़ाने और यहोवा के सुनते बुरा कहने लगे; निदान यहोवा ने सुना, और उसका कोप भड़क उठा, और यहोवा की आग उनके मध्य जल उठी, और छावनी के एक किनारे से भस्म करने लगी। तब मूसा के पास आकर चिल्लाए; और मूसा ने यहोवा से प्रार्थना की, तब वह आग बुझ गई, और उस स्थान का नाम तबेरा पड़ा, क्योंकि यहोवा की आग उन में जल उठी थी।।
- Nahum 1:6 नहूम 1:6उसके क्रोध का साम्हना कौन कर सकता है? और जब उसका क्रोध भड़कता है, तब कौन ठहर सकता है? उसकी जलजलाहट आग की नाईं भड़क जाती है, और चट्टानें उसकी शक्ति से फट फटकर गिरती हैं।
- Revelation 14:11 प्रकाशितवाक्य 14:11और उन की पीड़ा का धुआं युगानुयुग उठता रहेगा, और जो उस पशु और उस की मूरत की पूजा करते हैं, और जो उसके नाम ही छाप लेते हैं, उन को रात दिन चैन न मिलेगा।
Original words (Hebrew)
- wickedness · H7564רִשְׁעָה rishʻâh
- burneth · H1197בָּעַר bâʻar
- fire · H784אֵשׁ ʼêsh
- devour · H398אָכַל ʼâkal
- briers · H8068שָׁמִיר shâmîyr
- thorns · H7898שַׁיִת shayith
- kindle · H3341יָצַת yâtsath
- thickets · H5442סְבָךְ çᵉbâk
- forest · H3293יַעַר yaʻar
- up · H55אָבַךְ ʼâbak
- up · H1348גֵּאוּת gêʼûwth
- smoke · H6227עָשָׁן ʻâshân