James · chapter 1 · verse 20
James 1:20 in Hindi
क्योंकि मनुष्य का क्रोध परमेश्वर के धर्म का निर्वाह नहीं कर सकता है।
Kyonki manushy kaa krodh parameshvar ke dharm kaa nirvaah naheem kar sakataa hai.
James 1:20 in English
- King James Version (KJV)
- For the wrath of man worketh not the righteousness of God.
- World English Bible (WEB)
- for the anger of man doesn’t produce the righteousness of God.
- American Standard Version (ASV)
- for the wrath of man worketh not the righteousness of God.
- Bible in Basic English (BBE)
- For the righteousness of God does not come about by the wrath of man.
- Darby Translation (DBY)
- for man's wrath does not work God's righteousness.
- Webster's Bible (WBS)
- For the wrath of man worketh not the righteousness of God.
- Young's Literal Translation (YLT)
- for the wrath of a man the righteousness of God doth not work;
Read in context
- 18उस ने अपनी ही इच्छा से हमें सत्य के वचन के द्वारा उत्पन्न किया, ताकि हम उस की सृष्टि की हुई वस्तुओं में से एक प्रकार के प्रथम फल हों।।
- 19हे मेरे प्रिय भाइयो, यह बात तुम जानते हो: इसलिये हर एक मनुष्य सुनने के लिये तत्पर और बोलने में धीरा और क्रोध में धीमा हो।
- 20क्योंकि मनुष्य का क्रोध परमेश्वर के धर्म का निर्वाह नहीं कर सकता है।
- 21इसलिये सारी मलिनता और बैर भाव की बढ़ती को दूर करके, उस वचन को नम्रता से ग्रहण कर लो, जो हृदय में बोया गया और जो तुम्हारे प्राणों का उद्धार कर सकता है।
- 22परन्तु वचन पर चलनेवाले बनो, और केवल सुननेवाले ही नहीं जो अपने आप को धोखा देते हैं।
Cross references
- 2 Timothy 2:24–25 2 तीमुथियुस 2:24–25और प्रभु के दास को झगड़ालू होना न चाहिए, पर सब के साथ कोमल और शिक्षा में निपुण, और सहनशील हो। और विरोधियों को नम्रता से समझाए, क्या जाने परमेश्वर उन्हें मन फिराव का मन दे, कि वे भी सत्य को पहिचानें।
- Ephesians 4:26 इफिसियों 4:26क्रोध तो करो, पर पाप मत करो: सूर्य अस्त होने तक तुम्हारा क्रोध न रहे।
- James 3:17–18 याकूब 3:17–18पर जो ज्ञान ऊपर से आता है वह पहिले तो पवित्रा होता है फिर मिलनसार, कोमल और मृदुभाव और दया, और अच्छे फलों से लदा हुआ और पक्षपात और कपट रहित होता है। और मिलाप करानेवालों के लिये धार्मिकता का फल मेल- मिलाप के साथ बोया जाता है।।
- Numbers 20:11–12 गिनती 20:11–12तब मूसा ने हाथ उठाकर लाठी चट्टान पर दो बार मारी; और उस में से बहुत पानी फूट निकला, और मण्डली के लोग अपने पशुओं समेत पीने लगे। परन्तु मूसा और हारून से यहोवा ने कहा, तुम ने जो मुझ पर विश्वास नहीं किया, और मुझे इस्त्राएलियों की दृष्टि में पवित्रा नहीं ठहराया, इसलिये तुम इस मण्डली को उस देश में पहुंचाने न पाओगे जिसे मैं ने उन्हें दिया है।