2 Timothy · chapter 2 · verse 24
2 Timothy 2:24 in Hindi
और प्रभु के दास को झगड़ालू होना न चाहिए, पर सब के साथ कोमल और शिक्षा में निपुण, और सहनशील हो।
Aur prabhu ke daas ko jhagadaaloo honaa na chaahie, par sab ke saath komal aur shikshaa mem nipun, aur sahanasheel ho.
2 Timothy 2:24 in English
- King James Version (KJV)
- And the servant of the Lord must not strive; but be gentle unto all [men], apt to teach, patient,
- World English Bible (WEB)
- The Lord’s servant must not quarrel, but be gentle toward all, able to teach, patient,
- American Standard Version (ASV)
- And the Lord’s servant must not strive, but be gentle towards all, apt to teach, forbearing,
- Bible in Basic English (BBE)
- For it is not right for the Lord's servant to make trouble, but he is to be gentle to all, ready in teaching, putting up with wrong,
- Darby Translation (DBY)
- And a bondman of [the] Lord ought not to contend, but be gentle towards all; apt to teach; forbearing;
- Webster's Bible (WBS)
- And the servant of the Lord must not contend; but be gentle to all [men] , apt to teach, patient,
- Young's Literal Translation (YLT)
- and a servant of the Lord it behoveth not to strive, but to be gentle unto all, apt to teach, patient under evil,
Read in context
- 22जवानी की अभिलाषाओं से भाग; और जो शुद्ध मन से प्रभु का नाम लेते हैं, उन के साथ धर्म, और विश्वास, और प्रेम, और मेल- मिलाप का पीछा कर।
- 23पर मूर्खता, और अविद्या के विवादों से अलग रह; क्योंकि तू जानता है, कि उन से झगड़े होते हैं।
- 24और प्रभु के दास को झगड़ालू होना न चाहिए, पर सब के साथ कोमल और शिक्षा में निपुण, और सहनशील हो।
- 25और विरोधियों को नम्रता से समझाए, क्या जाने परमेश्वर उन्हें मन फिराव का मन दे, कि वे भी सत्य को पहिचानें।
- 26और इस के द्वारा उस की इच्छा पूरी करने के लिये सचेत होकर शैतान के फंदे से छूट जाए।।
Cross references
- Titus 3:2 तीतुस 3:2किसी को बदनाम न करें; झगडालू न हों: पर कोमल स्वभाव के हों, और सब मनुष्यों के साथ बड़ी नम्रता के साथ रहें।
- James 1:19–20 याकूब 1:19–20हे मेरे प्रिय भाइयो, यह बात तुम जानते हो: इसलिये हर एक मनुष्य सुनने के लिये तत्पर और बोलने में धीरा और क्रोध में धीमा हो। क्योंकि मनुष्य का क्रोध परमेश्वर के धर्म का निर्वाह नहीं कर सकता है।
- Titus 1:7 तीतुस 1:7क्योंकि अध्यक्ष को परमेश्वर का भण्डारी होने के कारण निर्दोष होना चाहिए; न हठी, न क्रोधी, न पियक्कड़, न मारपीट करनेवाला, और न नीच कमाई का लोभी।
- 1 Thessalonians 2:7 1 थिस्सलुनीकियों 2:7परन्तु जिस तरह माता अपने बालकों का पालन- पोषण करती है, वैसे ही हम ने भी तुम्हारे बीच में रहकर कोमलता दिखाई है।
- 1 Timothy 3:2–3 1 तीमुथियुस 3:2–3सो चाहिए, कि अध्यक्ष निर्दोष, और एक ही पत्नी का पति, संयमी, सुशील, सभ्य, पहुनाई करनेवाला, और सिखाने में निपुण हो। पियक्कड़ या मारपीट करनेवाला न हो; बरन कोमल हो, और न झगड़ालू, और न लोभी हो।
- Ephesians 4:2 इफिसियों 4:2अर्थात् सारी दीनता और नम्रता सहित, और धीरज धरकर प्रेम से एक दूसरे को सह लो।
- Philippians 2:14 फिलिप्पियों 2:14सब काम बिना कुड़कुड़ाए और बिना विवाद के किया करो।
- Philippians 2:3 फिलिप्पियों 2:3विरोध या झूठी बड़ाई के लिये कुछ न करो पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो।
- 1 Timothy 6:11 1 तीमुथियुस 6:11पर हे परमेश्वर के जन, तू इन बातों से भाग; और धर्म, भक्ति, विश्वास, प्रेम, धीरज, और नम्रता का पीछा कर।
- Colossians 3:13 कुलुस्सियों 3:13और यदि किसी को किसी पर दोष देने को कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो: जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो।
- 1 Peter 3:8 1 पतरस 3:8निदान, सब के सब एक मन और कृपामय और भाईचारे की प्रीति रखनेवाले, और करूणामय, और नम्र बनो।
- James 3:17 याकूब 3:17पर जो ज्ञान ऊपर से आता है वह पहिले तो पवित्रा होता है फिर मिलनसार, कोमल और मृदुभाव और दया, और अच्छे फलों से लदा हुआ और पक्षपात और कपट रहित होता है।
Original words (Greek)
- And · G1161δέ dé
- servant · G1401δοῦλος doûlos
- Lord · G2962κύριος kýrios
- must · G1163δεῖ deî
- not · G3756οὐ ou
- strive · G3164μάχομαι máchomai
- but · G235ἀλλά allá
- be · G1511εἶναι eînai
- gentle · G2261ἤπιος ḗpios
- unto · G4314πρός prós
- all · G3956πᾶς pâs
- teach · G1317διδακτικός didaktikós
- patient · G420ἀνεξίκακος anexíkakos