James · chapter 3 · verse 4
James 3:4 in Hindi
देखो, जहाज भी, यद्यपि ऐसे बड़े होते हैं, और प्रचण्ड वायु से चलाए जाते हैं, तौभी एक छोटी सी पतवार के द्वारा मांझी की इच्छा के अनुसार घुमाए जाते हैं।
Dekho, jahaaj bhee, yadyapi aise bade hote haim, aur prachand vaayu se chalaae jaate haim, taubhee ek chhotee see patavaar ke dvaaraa maanjhee kee ichchhaa ke anusaar ghumaae jaate hain.
James 3:4 in English
- King James Version (KJV)
- Behold also the ships, which though [they be] so great, and [are] driven of fierce winds, yet are they turned about with a very small helm, whithersoever the governor listeth.
- World English Bible (WEB)
- Behold, the ships also, though they are so big and are driven by fierce winds, are yet guided by a very small rudder, wherever the pilot desires.
- American Standard Version (ASV)
- Behold, the ships also, though they are so great and are driven by rough winds, are yet turned about by a very small rudder, whither the impulse of the steersman willeth.
- Bible in Basic English (BBE)
- And again ships, though they are so great and are moved by violent winds, are turned by a very small guiding-blade, at the impulse of the man who is using it.
- Darby Translation (DBY)
- Behold also the ships, which are so great, and driven by violent winds, are turned about by a very small rudder, wherever the pleasure of the helmsman will.
- Webster's Bible (WBS)
- Behold also the ships, which though they are so great, and [are] driven by fierce winds, yet they are turned about with a very small helm, withersoever the governor willeth.
- Young's Literal Translation (YLT)
- lo, also the ships, being so great, and by fierce winds being driven, are led about by a very small helm, whithersoever the impulse of the helmsman doth counsel,
Read in context
- 2इसलिये कि हम सब बहुत बार चूक जाते हैं: जो कोई वचन में नहीं चूकता, वही तो सिद्ध मनुष्य है; और सारी देह पर भी लगाम लगा सकता है।
- 3जब हम अपने वश में करने के लिये घोड़ों के मुंह में लगाम लगाते हैं, तो हम उन की सारी देह को भी फेर सकते हैं।
- 4देखो, जहाज भी, यद्यपि ऐसे बड़े होते हैं, और प्रचण्ड वायु से चलाए जाते हैं, तौभी एक छोटी सी पतवार के द्वारा मांझी की इच्छा के अनुसार घुमाए जाते हैं।
- 5वैसे ही जीभ भी एक छोटा सा अंग है और बड़ी बड़ी डींगे मारती है: देखो, थोड़ी सी आग से कितने बड़े बन में आग लग जाती है।
- 6जीभ भी एक आग है: भी हमारे अंगों में अधर्म का एक लोक है और सारी देह पर कलंक लगाती है, और भवचक्र में आग लगा देती है और नरक कुण्ड की आग से जलती रहती है।
Cross references
- Matthew 8:24 मत्ती 8:24और देखो, झील में एक एसा बड़ा तूफान उठा कि नाव लहरों से ढंपने लगी; और वह सो रहा था।
- Acts 27:14–38 प्रेरितों के काम 27:14–38परन्तु थोड़ी देर में वहां से एक बड़ी आंधी उठी, जो यूरकुलीन कहलाती है। जब यह जहाज पर लगी, तब वह हवा के साम्हने ठहर न सका, सो हम ने उसे बहने दिया, और इसी तरह बहते हुए चले गए। तब कौदा नाम एक छोटे से टापू की आड़ में बहते बहते हम कठिनता से डोंगी को वश मे कर सके। मल्लाहों ने उसे उठाकर, अनेक उपाय करके जहाज को नीचे से बान्धा, और सुरतिस के चोरबालू पर टिक जाने के भय से पाल और सामान उतार कर, बहते हुए चले गए। और जब हम ने आंधी से बहुत हिचकोले और धक्के खाए, तो दूसरे दिन वे जहाज का माल फेंकने लगे। और तीसरे दिन उन्हों ने अपने हाथों से जहाज का सामान फेंक दिया। और तीसरे दिन उन्हों ने अपने हाथों से जहाज का सामान फेंक दिया। और जब बहुत दिों तक न सूर्य न तारे दिखाई दिए, और बड़ी आंधी चल रही थी, तो अन्त में हमारे बचने की सारी आशा जाती रही। जब वे बहुत उपवास कर चुके, तो पौलुस ने उन के बीच में खड़ा होकर कहा; हे लोगो, चाहिए था कि तुम मेरी बात मानकर, क्रेते से न जहाज खोलते और न यह बिपत और हाति उठाते। परन्तु अब मैं तुम्हें समझाता हूं, कि ढाढ़स बान्धो; क्योंकि तुम में से किसी के प्राण की हानि न होगी, केवल जहाज की। क्योंकि परमेश्वर जिस का मैं हूं, और जिस की सेवा करता हूं, उसके स्वर्गदूत ने आज रात मेरे पास आकर कहा। हे पौलुस, मत डर; तुझे कैसर के साम्हने खड़ा होना अवश्य है: और देख, परमेश्वर ने सब को जो तेरे साथ यात्रा करते हैं, तुझे दिया है। इसलिये, हे सज्जनों ढाढ़स बान्धों; क्योंकि मैं परमेश्वर की प्रतीति करता हूं, कि जैसा मुझ से कहा गया है, वैसा ही होगा। परन्तु हमें किसी टापू पर जा टिकना होगा।। जब चौदहवीं रात हुई, और हम अद्रिया समुद्र में टकराते फिरते थे, तो आधी रात के निकट मल्लाहों ने अटकल से जाना, कि हम किसी देश के निकट पहुंच रहे हैं। और थाह लेकर उन्हों ने बीस पुरसा गहरा पाया और थोड़ा आगे बढ़कर फिर थाह ली, तो पन्द्रह पुरसा पाया। तब पत्थरीली जगहों पर पड़ने के डर से उन्हों ने जहाज की पिछाड़ी चार लंगर डाले, और भोर का होना मनाते रहे। परन्तु जब मल्लाह जहाज पर से भागना चाहते थे, और गलही से लंगर डालने के बहाने डोंगी समुद्र में उतार दी। तो पौलुस ने सूबेदार और सिपाहियों से कहा; यदि ये जहाज पर न रहें, तो तुम नहीं बच सकते। तब सिपाहियों ने रस्से काटकर डोंगी गिरा दो। जब भोर होने पर था, तो पौलुस ने यह कहके, सब को भोजन करने को समझाया, कि आज चौदह दिन हुए कि तुम आस देखते देखते भूखे रहे, और कुछ भोजन न किया। इसलिये तुम्हें समझाता हूं; कि कुछ खा लो, जिस से तुम्हारा बचाव हो; क्योंकि तुम में से किसी के सिर पर एक बाल भी न गिरेगा। और यह कहकर उस ने रोटी लेकर सब के साम्हने परमेश्वर का धन्यवाद किया; और तोड़कर खाने लगा। तब वे सब भी ढाढ़स बान्धकर भोजन करने लगे। हम सब मिलकर जहाज पर दो सौ छिहत्तर जन थे। जब वे भोजन करके तृप्त हुए, तो गेंहू को समुद्र में फेंक कर जहाज हल्का करने लगे।
- Psalm 107:25–27 भजन संहिता 107:25–27क्योंकि वह आज्ञा देता है, वह प्रचण्ड बयार उठकर तरंगों को उठाती है। वे आकाश तक चढ़ जाते, फिर गहराई में उतर आते हैं; और क्लेश के मारे उनके जी में जी नहीं रहता; वे चक्कर खाते, और मतवाले की नाई लड़खड़ाते हैं, और उनकी सारी बुद्धि मारी जाती है।
Original words (Greek)
- Behold · G2400ἰδού idoú
- also · G2532καί kaí
- ships · G4143πλοῖον ploîon
- though · G5607ὤν ṓn
- great · G5082τηλικοῦτος tēlikoûtos
- and · G2532καί kaí
- driven · G1643ἐλαύνω elaúnō
- of · G5259ὑπό hypó
- fierce · G4642σκληρός sklērós
- winds · G417ἄνεμος ánemos
- about · G3329μετάγω metágō
- with · G5259ὑπό hypó
- small · G1646ἐλάχιστος eláchistos
- helm · G4079πηδάλιον pēdálion
- whithersoever · G3699ὅπου hópou
- governor · G3730ὁρμή hormḗ
- listeth · G1014βούλομαι boúlomai