James · chapter 4 · verse 5
James 4:5 in Hindi
क्या तुम यह समझते हो, कि पवित्रा शास्त्रा व्यर्थ कहता है? जिस आत्मा को उस ने हमारे भीतर बसाया है, क्या वह ऐसी लालसा करता है, जिस का प्रतिफल डाह हो?
Kyaa tum yah samajhate ho, ki pavitraa shaastraa vyarth kahataa hai? Jis aatmaa ko us ne hamaare bheetar basaayaa hai, kyaa vah aisee laalasaa karataa hai, jis kaa pratiphal daah ho?
James 4:5 in English
- King James Version (KJV)
- Do ye think that the scripture saith in vain, The spirit that dwelleth in us lusteth to envy?
- World English Bible (WEB)
- Or do you think that the Scripture says in vain, “The Spirit who lives in us yearns jealously”?
- American Standard Version (ASV)
- Or think ye that the scripture speaketh in vain? Doth the spirit which he made to dwell in us long unto envying?
- Bible in Basic English (BBE)
- Or does it seem to you that it is for nothing that the holy Writings say, The spirit which God put into our hearts has a strong desire for us?
- Darby Translation (DBY)
- Think ye that the scripture speaks in vain? Does the Spirit which has taken his abode in us desire enviously?
- Webster's Bible (WBS)
- Do ye think that the scripture saith in vain, The spirit that dwelleth in us lusteth to envy?
- Young's Literal Translation (YLT)
- Do ye think that emptily the Writing saith, 'To envy earnestly desireth the spirit that did dwell in us,'
Read in context
- 3तुम मांगते हो और पाते नहीं, इसलिये कि बुरी इच्छा से मांगते हो, ताकि अपने भोग विलास में उड़ा दो।
- 4हे व्यभिचारिणियों, क्या तुम नहीं जानतीं, कि संसार से मित्राता करनी परमेश्वर से बैर करना है? सो जो कोई संसार का मित्रा होना चाहता है, वह अपने आप को परमेश्वर का बैरी बनाता है।
- 5क्या तुम यह समझते हो, कि पवित्रा शास्त्रा व्यर्थ कहता है? जिस आत्मा को उस ने हमारे भीतर बसाया है, क्या वह ऐसी लालसा करता है, जिस का प्रतिफल डाह हो?
- 6वह तो और भी अनुग्रह देता है; इस कारण यह लिखा है, कि परमेश्वर अभिमानियों से विरोध करता है, पर दीनों पर अनुग्रह करता है।
- 7इसलिये परमेश्वर के आधीन हो जाओ; और शैतान का साम्हना करो, तो वह तुम्हारे पास से भाग निकलेगा।
Cross references
- 2 Corinthians 6:16 2 कुरिन्थियों 6:16और मूरतों के साथ परमेश्वर के मन्दिर का क्या सम्बन्ध? क्योंकि हम तो जीवते परमेश्वर का मन्दिर हैं; जैसा परमेश्वर ने कहा है कि मैं उन में बसूंगा और उन में चला फिरा करूंगा; और मैं उन का परमेश्वर हूंगा, और वे मेरे लोग होंगे।
- 1 Corinthians 6:19 1 कुरिन्थियों 6:19क्या तुम नहीं जानते, कि तुम्हारी देह पवित्रात्मा का मन्दिर है; जो तुम में बसा हुआ है और तुम्हें परमेश्वर की ओर से मिला है, और तुम अपने नहीं हो?
- Numbers 11:29 गिनती 11:29मूसा ने उन से कहा, क्या तू मेरे कारण जलता है? भला होता कि यहोवा की सारी प्रजा के लोग नबी होते, और यहोवा अपना आत्मा उन सभों में समवा देता!
- Titus 3:3 तीतुस 3:3क्योंकि हम भी पहिले, निर्बुद्धि, और आज्ञा न माननेवाले, और भ्रम में पड़े हुए, और रंग रंग के अभिलाषाओं और सुखविलास के दासत्व में थे, और बैरभाव, और डाह करने में जीवन निर्वाह करते थे, और घृणित थे, और एक दूसरे से बैर रखते थे।
- Psalm 37:1 भजन संहिता 37:1कुकर्मियों के कारण मत कुढ़, कुटिल काम करनेवालों के विषय डाह न कर!
- Genesis 8:21 उत्पत्ति 8:21इस पर यहोवा ने सुखदायक सुगन्ध पाकर सोचा, कि मनुष्य के कारण मैं फिर कभी भूमि को शाप न दूंगा, यद्यपि मनुष्य के मन में बचपन से जो कुछ उत्पन्न होता है सो बुरा ही होता है; तौभी जैसा मैं ने सब जीवों को अब मारा है, वैसा उनको फिर कभी न मारूंगा।
Original words (Greek)
- Do · G2228ἤ ḗ
- think · G1380δοκέω dokéō
- that · G3754ὅτι hóti
- scripture · G1124γραφή graphḗ
- saith · G3004λέγω légō
- vain · G2761κενῶς kenōs
- spirit · G4151πνεῦμα pneûma
- that · G3739ὅς hós
- dwelleth · G2730κατοικέω katoikéō
- in · G1722ἐν en
- us · G2254ἡμῖν hēmîn
- lusteth · G1971ἐπιποθέω epipothéō
- to · G4314πρός prós
- envy · G5355φθόνος phthónos