James · chapter 5 · verse 15
James 5:15 in Hindi
और विश्वास की प्रार्थना के द्वारा रोगी बच जाएगा और प्रभु उस को उठा कर खड़ा करेगा; और यदि उस ने पाप भी किए हों, तो उन की भी क्षमा हो जाएगी।
Aur vishvaas kee praarthanaa ke dvaaraa rogee bach jaaegaa aur prabhu us ko uthaa kar khadaa karegaa; aur yadi us ne paap bhee kie hom, to un kee bhee kshamaa ho jaaegee.
James 5:15 in English
- King James Version (KJV)
- And the prayer of faith shall save the sick, and the Lord shall raise him up; and if he have committed sins, they shall be forgiven him.
- World English Bible (WEB)
- and the prayer of faith will heal him who is sick, and the Lord will raise him up. If he has committed sins, he will be forgiven.
- American Standard Version (ASV)
- and the prayer of faith shall save him that is sick, and the Lord shall raise him up; and if he have committed sins, it shall be forgiven him.
- Bible in Basic English (BBE)
- And by the prayer of faith the man who is ill will be made well, and he will be lifted up by the Lord, and for any sin which he has done he will have forgiveness.
- Darby Translation (DBY)
- and the prayer of faith shall heal the sick, and the Lord shall raise him up; and if he be one who has committed sins, it shall be forgiven him.
- Webster's Bible (WBS)
- And the prayer of faith will save the sick, and the Lord will raise him up; and if he hath committed sins, they will be forgiven him.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and the prayer of the faith shall save the distressed one, and the Lord shall raise him up, and if sins he may have committed, they shall be forgiven to him.
Read in context
- 13यदि तुम में कोई दुखी हो तो वह प्रार्थना करे: यदि आनन्दित हो, तो वह स्तुति के भजन गाए।
- 14यदि तुम में कोई रोगी हो, तो कलीसिया के प्राचीनों को बुलाए, और वे प्रभु के नाम से उस पर तेल मल कर उसके लिये प्रार्थना करें।
- 15और विश्वास की प्रार्थना के द्वारा रोगी बच जाएगा और प्रभु उस को उठा कर खड़ा करेगा; और यदि उस ने पाप भी किए हों, तो उन की भी क्षमा हो जाएगी।
- 16इसलिये तुम आपस में एक दूसरे के साम्हने अपने अपने पापों को मान लो; और एक दूसरे के लिये प्रार्थना करो, जिस से चंगे हो जाओ; धर्मी जन की प्रार्थना के प्रभाव से बहुत कुछ हो सकता है।
- 17एलिय्याह भी तो हमारे समान दुख-सुख भोगी मनुष्य था; और उस ने गिड़िगड़ा कर प्रार्थना की; कि मेंह न बरसे; और साढ़े तीन वर्ष तक भूमि पर मेंह नहीं बरसा।
Cross references
- 1 John 5:14–16 1 यूहन्ना 5:14–16और हमें उसके साम्हने जो हियाव होता है, वह यह है; कि यदि हम उस की इच्छा के अनुसार कुछ मांगते हैं, तो हमारी सुनता है। और जब हम जानते हैं, कि जो कुछ हम मांगते हैं वह हमारी सुनता है, तो यह भी जानते हैं, कि जो कुछ हम ने उस से मांगा, वह पाया है। यदि कोई अपने भाई को ऐसा पाप करते देखे, जिस का फल मृत्यु न हो, तो बिनती करे, और परमेश्वर, उसे, उन के लिये, जिन्हों ने ऐसा पाप किया है जिस का फल मृत्यु है: इस के विषय में मै बिनती करने के लिये नहीं कहता।
- James 5:13 याकूब 5:13यदि तुम में कोई दुखी हो तो वह प्रार्थना करे: यदि आनन्दित हो, तो वह स्तुति के भजन गाए।
- James 5:16 याकूब 5:16इसलिये तुम आपस में एक दूसरे के साम्हने अपने अपने पापों को मान लो; और एक दूसरे के लिये प्रार्थना करो, जिस से चंगे हो जाओ; धर्मी जन की प्रार्थना के प्रभाव से बहुत कुछ हो सकता है।
- Matthew 21:21–22 मत्ती 21:21–22यीशु ने उन को उत्तर दिया, कि मैं तुम से सच कहता हूं; यदि तुम विश्वास रखो, और सन्देह न करो; तो न केवल यह करोगे, जो इस अंजीर के पेड़ से किया गया है; परन्तु यदि इस पहाड़ से भी कहोगे, कि उखड़ जो; और समुद्र में जा पड़, तो यह हो जाएगा। और जो कुछ तुम प्रार्थना में विश्वास से मांगोगे वह सब तुम को मिलेगा।।
- James 1:6 याकूब 1:6पर विश्वास से मांगे, और कुछ सन्देह न करे; क्योंकि सन्देह करनेवाला समुद्र की लहर के समान है जो हवा से बहती और उछलती है।
- Matthew 17:20 मत्ती 17:20उस ने उन से कहा, अपने विश्वास की घटी के कारण: क्योंकि मैं तुम से सच कहता हूं, यदि तुम्हारा विश्वास राई के दाने के बराबर भी हो, तो इस पहाड़ से कह सकोगे, कि यहां से सरककर वहां चला जा, तो वह चला जाएगा; और कोई बात तुम्हारे लिये अन्होनी न होगी।
- Mark 2:5–11 मरकुस 2:5–11यीशु न, उन का विश्वास देखकर, उस झोले के मारे हुए से कहा; हे पुत्रा, तेरे पाप क्षमा हुए। तब कई एक शास्त्री जो वहां बैठे थे, अपने अपने मन में विचार करने लगे। कि यह मनुष्य क्यों ऐसा कहता है? यह तो परमेश्वर की निन्दा करता है, परमेश्वर को छोड़ और कोन पाप क्षमा कर सकता है? यीशु ने तुरन्त अपनी आत्मा में जान लिया, कि वे अपने अपने मन में ऐसा विचार कर रहे हैं, और उन से कहा, तुम अपने अपने मन में यह विचार क्यों कर रहे हो? सहज क्या है? क्या झोले के मारे से यह कहता कि तेरे पाप क्षमा हुए, या यह कहना, कि उठ अपनी खाट उठा कर चल फिर? परन्तु जिस से तुम जान लो कि मनुष्य के पुत्रा को पृथ्वी पर पाप क्षमा करने का भी अधिकार है (उस ने उस झोले के मारे हुए से कहा)। मैं तुझ से कहता हूं; उठ, अपनी खाट उठाकर अपने घर चला जा।
- Isaiah 33:24 यशायाह 33:24कोई निवासी न कहेगा कि मैं रोगी हूं; और जो लाग उस में बसेंगे, उनका अधर्म क्षमा किया जाएगा।।
- Mark 16:17–18 मरकुस 16:17–18और विश्वास करने वालों में ये चिन्ह होंगे कि वे मेरे नाम से दुष्टात्माओं को निकालेंगे। नई नई भाषा बोलेंगे, सांपों को उठा लेंगे, और यदि वे नाशक वस्तु भी पी जांए तौभी उन की कुछ हानि न होगी, वे बीमारों पर हाथ रखेंगे, और वे चंगे हो जाएंगे।
- John 5:14 यूहन्ना 5:14इन बातों के बाद वह यीशु को मन्दिर में मिला, तब उस न उस से कहा, देख, तू तो चंगा हो गया है; फिर से पाप मत करना, ऐसा न हो कि इस से कोई भारी विपत्ति तुझ पर आ पड़े।
- Mark 11:22–24 मरकुस 11:22–24यीशु ने उस को उत्तर दिया, कि परमेश्वर पर विश्वास रखो। मैं तुम से सच कहता हूं कि जो कोई इस पहाड़ से कहे; कि तू उखड़ जा, और समुद्र में जा पड़, और अपने मन में सन्देह न करे, वरन प्रतीति करे, कि जो कहता हूं वह हो जाएगा, तो उसके लिये वही होगा। इसलिये मैं तुम से कहता हूं, कि जो कुछ तुम प्रार्थना करके मांगों तो प्रतीति कर लो कि तुम्हें मिल गया, और तुम्हारे लिये हो जाएगा।
- 1 Corinthians 11:30–32 1 कुरिन्थियों 11:30–32इसी कारण तुम में से बहुत से निर्बल और रोगी हैं, और बहुत से सो भी गए। यदि हम अपने आप में जांचते, तो दण्ड न पाते। परन्तु प्रभु हमें दण्ड देकर हमारी ताड़ना करता है इसलिये कि हम संसार के साथ दोषी न ठहरें।
Original words (Greek)
- And · G2532καί kaí
- prayer · G2171εὐχή euchḗ
- faith · G4102πίστις pístis
- save · G4982σώζω sṓzō
- sick · G2577κάμνω kámnō
- and · G2532καί kaí
- Lord · G2962κύριος kýrios
- raise · G1453ἐγείρω egeírō
- him · G846αὐτός autós
- up · G1453ἐγείρω egeírō
- if · G2579κἄν kán
- committed · G4160ποιέω poiéō
- sins · G266ἁμαρτία hamartía
- they · G863ἀφίημι aphíēmi
- be · G5600ὦ ō
- forgiven · G863ἀφίημι aphíēmi
- him · G846αὐτός autós