James · chapter 5 · verse 16
James 5:16 in Hindi
इसलिये तुम आपस में एक दूसरे के साम्हने अपने अपने पापों को मान लो; और एक दूसरे के लिये प्रार्थना करो, जिस से चंगे हो जाओ; धर्मी जन की प्रार्थना के प्रभाव से बहुत कुछ हो सकता है।
Isaliye tum aapas mem ek doosare ke saamhane apane apane paapom ko maan lo; aur ek doosare ke liye praarthanaa karo, jis se change ho jaao; dharmee jan kee praarthanaa ke prabhaav se bahut kuchh ho sakataa hai.
James 5:16 in English
- King James Version (KJV)
- Confess [your] faults one to another, and pray one for another, that ye may be healed. The effectual fervent prayer of a righteous man availeth much.
- World English Bible (WEB)
- Confess your sins to one another and pray for one another, that you may be healed. The insistent prayer of a righteous person is powerfully effective.
- American Standard Version (ASV)
- Confess therefore your sins one to another, and pray one for another, that ye may be healed. The supplication of a righteous man availeth much in its working.
- Bible in Basic English (BBE)
- So then, make a statement of your sins to one another, and say prayers for one another so that you may be made well. The prayer of a good man is full of power in its working.
- Darby Translation (DBY)
- Confess therefore your offences to one another, and pray for one another, that ye may be healed. [The] fervent supplication of the righteous [man] has much power.
- Webster's Bible (WBS)
- Confess [your] faults one to another, and pray one for another, that ye may be healed. The effectual fervent prayer of the righteous man availeth much.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Be confessing to one another the trespasses, and be praying for one another, that ye may be healed; very strong is a working supplication of a righteous man;
Read in context
- 14यदि तुम में कोई रोगी हो, तो कलीसिया के प्राचीनों को बुलाए, और वे प्रभु के नाम से उस पर तेल मल कर उसके लिये प्रार्थना करें।
- 15और विश्वास की प्रार्थना के द्वारा रोगी बच जाएगा और प्रभु उस को उठा कर खड़ा करेगा; और यदि उस ने पाप भी किए हों, तो उन की भी क्षमा हो जाएगी।
- 16इसलिये तुम आपस में एक दूसरे के साम्हने अपने अपने पापों को मान लो; और एक दूसरे के लिये प्रार्थना करो, जिस से चंगे हो जाओ; धर्मी जन की प्रार्थना के प्रभाव से बहुत कुछ हो सकता है।
- 17एलिय्याह भी तो हमारे समान दुख-सुख भोगी मनुष्य था; और उस ने गिड़िगड़ा कर प्रार्थना की; कि मेंह न बरसे; और साढ़े तीन वर्ष तक भूमि पर मेंह नहीं बरसा।
- 18फिर उस ने प्रार्थना की, तो आकाश से वर्षा हुई, और भूमि फलवन्त हुई॥
Cross references
- Jeremiah 29:12–13 यिर्मयाह 29:12–13तब उस समय तुम मुझ को पुकारोगे और आकर मुझ से प्रार्थना करोगे और मैं तुम्हारी सुनूंगा। तुम मुझे ढूंढ़ोगे और पाओगे भी; क्योंकि तुम अपने सम्पूर्ण मन से मेरे पास आओगे।
- Proverbs 15:29 नीतिवचन 15:29यहोवा दुष्टों से दूर रहता है, परन्तु धर्मियों की प्रार्थना सुनता है।
- Matthew 21:22 मत्ती 21:22और जो कुछ तुम प्रार्थना में विश्वास से मांगोगे वह सब तुम को मिलेगा।।
- Psalm 34:15 भजन संहिता 34:15यहोवा की आंखे धर्मियों पर लगी रहती हैं, और उसके कान भी उसकी दोहाई की ओर लगे रहते हैं।
- John 9:31 यूहन्ना 9:31हम जानते हैं कि परमेश्वर पापियों की नहीं सुनता परन्तु यदि कोई परमेश्वर का भक्त हो, और उस की इच्छा पर चलता है, तो वह उस की सुनता है।
- Psalm 145:18–19 भजन संहिता 145:18–19जिनते यहोवा को पुकारते हैं, अर्थात् जितने उसको सच्चाई से पुकारते हें; उन सभों के वह निकट रहता है। वह अपने डरवैयों की इच्छा पूरी करता है, ओर उनकी दोहाई सुनकर उनका उद्धार करता है।
- Jeremiah 33:3 यिर्मयाह 33:3मुझ से प्रार्थना कर और मैं तेरी सुन कर तुझे बढ़ी-बड़ी और कठिन बातें बताऊंगा जिन्हें तू अभी नहीं समझता।
- 1 Peter 2:24 1 पतरस 2:24वह आप ही हमारे पापों को अपनी देह पर लिए हुए क्रूस पर चढ़ गया जिस से हम पापों के लिये मर करके धार्मिकता के लिये जीवन बिताएं: उसी के मार खाने से तुम चंगे हुए।
- Matthew 7:7–11 मत्ती 7:7–11क्योंकि जो कोई मांगता है, उसे मिलता है; और जो ढूंढ़ता है, वह पाता है? और जो खटखटाता है, उसके लिये खोला जाएगा। तुम में से ऐसा कौन मनुष्य है, कि यदि उसका पुत्रा उस से रोटी मांगे, तो वह उसे पत्थर दे? वा मछली मांगे, तो उसे सांप दे? सो जब तुम बुरे होकर, अपने बच्चों को अच्छी वस्तुएं देना जानते हो, तो तुम्हारा स्वर्गीय पिता अपने मांगनेवालों को अच्छी वस्तुएं क्यों न देगा? इस कारण जो कुछ तुम चाहते हो, कि मनुष्य तुम्हारे साथ करें, तुम भी उन के साथ वैसा ही करो; क्योंकि व्यवस्था और भविष्यद्वक्तओं की शिक्षा यही है।।
- 1 John 3:22 1 यूहन्ना 3:22और जो कुछ हम मांगते हैं, वह हमें उस से मिलता है; क्योंकि हम उस की आज्ञाओं को मानते हैं; और जो उसे भाता है वही करते हैं।
- Daniel 9:20–22 दानिय्येल 9:20–22इस प्रकार मैं प्रार्थना करता, और अपने और अपने इस्राएली जाति भाइयों के पाप का अंगीकार करता हुआ, अपने परमेश्वर यहोवा के सम्मुख उसके पवित्रा पर्वत के लिये गिड़गिड़ाकर बिनती करता ही था, तब वह पुरूष जिब्राएल जिस मैं ने उस समय देखा जब मुझे पहिले दर्शन हुआ था, उस ने वेग से उड़ने की आज्ञा पाकर, सांझ के अन्नबलि के समय मुझ को छू लिया; और मुझे समझाकर मेरे साथ बातें करने लगा। उस ने मुझ से कहा, हे दानिरयेल, मैं तुझे बुद्धि और प्रविणता देने को अभी निकल आया हूं।
- Proverbs 15:8 नीतिवचन 15:8दुष्ट लोगों के बलिदान से यहोवा धृणा करता है, परन्तु वह सीधे लोगों की प्रार्थना से प्रसन्न होता है।
Original words (Greek)
- Confess · G1843ἐξομολογέω exomologéō
- faults · G3900παράπτωμα paráptōma
- another · G240ἀλλήλων allḗlōn
- and · G2532καί kaí
- pray · G2172εὔχομαι eúchomai
- one · G240ἀλλήλων allḗlōn
- for · G5228ὑπέρ hypér
- another · G240ἀλλήλων allḗlōn
- that · G3704ὅπως hópōs
- healed · G2390ἰάομαι iáomai
- fervent · G1754ἐνεργέω energéō
- prayer · G1162δέησις déēsis
- man · G1342δίκαιος díkaios
- availeth · G2480ἰσχύω ischýō
- much · G4183πολύς polýs