Jeremiah · chapter 10 · verse 8
Jeremiah 10:8 in Hindi
परन्तु वे पशु सरीखे निरे मूर्ख हैं; मूर्त्तियों से क्या शिक्षा? वे तो काठ ही हैं!
Parantu ve pashu sareekhe nire moorkh haim; moorttiyom se kyaa shikshaa? Ve to kaath hee haim!
Jeremiah 10:8 in English
- King James Version (KJV)
- But they are altogether brutish and foolish: the stock [is] a doctrine of vanities.
- World English Bible (WEB)
- But they are together brutish and foolish, instructed by idols! It is just wood.
- American Standard Version (ASV)
- But they are together brutish and foolish: the instruction of idols! it is but a stock.
- Bible in Basic English (BBE)
- But they are together like beasts and foolish: the teaching of false gods is wood.
- Darby Translation (DBY)
- But they are one and all senseless and foolish; the teaching of vanities is a stock.
- Webster's Bible (WBS)
- But they are altogether brutish and foolish: the stock [is] a doctrine of vanities.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And in one they are brutish and foolish, An instruction of vanities [is] the tree itself.
Read in context
- 6हे यहोवा, तेरे समान कोई नहीं है; तू महान है, और तेरा नाम पराक्रम में बड़ा है।
- 7हे सब जातियों के राजा, तुझ से कौन न डरेगा? क्योंकि यह तेरे योग्य है; अन्यजातियों के सारे बुध्दिमानों में, और उनके सारे राज्यों में तेरे समान कोई नहीं है।
- 8परन्तु वे पशु सरीखे निरे मूर्ख हैं; मूर्त्तियों से क्या शिक्षा? वे तो काठ ही हैं!
- 9पत्तर बनाई हुई चान्दी तश श से लाई जाती है, और उफाज से सोना। वे कारीगर और सुनार के हाथों की कारीगरी हैं; उनके पहिरावे नीले और बैंजनी रंग के वस्त्रा हैं; उन में जो कुछ है वह निपुण कारीगरों की कारीगरी ही है।
- 10परन्तु यहोवा वास्तव में परमेश्वर है; जीवित परमेश्वर और सदा का राजा वही है। उसके प्रकोप से पृथ्वी कांपती है, और जाति जाति के लोग उसके क्रोध को सह नहीं सकते।
Cross references
- Jeremiah 10:14 यिर्मयाह 10:14सब मनुष्य पशु सरीखे ज्ञानरहित हैं; अपनी खोदी हुई मूरतों के कारण सब सुनारों की आशा टूटती है; क्योंकि उनकी ढाली हुई मूरतें झूठी हैं, और उन में सांस ही नहीं है।
- Zechariah 10:2 जकर्याह 10:2क्योंकि गृहदेवता अनर्थ बात कहते और भावी कहनेवाले झूठा दर्शन देखते और झूठे स्वपन सुनाते, और व्यर्थ शान्ति देते हैं। इस कारण लोग भेड़- बकरियों की नाईं भटक गए; और चरवाहे न होने के कारण दुर्दशा में पड़े हैं।।
- Isaiah 41:29 यशायाह 41:29सुनो, उन सभों के काम अनर्थ हैं; उनके काम तुच्छ हैं, और उनकी ढली हुई मूत्तियां वायु और मिथ्या हैं।।
- Habakkuk 2:18 हबक्कूक 2:18खुदी हुई मूरत में क्या लाभ देखकर बनानेवाले ने उसे खोदा है? फिर झूठ सिखानेवाली और ढली हुई मूरत में क्या लाभ देखकर ढालनेवाले ने उस पर इतना भरोसा रखा है कि न बोलनेवाली और निकम्मी मूरत बनाए?
- Romans 1:21–22 रोमियों 1:21–22इस कारण कि परमेश्वर को जानने पर भी उन्हों ने परमेश्वर के योग्य बड़ाई और धन्यवाद न किया, परन्तु व्यर्थ विचार करने लगे, यहां तक कि उन का निर्बुद्धि मन अन्धेरा हो गया। वे अपने आप को बुद्धिमान जताकर मूर्ख बन गए।
- Psalm 115:8 भजन संहिता 115:8जैसी वे हैं वैसे ही उनके बनानेवाले हैं; और उन पर भरोसा रखनेवाले भी वैसे ही हो जाएंगे।।
- Jeremiah 51:17–18 यिर्मयाह 51:17–18सब मनुष्य पशु सरीखे ज्ञानरहित है; सब सोनारों को अपनी खोदी हुई मूरतों के कारण लज्जित होना पड़ेगा; क्योंकि उनकी ढाली हुई मूरतें धोखा देनेवाली हैं, और उनके कुछ भी सांस नहीं चलती। वे तो व्यर्थ और ठट्ठे ही के योग्य है; जब उनके नाश किए जाने का समय आएगा, तब वे नाश ही होंगी।
- Psalm 135:18 भजन संहिता 135:18जैसी वे हैं वैसे ही उनके बनानेवाले भी हैं; और उन पर सब भरोसा रखनेवाले भी वैसे ही हो जाएंगे!
- Isaiah 44:19 यशायाह 44:19कोई इस पर ध्यान नहीं करता, और न किसी को इतना ज्ञान वा समझ रहती है कि कह सके, उसका एक भाग तो मैं ने जला दिया और उसके कोयलों पर रोटी बनाई; और मांस भूनकर खाया है; फिर क्या मैं उसके बचे हुए भाग को घिनौनी वस्तु बनाऊं? क्या मैं काठ को प्रणाम करूं?
- Jeremiah 4:22 यिर्मयाह 4:22क्योंकि मेरी प्रजा मूढ़ है, वे मुझे नहीं जानते; वे ऐसे मूर्ख लड़के हैं जिन में कुछ भी समझ नहीं। बुराई करने को तो वे बुध्दिमान हैं, परन्तु भलाई करना वे नहीं जानते।
- Hosea 4:12 होशे 4:12मेरी प्रजा के लोग काठ के पुतले से प्रश्न करते हैं, और उनकी छड़ी उनको भविष्य बताती है। क्योंकि छिनाला करानेवाली आत्मा ने उन्हें बहकाया है, और वे अपने परमेश्वर की अधीनता छोड़कर छिनाला करते हैं।
- Jeremiah 2:27 यिर्मयाह 2:27वे काठ से कहते हैं, तू मेरा बाप है, और पत्थर से कहते हैं, तू ने मुझे जन्म दिया है। इस प्रकार उन्हों ने मेरी ओर मुंह नहीं पीठ ही फेरी है; परन्तु विपत्ति के समय वे कहते हैं, उठकर हमें बचा!