Jeremiah · chapter 51 · verse 17
Jeremiah 51:17 in Hindi
सब मनुष्य पशु सरीखे ज्ञानरहित है; सब सोनारों को अपनी खोदी हुई मूरतों के कारण लज्जित होना पड़ेगा; क्योंकि उनकी ढाली हुई मूरतें धोखा देनेवाली हैं, और उनके कुछ भी सांस नहीं चलती।
Sab manushy pashu sareekhe jnyaanarahit hai; sab sonaarom ko apanee khodee huee mooratom ke kaaran lajjit honaa padegaa; kyonki unakee dhaalee huee mooratem dhokhaa denevaalee haim, aur unake kuchh bhee saans naheem chalatee.
Jeremiah 51:17 in English
- King James Version (KJV)
- Every man is brutish by [his] knowledge; every founder is confounded by the graven image: for his molten image [is] falsehood, and [there is] no breath in them.
- World English Bible (WEB)
- “Every man has become stupid and without knowledge. Every goldsmith is disappointed by his image, for his molten images are falsehood, and there is no breath in them.
- American Standard Version (ASV)
- Every man is become brutish [and is] without knowledge; every goldsmith is put to shame by his image; for his molten image is falsehood, and there is no breath in them.
- Bible in Basic English (BBE)
- Then every man becomes like a beast without knowledge; every gold-worker is put to shame by the image he has made: for his metal image is deceit, and there is no breath in them.
- Darby Translation (DBY)
- Every man is become brutish, so as to have no knowledge; every founder is put to shame by the graven image, for his molten image is falsehood, and there is no breath in them.
- Webster's Bible (WBS)
- Every man is brutish by [his] knowledge; every founder is confounded by the graven image: for his molten image [is] falsehood, and [there is] no breath in them.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Brutish hath been every man by knowledge, Put to shame hath been every refiner by a graven image, For false [is] his molten image, And there is no breath in them.
Read in context
- 15उसी ने पृथ्वी को अपने सामर्थ से बनाया, और जगत को अपनी बुद्वि से स्थिर किया; और आकाश को अपनी प्रवीणता से तान दिया है।
- 16जब वह बोलता है तब आकाश में जल का बड़ा शब्द होता है, वह पृथ्वी की छोर से कुहरा उठाता है। वह वर्षा के लिये बिजली बनाता, और अपने भण्डार में से पवन निकाल ले आता है।
- 17सब मनुष्य पशु सरीखे ज्ञानरहित है; सब सोनारों को अपनी खोदी हुई मूरतों के कारण लज्जित होना पड़ेगा; क्योंकि उनकी ढाली हुई मूरतें धोखा देनेवाली हैं, और उनके कुछ भी सांस नहीं चलती।
- 18वे तो व्यर्थ और ठट्ठे ही के योग्य है; जब उनके नाश किए जाने का समय आएगा, तब वे नाश ही होंगी।
- 19परन्तु जो याकूब का निज भाग है, वह उनके समान नहीं, वह तो सब का बनानेवाला है, और इस्राएल उसका निज भाग है; उसका नाम सेनाओं का यहोवा है।
Cross references
- Jeremiah 10:14 यिर्मयाह 10:14सब मनुष्य पशु सरीखे ज्ञानरहित हैं; अपनी खोदी हुई मूरतों के कारण सब सुनारों की आशा टूटती है; क्योंकि उनकी ढाली हुई मूरतें झूठी हैं, और उन में सांस ही नहीं है।
- Habakkuk 2:18–19 हबक्कूक 2:18–19खुदी हुई मूरत में क्या लाभ देखकर बनानेवाले ने उसे खोदा है? फिर झूठ सिखानेवाली और ढली हुई मूरत में क्या लाभ देखकर ढालनेवाले ने उस पर इतना भरोसा रखा है कि न बोलनेवाली और निकम्मी मूरत बनाए? हाय उस पर जो काठ से कहता है, जाग, वा अबोल पत्थर से, उठ! क्या वह सिखाएगा? देखो, वह सोने चान्दी में मढ़ा हुआ है, परन्तु उस में आत्मा नहीं है।।
- Isaiah 44:18–20 यशायाह 44:18–20क्योंकि उनकी आंखें ऐसी मून्दी गई हैं कि वे देख नहीं सकते; और उनकी बुद्धि ऐसी कि वे बूझ नहीं सकते। कोई इस पर ध्यान नहीं करता, और न किसी को इतना ज्ञान वा समझ रहती है कि कह सके, उसका एक भाग तो मैं ने जला दिया और उसके कोयलों पर रोटी बनाई; और मांस भूनकर खाया है; फिर क्या मैं उसके बचे हुए भाग को घिनौनी वस्तु बनाऊं? क्या मैं काठ को प्रणाम करूं? वह राख खाता है; भरमाई हुई बुद्धि के कारण वह भटकाया गया है और वह न अपने को बचा सकता और न यह कह सकता है, क्या मेरे दहिने हाथ में मिथ्या नहीं?
- Psalm 14:2 भजन संहिता 14:2परमेश्वर ने स्वर्ग में से मनुष्यों पर दृष्टि की है, कि देखे कि कोई बुद्धिमान, कोई परमेश्वर का खोजी है या नहीं।
- 1 Corinthians 1:19–21 1 कुरिन्थियों 1:19–21क्योकि लिखा है, कि मैं ज्ञानवानों के ज्ञान को नाश करूंगा, और समझदारों की समझ को तुच्छ कर दूंगा। कहां रहा ज्ञानवान? कहां रहा शास्त्री? कहां इस संसार का विवादी? क्या परमेश्वर ने संसार के ज्ञान को मूर्खता नहीं ठहराया? क्योंकि जब परमेश्वर के ज्ञान के अनुसार संसार ने ज्ञान से परमेश्वर को न जाना तो परमेश्वर को यह अच्छा लगा, कि इस प्रकार की मूर्खता के द्वारा विश्वास करनेवालों को उद्धार दे।
- Jeremiah 50:2 यिर्मयाह 50:2जातियों में बताओ, सुनाओ और झण्डा खड़ा करो; सुनाओ, मत छिपाओ कि बाबुल ले लिया गया, बेल का मुंह काला हो गया, मरोदक विस्मित हो गया। बाबुल की प्रतिमाएं लज्जित हुई और उसकी बेडौल मूरतें विस्मित हो गई।
- Romans 1:20–23 रोमियों 1:20–23क्योंकि उसके अनदेखे गुण, अर्थात् उस की सनातन सामर्थ, और परमेश्वरत्व जगत की सृष्टि के समय से उसके कामों के द्वारा देखने में आते है, यहां तक कि वे निरूत्तर हैं। इस कारण कि परमेश्वर को जानने पर भी उन्हों ने परमेश्वर के योग्य बड़ाई और धन्यवाद न किया, परन्तु व्यर्थ विचार करने लगे, यहां तक कि उन का निर्बुद्धि मन अन्धेरा हो गया। वे अपने आप को बुद्धिमान जताकर मूर्ख बन गए। और अविनाशी परमेश्वर की महिमा को नाशमान मनुष्य, और पक्षियों, और चौपायों, और रेंगनेवाले जन्तुओं की मूरत की समानता में बदल डाला।।
- Psalm 53:1–2 भजन संहिता 53:1–2मूढ़ ने अपने मन में कहा है, कि कोई परमेश्वर है ही नहीं। वे बिगड़ गए, उन्हों ने कुटिलता के घिनौने काम किए हैं; कोई सुकर्मी नहीं।। परमेश्वर ने स्वर्ग पर से मनुष्यों के ऊपर दृष्टि की ताकि देखे कि कोई बुद्धि से चलनेवाला वा परमेश्वर को पूछनेवाला है कि नहीं।।
- Psalm 135:17–18 भजन संहिता 135:17–18उनके कान तो रहते हैं, परन्तु वे सुन नहीं सकतीं, न उनके कुछ भी सांस चलती है। जैसी वे हैं वैसे ही उनके बनानेवाले भी हैं; और उन पर सब भरोसा रखनेवाले भी वैसे ही हो जाएंगे!
- Psalm 115:8 भजन संहिता 115:8जैसी वे हैं वैसे ही उनके बनानेवाले हैं; और उन पर भरोसा रखनेवाले भी वैसे ही हो जाएंगे।।
- Psalm 115:5 भजन संहिता 115:5उनक मुंह तो रहता है परन्तु वे बोल नहीं सकती; उनके आंखें तो रहती हैं परन्तु वे देख नहीं सकतीं।
- Psalm 92:5–6 भजन संहिता 92:5–6हे यहोवा, तेरे काम क्या ही बड़े है! तेरी कल्पनाएं बहुत गम्भीर है! पशु समान मनुष्य इसको नहीं समझता, और मूर्ख इसका विचार नहीं करता: