Jeremiah · chapter 11 · verse 17
Jeremiah 11:17 in Hindi
सेनाओं का यहोवा, जिस ने तुझे लगाया, उस ने तुझ पर विपत्ति डालने के लिये कहा है; इसका कारण इस्राएल और यहूदा के घरानों की यह बुराई है कि उन्हों ने मुझे रिस दिलाने के लिये बाल के निमित्त धूप जलाया।
Senaaom kaa yahovaa, jis ne tujhe lagaayaa, us ne tujh par vipatti daalane ke liye kahaa hai; isakaa kaaran israael aur yahoodaa ke gharaanom kee yah buraaee hai ki unhom ne mujhe ris dilaane ke liye baal ke nimitt dhoop jalaayaa.
Jeremiah 11:17 in English
- King James Version (KJV)
- For the LORD of hosts, that planted thee, hath pronounced evil against thee, for the evil of the house of Israel and of the house of Judah, which they have done against themselves to provoke me to anger in offering incense unto Baal.
- World English Bible (WEB)
- For the LORD of Armies, who planted you, has pronounced evil against you, because of the evil of the house of Israel and of the house of Judah, which they have done to themselves in provoking me to anger by offering incense to Baal.
- American Standard Version (ASV)
- For Jehovah of hosts, who planted thee, hath pronounced evil against thee, because of the evil of the house of Israel and of the house of Judah, which they have wrought for themselves in provoking me to anger by offering incense unto Baal.
- Bible in Basic English (BBE)
- For the Lord of armies, by whom you were planted, has given his decision for evil against you, because of the evil which the people of Israel and the people of Judah have done, In moving me to wrath by offering perfumes to the Baal.
- Darby Translation (DBY)
- For Jehovah of hosts, that planted thee, hath pronounced evil against thee, for the evil of the house of Israel and of the house of Judah, which they have done for themselves, to provoke me to anger in burning incense unto Baal.
- Webster's Bible (WBS)
- For the LORD of hosts, that planted thee, hath pronounced evil against thee, for the evil of the house of Israel and of the house of Judah, which they have done against themselves to provoke me to anger in offering incense to Baal.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Jehovah of Hosts, who is planting thee, Hath spoken evil concerning thee, For the evil of the house of Israel, and of the house of Judah, That they have done to themselves, To provoke Me to anger, to make perfume to Baal.
Read in context
- 15मेरी प्रिया को मेरे घर में क्या काम है? उस ने तो बहुतों के साथ कुकर्म किया, और तेरी पवित्राता पूरी रीति से जाती रही है। जब तू बुराई करती है, तब पुसन्न होती है।
- 16यहोवा ने तुझ को हरी, मनोहर, सुन्दर फलवाली जलपाई तो कहा था, परन्तु उस ने बड़े हुल्लड़ के शब्द होते ही उस में आग लगाई गई, और उसकी डालियां तोड़ डाली गई।
- 17सेनाओं का यहोवा, जिस ने तुझे लगाया, उस ने तुझ पर विपत्ति डालने के लिये कहा है; इसका कारण इस्राएल और यहूदा के घरानों की यह बुराई है कि उन्हों ने मुझे रिस दिलाने के लिये बाल के निमित्त धूप जलाया।
- 18यहोवा ने मुझे बताया और यह बात मुझे मालूम हो गई; क्योंकि यहोवा ही ने उनकी युक्तियां मुझ पर प्रगट कीं।
- 19मैं तो वध होनेवाले भेड़ के बच्चे के समान अनजान था। मैं न जानता था कि वे लोग मेरी हानि की युक्तियां यह कहकर करते हैं, आओ, हम फल समेत इस वृक्ष को उखाड़ दें, और जीवितों के बीच में से काट डालें, तब इसका नाम तक फिर स्मरण न रहे।
Cross references
- Isaiah 5:2 यशायाह 5:2उस ने उसकी मिट्टी खोदी और उसके पत्थर बीनकर उस में उत्तम जाति की एक दाखलता लगाई; उसके बीच में उस ने एक गुम्मट बनाया, और दाखरस के लिये एक कुण्ड भी खोदा; तब उस ने दाख की आशा की, परन्तु उस में निकम्मी दाखें ही लगीं।।
- Jeremiah 12:2 यिर्मयाह 12:2तू उनको बोता और वे जड़ भी पकड़ते; वे बढ़ते और फलते भी हैं; तू उनके मुंह के निकट है परन्तु उनके मनों से दूर है।
- Jeremiah 2:21 यिर्मयाह 2:21मैं ने तो तुझे उत्तम जाति की दाखलता और उत्तम बीज करके लगाया था, फिर तू क्यों मेरे लिये जंगली दाखलता बन गई?
- Jeremiah 19:15 यिर्मयाह 19:15इस्राएल का परमेश्वर सेनाओं का यहोवा यों कहता हे, देखो, सब गांवों समेत इस नगर पर वह सारी विपत्ति डालना चाहता हूँ जो मैं ने इस पर लाने को कहा है, क्योंकि उन्होंने हठ कर के मेरे वचन को नहीं माना है।
- Jeremiah 26:19 यिर्मयाह 26:19क्या यहूदा के राजा हिजकिरयाह ने वा किसी यहूदी ने उसको कहीं मरवा डाला? क्या उस राजा ने यहोवा का भय न माना ओर उस से बिनती न की? और तब यहोवा ने जो विपत्ति उन पर डालने के लिये कहा था, उसके विषय क्या वह न पछताया? ऐसा करके हम अपने प्राणों की बड़ी हानि करेंगे।
- Jeremiah 36:7 यिर्मयाह 36:7क्या जाने वे यहोवा से गिड़गिड़ाकर प्रार्थना करें और अपनी अपनी बुरी चाल से फिरें; क्योंकि जो क्रोध और जलजलाहट यहोवा ने अपनी इस प्रजा पर भड़काने को कहा है, वह बड़ी है।
- Jeremiah 11:11 यिर्मयाह 11:11इसलिये यहोवा यों कहता है, देख, मैं इन पर ऐसी विपत्ति डालने पर हूँ जिस से ये बच न सकेंगे; और चाहे ये मेरी दोहाई दें तौभी मैं इनकी न सुनूंगा।
- Isaiah 61:3 यशायाह 61:3और सिरयोन के विलाप करनेवालों के सिर पर की राख दूर करके सुन्दर पगड़ी बान्ध दूं, कि उनका विलाप दूर करके हर्ष का तेल लगाऊं और उनकी उदासी हटाकर यश का ओढ़ना ओढ़ाऊं; जिस से वे धर्म के बांजवृक्ष और यहोवा के लगाए हुए कहलाएं और जिस से उसकी महिमा प्रगट हो।
- 2 Samuel 7:10 2 शमूएल 7:10और मैं अपनी प्रजा इस्राएल के लिये एक स्थान ठहराऊंगा, और उसको स्थिर करूंगा, कि वह अपने ही स्थान में बसी रहेेगी, और कभी चलायमान न होगी; और कुटिल लोग उसे फिर दु:ख न देने पाएंगे, जैसे कि पहिले दिनों में करते थे,
- Jeremiah 35:17 यिर्मयाह 35:17इसलिये सेनाओं का परमेश्वर यहोवा, जो इस्राएल का परमेश्वर है, यों कहता है कि देखो, यहूदा देश और यरूशलेम नगर के सारे निवासियों पर जितनी विपत्ति डालने की मैं ने चर्चा की है वह उन पर अब डालता हूँ; क्योंकि मैं ने उनको सुनाया पर उन्हों ने नहीं सुना, मैं ने उनको बुलाया पर उन्हों ने उत्तर न दिया।
- Jeremiah 26:13 यिर्मयाह 26:13इसलिये अब अपना चालचलन और अपने काम सुधारो, और अपने परमेश्वर यहोवा की बात मानो; तब यहोवा उस विपत्ति के विषय में जिसकी चर्चा उस ने तुम से की है, पछताएगा।
- Jeremiah 24:6 यिर्मयाह 24:6मैं उन पर कृपादृष्टि रखूंगा और उनको इस देश में लौटा ले आऊंगा; और उन्हें नाश न करूंगा, परन्तु बनाऊंगा; उन्हें उखाड़ न डालूंगा, परन्तु लगाए रखूंगा।
Original words (Hebrew)
- hosts · H6635צָבָא tsâbâʼ
- planted · H5193נָטַע nâṭaʻ
- pronounced · H1696דָבַר dâbar
- evil · H7451רַע raʻ
- for · H1558גָּלָל gâlâl
- evil · H7451רַע raʻ
- house · H1004בַּיִת bayith
- Israel · H3478יִשְׂרָאֵל Yisrâʼêl
- house · H1004בַּיִת bayith
- Judah · H3063יְהוּדָה Yᵉhûwdâh
- done · H6213עָשָׂה ʻâsâh
- anger · H3707כַּעַס kaʻaç
- incense · H6999קָטַר qâṭar
- Baal · H1168בַּעַל Baʻal