Jeremiah · chapter 11 · verse 19
Jeremiah 11:19 in Hindi
मैं तो वध होनेवाले भेड़ के बच्चे के समान अनजान था। मैं न जानता था कि वे लोग मेरी हानि की युक्तियां यह कहकर करते हैं, आओ, हम फल समेत इस वृक्ष को उखाड़ दें, और जीवितों के बीच में से काट डालें, तब इसका नाम तक फिर स्मरण न रहे।
Maim to vadh honevaale bhed ke bachche ke samaan anajaan thaa. Maim na jaanataa thaa ki ve log meree haani kee yuktiyaam yah kahakar karate haim, aao, ham phal samet is vruksh ko ukhaad dem, aur jeevitom ke beech mem se kaat daalem, tab isakaa naam tak phir smaran na rahe.
Jeremiah 11:19 in English
- King James Version (KJV)
- But I [was] like a lamb [or] an ox [that] is brought to the slaughter; and I knew not that they had devised devices against me, [saying], Let us destroy the tree with the fruit thereof, and let us cut him off from the land of the living, that his name may be no more remembered.
- World English Bible (WEB)
- But I was like a gentle lamb that is led to the slaughter. I didn’t know that they had devised plans against me, saying, “Let’s destroy the tree with its fruit, and let’s cut him off from the land of the living, that his name may be no more remembered.”
- American Standard Version (ASV)
- But I was like a gentle lamb that is led to the slaughter; and I knew not that they had devised devices against me, [saying], Let us destroy the tree with the fruit thereof, and let us cut him off from the land of the living, that his name may be no more remembered.
- Bible in Basic English (BBE)
- But I was like a gentle lamb taken to be put to death; I had no thought that they were designing evil against me, saying, Come and let us make trouble his food, cutting him off from the land of the living, so that there may be no more memory of his name.
- Darby Translation (DBY)
- And I was like a tame lamb [that] is led to the slaughter; and I knew not that they devised devices against me, [saying,] Let us destroy the tree with the fruit thereof, and let us cut him off from the land of the living, that his name may be no more remembered.
- Webster's Bible (WBS)
- But I [was] like a lamb [or] an ox [that] is brought to the slaughter; and I knew not that they had devised devices against me, [saying] , Let us destroy the tree with its fruit, and let us cut him off from the land of the living, that his name may be no more remembered.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And I [am] as a trained lamb brought to slaughter, And I have not known That against me they have devised devices: We destroy the tree with its food, and cut him off From the land of the living, And his name is not remembered again.
Read in context
- 17सेनाओं का यहोवा, जिस ने तुझे लगाया, उस ने तुझ पर विपत्ति डालने के लिये कहा है; इसका कारण इस्राएल और यहूदा के घरानों की यह बुराई है कि उन्हों ने मुझे रिस दिलाने के लिये बाल के निमित्त धूप जलाया।
- 18यहोवा ने मुझे बताया और यह बात मुझे मालूम हो गई; क्योंकि यहोवा ही ने उनकी युक्तियां मुझ पर प्रगट कीं।
- 19मैं तो वध होनेवाले भेड़ के बच्चे के समान अनजान था। मैं न जानता था कि वे लोग मेरी हानि की युक्तियां यह कहकर करते हैं, आओ, हम फल समेत इस वृक्ष को उखाड़ दें, और जीवितों के बीच में से काट डालें, तब इसका नाम तक फिर स्मरण न रहे।
- 20परन्तु, अब हे सेनाओं के यहोवा, हे धम न्यायी, हे अन्तेकरण की बातों के ज्ञाता, तू उनका पलटा ले और मुझे दिखा, क्योंकि मैं ने अपना मुक़ मा तेरे हाथ में छोड़ दिया है।
- 21इसलिये यहोवा ने मुझ से कहा, अनातोत के लोग जो तेरे प्राण के खोजी हैं और यह कहते हैं कि तू यहोवा का नाम लेकर भविष्यद्वाणी न कर, नहीं तो हमारे हाथों से मरेगा।
Cross references
- Isaiah 53:7–8 यशायाह 53:7–8वह सताया गया, तौभी वह सहता रहा और अपना मुंह न खोला; जिस प्रकार भेड़ वध होने के समय वा भेड़ी ऊन कतरने के समय चुपचाप शान्त रहती है, वैसे ही उस ने भी अपना मुंह न खोला। अत्याचार करके और दोष लगाकर वे उसे ले गए; उस समय के लोगों में से किस ने इस पर ध्यान दिया कि वह जीवतों के बीच में से उठा लिया गया? मेरे ही लोगों के अपराधों के कारण उस पर मार पड़ी।
- Jeremiah 20:10 यिर्मयाह 20:10मैं ने बहुतों के मुंह से अपना अपवाद सुना है। चारों ओर भय ही भय है! मेरी जान पहचान के सब जो मेरे ठोकर खाने की बाट जोहते हैं, वे कहते हैं, उसके दोष बताओ, तब हम उनकी चर्चा फैला देंगे। कदाचित वह धोखा खाए, तो हम उस पर प्रबल होकर, उस से बदला लेंगे।
- Psalm 83:4 भजन संहिता 83:4उन्हों ने कहा, आओ, हम उनको ऐसा नाश करें कि राज्य भी मिट जाए; और इस्त्राएल का नाम आगे को स्मरण न रहे।
- Jeremiah 18:18 यिर्मयाह 18:18तब वे कहने लगे, चलो, यिर्मयाह के विरूद्ध युक्ति करें, क्योंकि न याजक से व्यवस्था, न ज्ञानी से सम्मति, न भविष्यद्वक्ता से वचन दूर होंगे। आओ, हम उसकी कोई बात पकड़कर उसको नाश कराएं और फिर उसकी किसी बात पर ध्यान न दें।
- Psalm 31:13 भजन संहिता 31:13मैं ने बहुतों के मुंह से अपना अपवाद सुना, चारों ओर भय ही भय है! जब उन्हों ने मेरे विरूद्ध आपस में सम्मति की तब मेरे प्राण लेने की युक्ति की।।
- Job 28:13 अय्यूब 28:13उसका मोल मनुष्य को मालूम नहीं, जीवनलोक में वह कहीं नहीं मिलती!
- Luke 20:10–15 लूका 20:10–15समय पर उस ने किसानों के पास एक दास को भेजा, कि वे दाख की बारी के कुछ फलों का भाग उसे दें, पर किसानों ने उसे पीटकर छूछे हाथ लौटा दिया। फिर उस ने एक और दास को भेजा, ओर उन्हों ने उसे भी पीटकर और उसका अपमान करके छूछे हाथ लौटा दिया। फिर उस ने तीसरा भेजा, और उन्हों ने उसे भी घायल करके निकाल दिया। तब दाख की बारी के स्वामी ने कहा, मैं क्या करूं? मैं अपने प्रिय पुत्रा को भेजूंगा क्या जाने वे उसका आदर करें। जब किसानों ने उसे देखा तो आपस में विचार करने लगे, कि यह तो वारिस है; आओ, हम उसे मार डालें, कि मिरास हमारी हो जाए। और उन्हों ने उसे दाख की बारी से बाहर निकालकर मार डाला: इसलिये दाख की बारी का स्वामी उन के साथ क्या करेगा?
- Numbers 1:14 गिनती 1:14गाद के गोत्रा में से दूएल का पुत्रा एल्यासाप;
- Psalm 37:32–33 भजन संहिता 37:32–33दुष्ट धर्मी की ताक में रहता है। और उसके मार डालने का यत्न करता है। यहोवा उसको उसके हाथ में न छोड़ेगा, और जब उसका विचार किया जाए तब वह उसे दोषी न ठहराएगा।।
- Psalm 27:13 भजन संहिता 27:13यदि मुझे विश्वास न होता कि जीवितों की पृथ्वी पर यहोवा की भलाई को देखूंगा, तो मैं मूच्छित हो जाता।
- Proverbs 7:22 नीतिवचन 7:22वह तुरन्त उसके पीछे हो लिया, और बैल कसाई- खाने को, वा जैासे बेड़ी पहिने हुए कोई मूढ़ ताड़ना पाने को जाता है।
- Psalm 116:9 भजन संहिता 116:9मैं जीवित रहते हुए, अपने को यहोवा के साम्हने जानकर नित चलता रहूंगा।
Original words (Hebrew)
- lamb · H3532כֶּבֶשׂ kebes
- ox · H441אַלּוּף ʼallûwph
- brought · H2986יָבַל yâbal
- slaughter · H2873טָבַח ṭâbach
- knew · H3045יָדַע yâdaʻ
- devised · H2803חָשַׁב châshab
- devices · H4284מַחֲשָׁבָה machăshâbâh
- destroy · H7843שָׁחַת shâchath
- tree · H6086עֵץ ʻêts
- fruit · H3899לֶחֶם lechem
- off · H3772כָּרַת kârath
- land · H776אֶרֶץ ʼerets
- living · H2416חַי chay
- name · H8034שֵׁם shêm
- remembered · H2142זָכַר zâkar