Jeremiah · chapter 11 · verse 7
Jeremiah 11:7 in Hindi
क्योंकि जिस समय से मैं तुम्हारे पुरखाओं को मिस्र देश से छुड़ा ले आया तब से आज के दिन तक उनको दृढ़ता से चिताता आया हूँ, मेरी बात सुनो।
Kyonki jis samay se maim tumhaare purakhaaom ko misr desh se chhudaa le aayaa tab se aaj ke din tak unako drudhataa se chitaataa aayaa hoon, meree baat suno.
Jeremiah 11:7 in English
- King James Version (KJV)
- For I earnestly protested unto your fathers in the day [that] I brought them up out of the land of Egypt, [even] unto this day, rising early and protesting, saying, Obey my voice.
- World English Bible (WEB)
- For I earnestly protested to your fathers in the day that I brought them up out of the land of Egypt, even to this day, rising early and protesting, saying, “Obey my voice.”
- American Standard Version (ASV)
- For I earnestly protested unto your fathers in the day that I brought them up out of the land of Egypt, even unto this day, rising early and protesting, saying, Obey my voice.
- Bible in Basic English (BBE)
- For I gave certain witness to your fathers on the day when I took them up out of the land of Egypt, and even to this day, getting up early and witnessing and saying, Give ear to my voice.
- Darby Translation (DBY)
- For I earnestly protested unto your fathers, in the day that I brought them up out of the land of Egypt, unto this day, rising early and protesting, saying, Hearken unto my voice.
- Webster's Bible (WBS)
- For I earnestly protested to your fathers in the day [that] I brought them out of the land of Egypt, [even] to this day, rising early and protesting, saying, Obey my voice.
- Young's Literal Translation (YLT)
- For I certainly testified against your fathers, In the day of My bringing them up out of the land of Egypt — till this day, Rising early and testifying, saying, Hearken to My voice,
Read in context
- 5और जो शपथ मैं ने तुम्हारे पितरों से खई थी कि जिस देश में दूध और मधु की धाराएं बहती हैं, उसे मैं तुम को दूंगा, उसे पूरी करूंगा; और देखो, वह पूरी हुई है। यह सुनकर मैं ने कहा, हे यहोवा, ऐसा ही हो।
- 6तब यहोवा ने मुझ से कहा, ये सब वचन यहूद के नगरों और यरूशलेम की सड़कों में प्रचार करके कह, इस वाचा के वचन सुनो और उसके अनुसार चलो।
- 7क्योंकि जिस समय से मैं तुम्हारे पुरखाओं को मिस्र देश से छुड़ा ले आया तब से आज के दिन तक उनको दृढ़ता से चिताता आया हूँ, मेरी बात सुनो।
- 8परन्तु अन्हों ने न सुनी और न मेरी बातों पर कान लगाया, किन्तु अपने अपने बुरे मन के हठ पर चलते रहे। इसलिये मैं ने उनके विषय इस वाचा की सब बातों को पूर्ण किया है जिसके मानने की मैं ने उन्हें आज्ञा दी थी और उन्हों ने न मानी।
- 9फिर यहोवा ने मुझ से कहा, यहूदियों और यरूशलेम के निवासियों में विद्रोह पाया गया है।
Cross references
- 2 Chronicles 36:15 2 इतिहास 36:15और उनके पूर्वजों के परमेश्वर यहोवा ने बड़ा यत्न करके अपने दूतों से उनके पास कहला भेजा, क्योंकि वह अपनी प्रजा और अपने धाम पर तरस खाता था;
- Exodus 15:26 निर्गमन 15:26कि यदि तू अपने परमेश्वर यहोवा का वचन तन मन से सुने, और जो उसकी दृष्टि में ठीक है वही करे, और उसकी सब विधियों को माने, तो जितने रोग मैं ने मिस्त्रियों पर भेजा है उन में से एक भी तुझ पर न भेजूंगा; क्योंकि मैं तुम्हारा चंगा करनेवाला यहोवा हूं।।
- 1 Samuel 8:9 1 शमूएल 8:9इसलिये अब तू उनकी बात मान; तौभी तू गम्भीरता से उनको भली भांति समझा दे, और उनको बतला भी दे कि जो राजा उन पर राज्य करेगा उसका व्यवहार किस प्रकार होगा।।
- Exodus 23:21–22 निर्गमन 23:21–22उसके साम्हने सावधान रहना, और उसकी मानना, उसका विरोध न करना, क्योंकि वह तुम्हारा अपराध क्षमा न करेगा; इसलिये कि उस में मेरा नाम रहता है। और यदि तू सचमुच उसकी माने और जो कुछ मैं कहूं वह करे, तो मै तेरे शत्रुओं का शत्रु और तेरे द्रोहियों का द्रोही बनूंगा।
- Ephesians 4:17 इफिसियों 4:17इसलिये मैं यह कहता हूं, और प्रभु में जताए देता हूं कि जैसे अन्यजातीय लोग अपने मन की अनर्थ की रीति पर चलते हैं, तुम अब से फिर ऐसे न चलो।
- Deuteronomy 12:32 व्यवस्थाविवरण 12:32जितनी बातों की मैं तुम को आज्ञा देता हूं उनको चौकस होकर माना करना; और न तो कुछ उन में बढ़ाना और न उन में से कुछ घटाना।।
- Deuteronomy 8:6 व्यवस्थाविवरण 8:6इसलिये अपने परमेश्वर यहोवा की आज्ञाओं का पालन करते हुए उसके मार्गों पर चलना, और उसका भय मानते रहना।
- Jeremiah 35:15 यिर्मयाह 35:15मैं तुम्हारे पास अपने सारे दास नबियों को बड़ा यत्न करके यह कहने को भेजता आया हूँ कि अपनी बुरी चाल से फिरो, और अपने काम सुधारो, और दूसरे देवताओं के पीछे जाकर उनकी उपासना मत करो तब ुतुम इस देश में जो मैं ने तुम्हारे पितरों को दिया था और तुम को भी दिया है, बसने पाओगे। पर तुम ने मेरी ओर कान नहीं लगाया न मेरी सुनी है।
- Deuteronomy 10:12–13 व्यवस्थाविवरण 10:12–13और अब, हे इस्राएल, तेरा परमेश्वर यहोवा तुझ से इसके सिवाय और क्या चाहता है, कि तू अपने परमेश्वर यहोवा का भय मानें, और उसके सारे मार्गों पर चले, उस से प्रेम रखे, और अपने पूरे मन और अपने सारे प्राण से उसकी सेवा करे, और यहोवा की जो जो आज्ञा और विधि मैं आज तुझे सुनाता हूं उनको ग्रहण करे, जिस से तेरा भला हो?
- Jeremiah 25:4 यिर्मयाह 25:4और यद्यपि यहोवा तुम्हारे पास अपने सारे दासों अथवा भविष्यद्वक्ताओं को भी यह कहने के लिये बड़े यत्न से भेजता आया है
- Jeremiah 7:23–25 यिर्मयाह 7:23–25परन्तु मैं ने तो उनको यह आज्ञा दी कि मेरे वचन को मानो, तब मैं तुम्हारा परमेश्वर हूंगा, और तुम मेरी प्रजा ठहरोगे; और जिस मार्ग की मैं तुम्हें आज्ञा दूं उसी में चलो, तब तुम्हारा भला होगा। पर उन्हों ने मेरी न सुनी और न मेरी बातों पर कान लगाया; वे अपनी ही युक्तियों और अपने बुरे मन के हठ पर चलते रहे और पीछे हट गए पर आगे न बढ़े। जिस दिन तुम्हारे पुरखा मिस्र देश से निकले, उस दिन से आज तक मैं तो अपने सारे दासों, भविष्यद्वक्ताओं को, तुम्हारे पास बड़े यत्न से लगातार भेजता रहा;
- Deuteronomy 30:20 व्यवस्थाविवरण 30:20इसलिये अपने परमेश्वर यहोवा से प्रेम करो, और उसकी बात मानों, और उस से लिपटे रहो; क्योंकि तेरा जीवन और दीर्घ जीवन यही है, और ऐसा करने से जिस देश को यहोवा ने इब्राहीम, इसहाक, और याकूब, तेरे पूर्वजों को देने की शपथ खाई थी उस देश में तू बसा रहेगा।।
Original words (Hebrew)
- earnestly · H5749עוּד ʻûwd
- protested · H5749עוּד ʻûwd
- fathers · H1אָב ʼâb
- day · H3117יוֹם yôwm
- up · H5927עָלָה ʻâlâh
- land · H776אֶרֶץ ʼerets
- Egypt · H4714מִצְרַיִם Mitsrayim
- day · H3117יוֹם yôwm
- early · H7925שָׁכַם shâkam
- protesting · H5749עוּד ʻûwd
- saying · H559אָמַר ʼâmar
- Obey · H8085שָׁמַע shâmaʻ
- voice · H6963קוֹל qôwl