Jeremiah · chapter 12 · verse 11
Jeremiah 12:11 in Hindi
उन्हों ने उसको उजाड़ दिया; वह उजड़कर मेरे साम्हने विलाप कर रहा है। सारा देश उजड़ गया है, तौभी कोई नहीं सोचता।
Unhom ne usako ujaad diyaa; vah ujadakar mere saamhane vilaap kar rahaa hai. Saaraa desh ujad gayaa hai, taubhee koee naheem sochataa.
Jeremiah 12:11 in English
- King James Version (KJV)
- They have made it desolate, [and being] desolate it mourneth unto me; the whole land is made desolate, because no man layeth [it] to heart.
- World English Bible (WEB)
- They have made it a desolation. It mourns to me, being desolate. The whole land is made desolate, because no one cares.
- American Standard Version (ASV)
- They have made it a desolation; it mourneth unto me, being desolate; the whole land is made desolate, because no man layeth it to heart.
- Bible in Basic English (BBE)
- They have made it waste; it is weeping to me, being wasted; all the land is made waste, because no man takes it to heart.
- Darby Translation (DBY)
- they have made it a desolation; desolate, it mourneth unto me: the whole land is made desolate, for no man layeth it to heart.
- Webster's Bible (WBS)
- They have made it desolate, [and being] desolate it mourneth to me; the whole land is made desolate, because no man layeth [it] to heart.
- Young's Literal Translation (YLT)
- He hath made it become a desolation, The desolation hath mourned unto Me, Desolated hath been all the land, But there is no one laying it to heart.
Read in context
- 9क्या मेरा निज भाग मेरी दृष्टि में चित्तीवाले शिकारी पक्षी के समान नहीं है? क्या शिकारी पक्षी चारों ओर से उसे घेरे हुए हैं? जाओ सब जंगली पशुओं को इकट्ठा करो; उनको लाओ कि खा जाएं।
- 10बहुत से चरवाहों ने मेरी दाख की बारी को बिगाड़ कर दिया, उन्हों ने मेरे भाग को लताड़ा, वरन मेरे मनोहर भाग के खेत को सुनसान जंगल बना दिया है।
- 11उन्हों ने उसको उजाड़ दिया; वह उजड़कर मेरे साम्हने विलाप कर रहा है। सारा देश उजड़ गया है, तौभी कोई नहीं सोचता।
- 12जंगल के सब मुंडे टीलों पर नाशक चढ़ आए हैं; क्योंकि यहोवा की तलवार देश के एक छोर से लेकर दूसरी छोर तक निगलती जाती है; किसी मनुष्य को शांन्ति नहीं मिलती।
- 13उन्हों ने गेहूं तो बोया, परन्तु कटीले पेड़ काटे, उन्हों ने कष्ट तो उठाया, परन्तु उस से कुछ लाभ न हुआ। यहोवा के क्रोध के भड़कने के कारण तुम अपने खेतों की उपज के विषय में लज्जित हो।
Cross references
- Isaiah 42:25 यशायाह 42:25इस काण उस पर उस ने अपने क्रोध की आग भड़काई और युद्ध का बल चलाना; और यद्यिप आग उसके चारों ओर लग गई, तौभी वह न समझा; वह जल भी गया, तौभी न चेता।।
- Jeremiah 23:10 यिर्मयाह 23:10क्योंकि यह देश व्यभिचारियों से भरा है; इस पर ऐसा शाप पड़ा है कि यह विलाप कर रहा है; वन की चराइयां भी सूख गई। लोग बड़ी दौड़ तो दौड़ते हैं, परन्तु बुराई ही की ओर; और वीरता तो करते हैं, परन्तु अन्याय ही के साथ।
- Jeremiah 14:2 यिर्मयाह 14:2यहूदा विलाप करता और फाटकों में लोग शोक का पहिरावा पहिने हुए भूमि पर उदास बैठे हैं; और यरूशलेम की चिल्लाहट आकाश तक पहुंच गई है।
- Jeremiah 10:22 यिर्मयाह 10:22सुन, एक शब्द सुनाई देता है! देख, वह आ रहा है! उत्तर दिशा से बड़ा हुल्लड़ मच रहा है ताकि यहूदा के नगरों को उजाड़कर गीदड़ों का स्थान बना दे।
- Jeremiah 12:4–8 यिर्मयाह 12:4–8कब तक देश विलाप करता रहेगा, और सारे मैदान की घास सूखी रहेगी? देश के निवासियों की बुराई के कारण पशु- पक्षी सब नाश हो गए हैं, क्योंकि उन लोगों ने कहा, वह हमारे अन्त को न देखेगा। तू जो प्यादों ही के संग दौड़कर थक गया है तो घेड़ों के संग क्योंकर बराबरी कर सकेगा? और यद्यपि तू शान्ति के इस देश में निडर है, परन्तु यरदन के आसपास के धने जंगल में तू क्या करेगा? क्योंकि तेरे भाई और तेरे घराने के लोगों ने भी तेरा विश्वासघात किया है; वे तेरे पीछे ललकारते हैं, यदि वे तुझ से मीठी बातें भी कहें, तौभी उनकी प्रतीति न करना। मैं ने अपना घर छोड़ दिया, अपना निज भाग मैं ने त्याग दिया है; मैं ने अपनी प्राणप्रिया को शत्रुओं के वश में कर दिया है। क्योंकि मेरा निज भाग मेरे देखने में वन के सिंह के समान हो गया और मेरे विरूद्ध गरजा है; इस कारण मैं ने उस से बैर किया है।
- Isaiah 57:1 यशायाह 57:1धर्मी जन नाश होता है, और कोई इस बात की चिन्ता नहीं करता; भक्त मनुष्य उठा लिए जाते हैं, परन्तु कोई नहीं सोचता। धर्मी जन इसलिये उठा लिया गया कि आनेवाली आपत्ति से बच जाए,
- Lamentations 1:1–5 विलापगीत 1:1–5जो नगरी लोगों से भरपूर थी वह अब कैसी अकेली बैठी हुई है! वह क्यों एक विधवा के समान बन गई? वह जो जातियों की दृष्टि में महान और प्रान्तों में रानी थी, अब क्यों कर देने वाली हो गई है। रात को वह फूट फूट कर रोती है, उसके आंसू गालों पर ढलकते हैं; उसके सब यारों में से अब कोई उसे शान्ति नहीं देता; उसके सब मित्रों ने उस से विश्वासघात किया, और उसके शत्रु बन गए हैं। यहूदा दु:ख और कठिन दासत्व से बचने के लिये परदेश चली गई; परन्तु अन्यजातियों में रहती हुई वह चैन नहीं पाती; उसके सब खदेड़ने वालों ने उसकी सकेती में उसे पकड़ लिया है। सिय्योन के मार्ग विलाप कर रहे हैं, क्योंकि नियत पर्वों में कोई नहीं आता है; उसके सब फाटक सुनसान पड़े हैं, उसके याजक कराहते हैं; उसकी कुमारियां शोकित हैं, और वह आप कठिन दु:ख भोग रही है। उसके द्रोही प्रधान हो गए, उसके शत्रु उन्नति कर रहे हैं, क्योंकि यहोवा ने उसके बहुत से अपराधों के कारण उसे दु:ख दिया है; उसके बाल-बच्चों को शत्रु हांक हांक कर बंधुआई में ले गए।
- Jeremiah 6:8 यिर्मयाह 6:8हे यरूशलेम, ताड़ना से ही मान ले, नहीं तो तू मेरे मन से भी उतर जाएगी; और, मैं तुझ को उजाड़कर निर्जन कर डालूंगा।
- Zechariah 7:5 जकर्याह 7:5सब साधारण लोगों से और याजकों से कह, कि जब तुम इन सत्तर वर्षों के बीच पांचवें और सातवें महीनों में उपवास और विलाप करते थे, तब क्या तुम सचमुच मेरे ही लिये उपवास करते थे?
- Jeremiah 9:11 यिर्मयाह 9:11मैं यरूशलेम को डीह ही डीह करके गीदड़ों का स्थान बनाऊंगा; और यहूदा के नगरों को ऐसा उजाड़ दूंगा कि उन में कोई न बसेगा।
- Jeremiah 19:8 यिर्मयाह 19:8और मैं इस नगर को ऐसा उजाड़ दूंगा कि लोग इसे देख कर डरेंगे; जो कोई इसके पास से हो कर जाए वह इसकी सब विपत्तियों के कारण चकित होगा और घबराएगा।
- Ecclesiastes 7:2 सभोपदेशक 7:2जेवनार के घर जाने से शोक ही के घर जाना उत्तम है; क्योंकि सब मनुष्यों का अन्त यही है, और जो जीवित है वह मन लगाकर इस पर सोचेगा।