Jeremiah · chapter 12 · verse 5
Jeremiah 12:5 in Hindi
तू जो प्यादों ही के संग दौड़कर थक गया है तो घेड़ों के संग क्योंकर बराबरी कर सकेगा? और यद्यपि तू शान्ति के इस देश में निडर है, परन्तु यरदन के आसपास के धने जंगल में तू क्या करेगा?
Too jo pyaadom hee ke sang daudakar thak gayaa hai to ghedom ke sang kyonkar baraabaree kar sakegaa? Aur yadyapi too shaanti ke is desh mem nidar hai, parantu yaradan ke aasapaas ke dhane jangal mem too kyaa karegaa?
Jeremiah 12:5 in English
- King James Version (KJV)
- If thou hast run with the footmen, and they have wearied thee, then how canst thou contend with horses? and [if] in the land of peace, [wherein] thou trustedst, [they wearied thee], then how wilt thou do in the swelling of Jordan?
- World English Bible (WEB)
- “If you have run with the footmen, and they have wearied you, then how can you contend with horses? Though in a land of peace you are secure, yet how will you do in the pride of the Jordan?
- American Standard Version (ASV)
- If thou hast run with the footmen, and they have wearied thee, then how canst thou contend with horses? and though in a land of peace thou art secure, yet how wilt thou do in the pride of the Jordan?
- Bible in Basic English (BBE)
- If running with the fighting-men has made you tired, how will you be able to keep up with horses? and if in a land of peace you go in flight, what will become of you in the thick growth of Jordan?
- Darby Translation (DBY)
- If thou hast run with footmen, and they have wearied thee, how wilt thou then contend with horses? And if in a land of peace thou thinkest thyself in security, how wilt thou then do in the swelling of the Jordan?
- Webster's Bible (WBS)
- If thou hast run with the footmen, and they have wearied thee, then how canst thou contend with horses? and [if] in the land of peace, [in which] thou hast trusted, [they wearied thee] , then how wilt thou do in the swelling of Jordan?
- Young's Literal Translation (YLT)
- For — with footmen thou hast run, And they weary thee, And how dost thou fret thyself with horses! Even in the land of peace, [In which] thou art confident — And how dost thou in the rising of Jordan!
Read in context
- 3हे यहोवा तू मुझे जानता है; तू मुझे देखता है, और तू ने मेरे मन की परीक्षा करके देखा कि मैं तेरी ओर किस प्रकार रहता हूँ। जैसे भेड़- बकरियां घात होने के लिये झुण्ड में से निकाली जाती हैं, वैसे ही उनको भी निकाल ले और वध के दिन के लिये तैयार कर।
- 4कब तक देश विलाप करता रहेगा, और सारे मैदान की घास सूखी रहेगी? देश के निवासियों की बुराई के कारण पशु- पक्षी सब नाश हो गए हैं, क्योंकि उन लोगों ने कहा, वह हमारे अन्त को न देखेगा।
- 5तू जो प्यादों ही के संग दौड़कर थक गया है तो घेड़ों के संग क्योंकर बराबरी कर सकेगा? और यद्यपि तू शान्ति के इस देश में निडर है, परन्तु यरदन के आसपास के धने जंगल में तू क्या करेगा?
- 6क्योंकि तेरे भाई और तेरे घराने के लोगों ने भी तेरा विश्वासघात किया है; वे तेरे पीछे ललकारते हैं, यदि वे तुझ से मीठी बातें भी कहें, तौभी उनकी प्रतीति न करना।
- 7मैं ने अपना घर छोड़ दिया, अपना निज भाग मैं ने त्याग दिया है; मैं ने अपनी प्राणप्रिया को शत्रुओं के वश में कर दिया है।
Cross references
- 1 Peter 4:12 1 पतरस 4:12हे प्रियों, जो दुख रूपी अग्नि तुम्हारे परखने के लिये तुम में भड़की है, इस से यह समझकर अचम्भा न करो कि कोई अनोखी बात तुम पर बीत रही है।
- Proverbs 24:10 नीतिवचन 24:10यदि तू विपत्ति के समय साहस छोड़ दे, तो तेरी शक्ति बहुत कम है।
- Hebrews 12:3–4 इब्रानियों 12:3–4इसलिये उस पर ध्यान करो, जिस ने अपने विरोध में पापियों का इतना वाद- विवाद सह लिया कि तुम निराश होकर हियाव न छोड़ दो। तुम ने पाप से लड़ते हुए उस से ऐसी मुठभेड़ नहीं की, कि तुम्हारा लोहू बहा हो।
- Psalm 69:1–2 भजन संहिता 69:1–2हे परमेश्वर, मेरा उद्धार कर, मैं जल में डूबा जाता हूं। मैं बड़े दलदल में धसा जाता हूं, और मेरे पैर कहीं नहीं रूकते; मैं गहिरे जल में आ गया, और धारा में डूबा जाता हूं।
- Proverbs 3:11 नीतिवचन 3:11हे मेरे पुत्रा, यहोवा की शिक्षा से मुंह न मोड़ना, और जब वह तुझे डांटे, तब तू बुरा न मानना,
- Jeremiah 49:19 यिर्मयाह 49:19देखो, वह सिंह की नाई यरदन के आस पास के घने जंगलों से सदा की चराई पर चढ़ेगा, और मैं उनको उसके साम्हने से झट भगा दूंगा; तब जिसको मैं चुन लूं, उसको उन पर अधिकारी ठहराऊंगा। मेरे तुल्य कौन है? और कौन मुझ पर मुक़ मा चलाएगा? वह चरवाहा कहां है जो मेरा साम्हना कर सकेगा?
- Psalm 42:7 भजन संहिता 42:7तेरी जलधाराओं का शब्द सुनकर जल, जल को पुकारता है; तेरी सारी तरंगों और लहरों में मैं डूब गया हूं।
- Jeremiah 50:44 यिर्मयाह 50:44सुनो, वह सिंह की नाई आएगा जो यरदन के आस पास के घने जंगल से निकलकर दृढ़ भेड़शाले पर चढ़े, परन्तु मैं उनको उसके साम्हने से झट भगा दूंगा; तब जिसको मैं चुन लूं, उसी को उन पर अधिकारी ठहराऊंगा। देखो, मेरे तुल्य कौन हे? कौन मुझ पर मुक़ मा चलाएगा? वह चरवाहा कहां है जो मेरा साम्हना कर सकेगा?
- Joshua 3:15 यहोशू 3:15और सन्दूक के उठानेवाले यरदन पर पहुंचे, और सन्दूक के उठानेवाले याजकों के पांव यरदन के तीर के जल में डूब गए (यरदन का जल तो कटनी के समय के सब दिन कड़ारों के ऊपर ऊपर बहा करता है),
- Jeremiah 26:8 यिर्मयाह 26:8और जब यिर्मयाह सब कुछ जिसे सारी प्रजा से कहने की आज्ञा यहोवा ने दी थी कह चुका, तब याजकों और भविष्यद्वक्ताओं और सब साधारण लोगों ने यह कहकर उसको पकड़ लिया, निश्चय तुझे प्राणदण्ड होगा।
- Jeremiah 38:4–6 यिर्मयाह 38:4–6इसलिये उन हाकिमों ने राजा से कहा कि उस पुरूष को मरवा डाल, क्योंकि वह जो इस नगर में बचे हुए योद्वाओं और अन्य सब लोगों से ऐसे ऐसे वचन कहता है जिस से उनके हाथ पांव ढीले हो जाते हैं। क्योंकि वह पुरूष इस प्रजा के लोगों की भलाई नहीं वरन बुराई ही चाहता है। सिदकिरयाह राजा ने कहा, सुनो, वह तो तुम्हारे वश में हे; क्योंकि ऐसा नहीं हो सकता कि राजा तुम्हारे विरूद्व कुछ कर सके। तब उन्हों ने यिर्मयाह को लेकर राजपुत्रा मल्किरयाह के उस गड़हे में जो पहरे के आंगन में था, रस्सियों से उतारकर डाल दिया। और उस गड़हे मे पानी नहीं केवल दलदल था, और यिर्मयाह कीचड़ में धंस गया।
- 1 Chronicles 12:15 1 इतिहास 12:15ये ही वे हैं, जो पहिले महीने में जब यरदन नदी सब कड़ाड़ों के ऊपर ऊपर बहती थी, तब उसके पार उतरे; और पूर्व और पश्चिम दानों ओर के सब तराई के रहनेवालों को भगा दिया।