Jeremiah · chapter 12 · verse 3
Jeremiah 12:3 in Hindi
हे यहोवा तू मुझे जानता है; तू मुझे देखता है, और तू ने मेरे मन की परीक्षा करके देखा कि मैं तेरी ओर किस प्रकार रहता हूँ। जैसे भेड़- बकरियां घात होने के लिये झुण्ड में से निकाली जाती हैं, वैसे ही उनको भी निकाल ले और वध के दिन के लिये तैयार कर।
He yahovaa too mujhe jaanataa hai; too mujhe dekhataa hai, aur too ne mere man kee pareekshaa karake dekhaa ki maim teree or kis prakaar rahataa hoon. Jaise bheda- bakariyaam ghaat hone ke liye jhund mem se nikaalee jaatee haim, vaise hee unako bhee nikaal le aur vadh ke din ke liye taiyaar kar.
Jeremiah 12:3 in English
- King James Version (KJV)
- But thou, O LORD, knowest me: thou hast seen me, and tried mine heart toward thee: pull them out like sheep for the slaughter, and prepare them for the day of slaughter.
- World English Bible (WEB)
- But you, LORD, know me. You see me, and test my heart toward you. Pull them out like sheep for the slaughter, and prepare them for the day of slaughter.
- American Standard Version (ASV)
- But thou, O Jehovah, knowest me; thou seest me, and triest my heart toward thee: pull them out like sheep for the slaughter, and prepare them for the day of slaughter.
- Bible in Basic English (BBE)
- But you, O Lord, have knowledge of me; you see me, searching and testing how my heart is with you: let them be pulled out like sheep to be put to death, make them ready for the day of death.
- Darby Translation (DBY)
- But thou, Jehovah, knowest me; thou hast seen me, and proved my heart toward thee. Drag them out like sheep for the slaughter, and set them apart for the day of slaughter.
- Webster's Bible (WBS)
- But thou, O LORD, knowest me: thou hast seen me, and tried my heart towards thee: pull them out like sheep for the slaughter, and prepare them for the day of slaughter.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Thou, O Jehovah, Thou hast known me, Thou seest me, and hast tried my heart with Thee, Draw them away as sheep to slaughter, And separate them for a day of slaughter.
Read in context
- 1हे यहोवा, यदि मैं तुझ से मुक़ मा लड़ूं, तौभी तू धम है; मुझे अपने साथ इस विषय पर वादविवाद करने दे। दुष्टों की चाल क्यों सफंल होती है? क्या कारण है कि विश्वासघाती बहुत सुख से रहते हैं?
- 2तू उनको बोता और वे जड़ भी पकड़ते; वे बढ़ते और फलते भी हैं; तू उनके मुंह के निकट है परन्तु उनके मनों से दूर है।
- 3हे यहोवा तू मुझे जानता है; तू मुझे देखता है, और तू ने मेरे मन की परीक्षा करके देखा कि मैं तेरी ओर किस प्रकार रहता हूँ। जैसे भेड़- बकरियां घात होने के लिये झुण्ड में से निकाली जाती हैं, वैसे ही उनको भी निकाल ले और वध के दिन के लिये तैयार कर।
- 4कब तक देश विलाप करता रहेगा, और सारे मैदान की घास सूखी रहेगी? देश के निवासियों की बुराई के कारण पशु- पक्षी सब नाश हो गए हैं, क्योंकि उन लोगों ने कहा, वह हमारे अन्त को न देखेगा।
- 5तू जो प्यादों ही के संग दौड़कर थक गया है तो घेड़ों के संग क्योंकर बराबरी कर सकेगा? और यद्यपि तू शान्ति के इस देश में निडर है, परन्तु यरदन के आसपास के धने जंगल में तू क्या करेगा?
Cross references
- 2 Kings 20:3 2 राजा 20:3मैं बिन्ती करता हूँ, स्मरण कर, कि मैं सच्चाई और खरे मन से अपने को तेरे सम्मुख जानकर चलता आया हूँ; और जो तुझे अच्छा तगता है वही मैं करता आया हूँ। तब हिजकिरयाह बिलक बिलक कर रोया।
- Jeremiah 17:18 यिर्मयाह 17:18हे यहोवा, मेरी आशा टूटने न दे, मेरे सतानेवालों ही की आशा टूटे; उन्हीं को विस्मित कर; परन्तु मुझे निराशा से बचा; उन पर विपत्ति डाल और उनको चकनाचूर कर दे!
- Psalm 139:1–4 भजन संहिता 139:1–4हे यहोवा, तू ने मुझे जांच कर जान लिया है।। तू मेरा उठना बैठना जानता है; और मेरे विचारों को दूर ही से समझ लेता है। मेरे चलने और लेटने की तू भली भांति छानबीन करता है, और मेरी पूरी चालचलन का भेद जानता है। हे यहोवा, मेरे मुंह में ऐसी कोई बात नहीं जिसे तू पूरी रीति से न जानता हो।
- James 5:5 याकूब 5:5तुम पृथ्वी पर भोग-विलास में लगे रहे और बड़ा ही सुख भोगा; तुम ने इस वध के दिन के लिये अपने हृदय का पालन-पोषण करके मोटा ताजा किया।
- Psalm 17:3 भजन संहिता 17:3तू ने मेरे हृदय को जांचा है; तू ने रात को मेरी देखभाल की, तू ने मुझे परखा परन्तु कुछ भी खोटापन नहीं पाया; मैं ने ठान लिया है कि मेरे मुंह से अपराध की बात नहीं निकलेगी।
- Psalm 139:23 भजन संहिता 139:23हे ईश्वर, मुझे जांचकर जान ले! मुझे परखकर मेरी चिन्ताओं को जान ले!
- Psalm 26:1 भजन संहिता 26:1हे यहोवा, मेरा न्याय कर, क्योंकि मैं खराई से चलता रहा हूं, और मेरा भरोसा यहोवा पर अटल बना है।
- Jeremiah 50:27 यिर्मयाह 50:27उसके सब बैलों को नाश करो, वे घात होने के स्थान में उतर जाएं। उन पर हाय! क्योंकि उनके दण्ड पाने का दिन आ पहुंचा है।
- Psalm 44:21–22 भजन संहिता 44:21–22तो क्या परमेश्वर इसका विचार न करता? क्योंकि वह तो मन की गुप्त बातों को जानता है। परन्तु हम दिन भर तेरे निमित्त मार डाले जाते हैं, और उन भेड़ों के समान समझे जाते हैं जो वध होने पर हैं।।
- Jeremiah 11:19–20 यिर्मयाह 11:19–20मैं तो वध होनेवाले भेड़ के बच्चे के समान अनजान था। मैं न जानता था कि वे लोग मेरी हानि की युक्तियां यह कहकर करते हैं, आओ, हम फल समेत इस वृक्ष को उखाड़ दें, और जीवितों के बीच में से काट डालें, तब इसका नाम तक फिर स्मरण न रहे। परन्तु, अब हे सेनाओं के यहोवा, हे धम न्यायी, हे अन्तेकरण की बातों के ज्ञाता, तू उनका पलटा ले और मुझे दिखा, क्योंकि मैं ने अपना मुक़ मा तेरे हाथ में छोड़ दिया है।
- 1 John 3:20–21 1 यूहन्ना 3:20–21क्योंकि परमेश्वर हमारे मन से बड़ा है; और सब कुछ जानता है। हे प्रियो, यदि हमारा मन हमें दोष न दे, तो हमें परमेश्वर के साम्हने हियाव होता है।
- 1 Chronicles 29:17 1 इतिहास 29:17और हे मेरे परमेश्वर! मैं जानता हूँ कि तू मन को जांचता है और सिधाई से प्रसन्न रहता है; मैं ने तो यह सब कुछ मन की सिधाई और अपनी इच्छा से दिया है; और अब मैं ने आनन्द से देखा है, कि तेरी प्रजा के लोग जो यहां उपस्थित हैं, वह अपनी इच्छा से तेरे लिये भेंट देते हैं।