Jeremiah · chapter 16 · verse 5
Jeremiah 16:5 in Hindi
यहोवा ने कहा, जिस घर में रोनापीटना हो उस में न जाना, न छाती पीटने के लिये कहीं जाना और न इन लोगों के लिये शोक करना; क्योंकि यहोवा की यह वाणी है कि मैं ने अपनी शान्ति और करूणा और दया इन लोगों पर से उठा ली है।
Yahovaa ne kahaa, jis ghar mem ronaapeetanaa ho us mem na jaanaa, na chhaatee peetane ke liye kaheem jaanaa aur na in logom ke liye shok karanaa; kyonki yahovaa kee yah vaanee hai ki maim ne apanee shaanti aur karoonaa aur dayaa in logom par se uthaa lee hai.
Jeremiah 16:5 in English
- King James Version (KJV)
- For thus saith the LORD, Enter not into the house of mourning, neither go to lament nor bemoan them: for I have taken away my peace from this people, saith the LORD, [even] lovingkindness and mercies.
- World English Bible (WEB)
- For the LORD says, “Don’t enter into the house of mourning. Don’t go to lament. Don’t bemoan them, for I have taken away my peace from this people,” says the LORD, “even loving kindness and tender mercies.
- American Standard Version (ASV)
- For thus saith Jehovah, Enter not into the house of mourning, neither go to lament, neither bemoan them; for I have taken away my peace from this people, saith Jehovah, even lovingkindness and tender mercies.
- Bible in Basic English (BBE)
- For this is what the Lord has said: Do not go into the house of sorrow, do not go to make weeping or songs of grief for them: for I have taken away my peace from this people, says the Lord, even mercy and pity.
- Darby Translation (DBY)
- For thus saith Jehovah: Enter not into the house of wailing, neither go to lament or bemoan them; for I have taken away my peace from this people, saith Jehovah, the loving-kindness and the tender mercies.
- Webster's Bible (WBS)
- For thus saith the LORD, Enter not into the house of mourning, neither go to lament nor bemoan them: for I have taken away my peace from this people, saith the LORD, [even] loving-kindness and mercies.
- Young's Literal Translation (YLT)
- For thus said Jehovah: Do not enter the house of a mourning-feast, Nor go to lament nor bemoan for them, For I have removed My peace from this people, An affirmation of Jehovah, The kindness and the mercies.
Read in context
- 3क्योंकि जो बेटे- बेटियां इस स्थन में उत्पन्न हों और जो माताएं उन्हें जनें और जो पिता उन्हें इस देश में जन्माएं,
- 4उनके विषय यहोवा यों कहता है, वे बुरी बुरी बीमारियों से मरेंगे। उनके लिये कोई छाती न पीटेगा, न उनको मिट्टी देगा; वे भूमि के ऊपर खाद की नाई पड़े रहेंगे। वे तलवार और महंगी से मर मिटेंगे, और उनकी लोथें आकाश के पक्षियों और मैदान के पशुओं का आहार होंगी।
- 5यहोवा ने कहा, जिस घर में रोनापीटना हो उस में न जाना, न छाती पीटने के लिये कहीं जाना और न इन लोगों के लिये शोक करना; क्योंकि यहोवा की यह वाणी है कि मैं ने अपनी शान्ति और करूणा और दया इन लोगों पर से उठा ली है।
- 6इस कारण इस देश के छोटे- बड़े सब मरेंगे, न तो इनको मिट्टी दी जाएगी, न लोग छाती पीटेंगे, न अपना शरीर चीरेंगे, और न सिर मुंड़ाएंगे। इनके लिये कोई शोक करनेवालों को रोटी न बाटेंगे कि शोक में उन्हें शान्ति दें;
- 7और न लोग पिता वा माता के मरने पर किसी को शान्ति के लिये कटोरे में दाखमधु पिलाएंगे।
Cross references
- Ezekiel 24:16–23 यहेजकेल 24:16–23हे मनुष्य के सन्तान, देख, मैं तेरी आंखों की प्रिय को मारकर तेरे पास से ले लेने पर हूँ; परन्तु न तू रोना- पीटना और न आंसू बहाना। लम्बी सांसें ले तो ले, परन्तु वे सुनाई न पड़ें; मरे हुओं के लिये भी विलाप न करना। सिर पर पगड़ी बान्धे और पांवों में जूती पहने रहना; और न तो अपने होंठ को ढांपना न शोक के योग्य रोटी खाना। तब मैं सवेरे लोगों से बोला, और सांझ को मेरी स्त्री मर गई। और बिहान को मैं ने आज्ञा के अनुसार किया। तब लोग मुझ से कहने लगे, क्या तू हमें न बताएगा कि यह जो तू करता है, इसका हम लोगों के लिये क्या अर्थ है? मैं ने उनको उत्तर दिया, यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुंचा, तू इस्राएल के घराने से कह, प्रभु यहोवा यों कहता है, देखो, मैं अपने पवित्रास्थान को जिसके गढ़ होने पर तुम फूलते हो, और जो तम्हारी आंखों का चाहा हुआ है, और जिसको तुम्हारा मन चाहता है, उसे मैं अपवित्रा करने पर हूं; और अपने जिन बेटे- बेटियों को तुम वहां छोड़ आए हो, वे तलवार से मारे जाएंगे। और जैसा मैं ने किया है वैसा ही तुम लोग करोगे, तुम भी अपने होंठ न ढांपोगे, न शोक के योग्य रोटी खाओगे। तूम सिर पर पगड़ी बान्धे और पांवों में जूती पहिने रहोगे, न तुम रोओगे, न छाती पीटोगे, वरन अपने अधर्म के कामों में फंसे हुए गलते जाओगे और एक दूसरे की ओर कराहते रहोगे।
- Isaiah 27:11 यशायाह 27:11जब उसकी शाखाएं सूख जाएं तब तोड़ी जाएंगी; और स्त्रियां आकर उनको तोड़कर जला देंगी। क्योंकि ये लोग निर्बुद्धि हैं; इसलिये उनका कर्ता उन पर दया न करेगा, और उनका रचनेवाला उन पर अनुग्रह न करेगा।।
- Jeremiah 15:1–4 यिर्मयाह 15:1–4फिर यहोवा ने मुझ से कहा, यदि मूसा और शमूएल भी मेरे साम्हने खड़े होते, तौभी मेरा मन इन लोगों की ओर न फिरता। इनको मेरे साम्हने से निकाल दो कि वे निकल जाएं! और यदि वे तुझ से पूछें कि हम कहां निकल जाएं? तो कहना कि यहोवा यों कहता है, जो मरनेवाले हैं, वे मरने को चले जाएं, जो तलवार से मरनेवाले हैं, वे तलवार से मरने को; जो आकाल से मरनेवाले हैं, वे आकाल से मरने को, और जो बंधुए होनेवाले हैं, वे बंधुआई में चले जाएें। मैं उनके विरूद्ध चार प्रकार के विनाश ठहराऊंगा: मार डालने के लिये तलवार, फाड़ डालने के लिये कुत्ते, नोच डालने के लिये आकाश के पक्षी, और फाड़कर खाने के लिये मैदान के हिंसक जन्तु, यहोवा की यह वाणी है। यह हिजकिरयाह के पुत्रा, यहूदा के राजा मनश्शे के उन कामों के कारण होगा जो उस ने यरूशलेम में किए हैं, और मैं उन्हें ऐसा करूंगा कि वे पृथ्वी के राज्य राज्य में मारे मारे फिरेंगे।
- Deuteronomy 31:17 व्यवस्थाविवरण 31:17उस समय मेरा कोप इन पर भड़केगा, और मैं भी इन्हें त्यागकर इन से अपना मुंह छिपा लूंगा, और ये आहार हो जाएंगे; और बहुत सी विपत्तियां और क्लेश इन पर आ पड़ेंगे, यहां तक कि ये उस समय कहेंगे, क्या ये विपत्तियां हम पर इस कारण तो नहीं आ पड़ीं, क्योंकि हमारा परमेश्वर हमारे मध्य में नहीं रहा?
- Jeremiah 16:6–7 यिर्मयाह 16:6–7इस कारण इस देश के छोटे- बड़े सब मरेंगे, न तो इनको मिट्टी दी जाएगी, न लोग छाती पीटेंगे, न अपना शरीर चीरेंगे, और न सिर मुंड़ाएंगे। इनके लिये कोई शोक करनेवालों को रोटी न बाटेंगे कि शोक में उन्हें शान्ति दें; और न लोग पिता वा माता के मरने पर किसी को शान्ति के लिये कटोरे में दाखमधु पिलाएंगे।
- Revelation 6:4 प्रकाशितवाक्य 6:4फिर एक और घोड़ा निकला, जो लाल रंग का था; उसके सवार को यह अधिकार दिया गया, कि पृथ्वी पर से मेल उठा ले, ताकि लोग एक दूसरे को वध करें; और उसे एक बड़ी तलवार दी गई।।
- 2 Chronicles 15:5–6 2 इतिहास 15:5–6उस समय न तो जानेवाले को कुछ शांति होती थी, और न आनेवाले को, वरन सारे देश के सब निवासियों में बड़ा ही कोलाहल होता था। और जाति से जाति और तगर से नगर चूर किए जाते थे, क्योंकि परमेश्वर नाना प्रकार का कष्ट देकर उन्हें घबरा देता था।
- Zechariah 8:10 जकर्याह 8:10उन दिनों के पहिले, न तो मनुष्य की मजदूरी मिलती थी और न पशु का भाड़ा, वरन सतानेवालों के कारण न तो आनेवाले को चैन मिलता था और न जानेवाले को; क्योंकि मैं सब मनुष्यों से एक दूसरे पर चढ़ाई कराता था।
Original words (Hebrew)
- saith · H559אָמַר ʼâmar
- Enter · H935בּוֹא bôwʼ
- house · H1004בַּיִת bayith
- mourning · H4798מַרְזֵחַ marzêach
- go · H3212יָלַךְ yâlak
- lament · H5594סָפַד çâphad
- bemoan · H5110נוּד nûwd
- away · H622אָסַף ʼâçaph
- peace · H7965שָׁלוֹם shâlôwm
- people · H5971עַם ʻam
- saith · H5002נְאֻם nᵉʼum
- lovingkindness · H2617חֵסֵד chêçêd
- mercies · H7356רַחַם racham