Zechariah · chapter 8 · verse 10
Zechariah 8:10 in Hindi
उन दिनों के पहिले, न तो मनुष्य की मजदूरी मिलती थी और न पशु का भाड़ा, वरन सतानेवालों के कारण न तो आनेवाले को चैन मिलता था और न जानेवाले को; क्योंकि मैं सब मनुष्यों से एक दूसरे पर चढ़ाई कराता था।
Un dinom ke pahile, na to manushy kee majadooree milatee thee aur na pashu kaa bhaadaa, varan sataanevaalom ke kaaran na to aanevaale ko chain milataa thaa aur na jaanevaale ko; kyonki maim sab manushyom se ek doosare par chadhaaee karaataa thaa.
Zechariah 8:10 in English
- King James Version (KJV)
- For before these days there was no hire for man, nor any hire for beast; neither [was there any] peace to him that went out or came in because of the affliction: for I set all men every one against his neighbour.
- World English Bible (WEB)
- For before those days there was no wages for man nor any wages for an animal, neither was there any peace to him who went out or came in, because of the adversary. For I set all men everyone against his neighbor.
- American Standard Version (ASV)
- For before those days there was no hire for man, nor any hire for beast; neither was there any peace to him that went out or came in, because of the adversary: for I set all men every one against his neighbor.
- Bible in Basic English (BBE)
- For before those days there was no payment for a man's work, or for the use of a beast, and there was no peace for him who went out or him who came in, because of the attacker: for I had every man turned against his neighbour.
- Darby Translation (DBY)
- For before those days there was no hire for man, nor any hire for beast; and there was no peace for him that went out or that came in, because of the distress: for I let loose all men, every one against his neighbour.
- Webster's Bible (WBS)
- For before these days there was no hire for man, nor any hire for beast; neither [was there any] peace to him that went out or came in because of the affliction: for I set all men every one against his neighbor.
- Young's Literal Translation (YLT)
- For, before those days there hath been no hiring of man, Yea, a hiring of beasts there is none; And to him who is going out, And to him who is coming in, There is no peace because of the adversary, And I send all men — each against his neighbour.
Read in context
- 8और मैं उन्हें ले आकर यरूशलेम के बीच में बसाऊंगा; और वे मेरी प्रजा ठहरेंगे और मैं उनका परमेश्वर ठहरूंगा, यह तो सच्चाई और धर्म के साथ होगा।।
- 9सेनाओं का यहोवा यों कहता है, तुम इन दिनों में ये वचन उन भविष्यद्वक्ताओं के मुख से सुनते हो जो सेनाओं के यहोवा के भवन की नेव डालने के समय अर्थात् मन्दिर के बनने के समय में थे।
- 10उन दिनों के पहिले, न तो मनुष्य की मजदूरी मिलती थी और न पशु का भाड़ा, वरन सतानेवालों के कारण न तो आनेवाले को चैन मिलता था और न जानेवाले को; क्योंकि मैं सब मनुष्यों से एक दूसरे पर चढ़ाई कराता था।
- 11परन्तु अब मैं इस प्रजा के बचे हुओं से ऐसा बर्ताव न करूंगा जैसा कि अगले दिनों में करता था, सेनाओं के यहोवा की यही वाणी है।
- 12क्योंकि अब शान्ति के समय की उपज अर्थात् दाखलता फला करेंगी, पृथ्वी अपनी उपज उपजाया करेगी, और आकाश से ओस गिरा करेगी; क्योंकि मैं अपनी इस प्रजा के बचे हुओं को इन सब का अधिकारी कर दूंगा।
Cross references
- Haggai 1:6–11 हाग्गै 1:6–11तुम ने बहुत बोया परन्तु थोड़ा काटा; तुम खाते हो, परन्तु पेट नहीं भरता; तुम पीते हो, परन्तु प्यास नहीं बुझती; तुम कपड़े पहिनते हो, परन्तु गरमाते नहीं; और जो मजदूरी कमाता है, वह अपनी मजदूरी की कमाई को छेदवाली थैली में रखता है।। सेनाओ का यहोवा तुम से यों कहता हे, अपने अपने चालचलन पर सोचो। पहाड़ पर चढ़ जाओ और लकड़ी ले आओ और इस भवन को बनाओ; और मैं उसको देखकर प्रसन्न हूंगा, और मेरी महिमा होगी, यहोवा का यही वचन है। तुम ने बहुत उपज की आशा रखी, परन्तु देखो थेड़ी ही है; और जब तुम उसे घर ले आए, तब मैं ने उसको उड़ा दिया। सेनाओं के यहोवा की यह वाणी है, ऐसा क्यों हुआ? क्या इसलिये नहीं, कि मेरा भवन उजाड़ पड़ा है और तुम में से प्रत्येक अपने अपने घर को दौड़ा चला जाता है? इस कारण आकाश से ओस गिरना और पृथ्वी से अन्न उपजना दोनों बन्द हैं। और मेरी आज्ञा से पृथ्वी और पहाड़ों पर, और अन्न और नये दाखमधु पर और ताजे तेल पर, और जो कुछ भूमि से उपजता है उस पर, और मनुष्यों और घरैलू पशुओं पर, और उनके परिश्रम की सारी कमाई पर भी अकाल पड़ा है।।
- Amos 9:4 आमोस 9:4और चाहे शत्रु उन्हें हांककर बंधुआई में ले जाएं, वहां भी मैं आज्ञा देकर तलवार से उन्हें घात कराऊंगा; और मैं उन पर भलाई करने के लिये नहीं, बुराई की करने के लिये दृष्टि करूंगा।।
- Isaiah 19:2 यशायाह 19:2और मि की मूरतें उसके आने से थरथरा उठेंगी, और मिस्त्रियों का हृदय पानी- पानी हो जाएगा। और मैं मिस्त्रियों को एक दूसरे के विरूद्ध उभारूंगा, और वे आपस में लड़ेंगे, प्रत्येक अपने भाई से और हर एक अपने पड़ोसी से लड़ेगा, नगर नगर में और राज्य राज्य में युद्ध छिड़ेंगा;
- Amos 3:6 आमोस 3:6क्या किसी नगर में नरसिंगा फूंकने पर लोग न थरथराएंगे? क्या यहोवा के बिना भेजे किसी नगर में कोई विपत्ति पड़ेगी?
- Haggai 2:16–18 हाग्गै 2:16–18उन दिनों में जब कोई अन्न के बीस नपुओं की आशा से जाता, तब दास ही पाता था, और जब कोई दाखरस के कुण्ड के पास इस आशा से जाता कि पचास बर्तन भर निकालें, तब बीस ही निकलते थे। मैं ने तुम्हारी सारी खेती को लू और गरूई और ओलों से मारा, तौभी तुम मेरी ओर न फिरे, यहोवा की यही वाणी है। अब सोच- विचार करो, कि आज से पहिले अर्थात् जिस दिन यहोवा के मन्दिर की नेव डाली गई, उस दिन से लेकर नौवें महीने के इसी चौबीसवें दिन तक क्या दशा थी? इसका सोच- विचार करो।
- Judges 5:11 न्यायियों 5:11परघटों के आस पास धनुर्धारियों की बात के कारण, वहां वे यहोवा के धर्ममय कामों का, इस्राएल के लिये उसके धर्ममय कामों का बखान करेंगे। उस समय यहोवा की प्रजा के लोग फाटकों के पस गए।।
- Matthew 10:34–36 मत्ती 10:34–36यह न समझो, कि मैं पृथ्वी पर मिलाप कराने को आया हूं; मैं मिलाप कराने को नहीं, पर तलवार चलवाने आया हूं। मैं तो आया हूं, कि मनुष्य को उसक पिता से, और बेटी को उस की मां से, और बहू को उस की सास से अलग कर दूं। मनुष्य के बैरी उसक घर ही के लोग होंगे।
- Jeremiah 16:16 यिर्मयाह 16:16देखो, यहोवा की यह वाणी है कि मै बहुत से मछुओं को बुलवा भेजूंगा कि वे इन लोगों को पकड़ लें, और, फिर मैं बहुत से बहेलियों को बुलवा भेजूंगा कि वे इनको अहेर करके सब पहाड़ों और पहाड़ियों पर से और चट्टानों की दरारों में से निकालें।
- Judges 5:6–7 न्यायियों 5:6–7अनात के पुत्रा शमगर के दिनों में, और याएल के दिनों में सड़कें सूनी पड़ी थीं, और बटोही पगदंडियों से चलते थे।। जब तक मैं दबोरा न उठी, जब तक मैं इस्राएल में माता होकर न उठी, तब तक गांव सूने पड़े थे।।
- 2 Chronicles 15:5–7 2 इतिहास 15:5–7उस समय न तो जानेवाले को कुछ शांति होती थी, और न आनेवाले को, वरन सारे देश के सब निवासियों में बड़ा ही कोलाहल होता था। और जाति से जाति और तगर से नगर चूर किए जाते थे, क्योंकि परमेश्वर नाना प्रकार का कष्ट देकर उन्हें घबरा देता था। परन्तु तुम लोग हियाब बान्धोे और तुम्हारे हाथ ढीले न पड़ें, क्योंकि तुम्हारे काम का बदला मिलेगा।
Original words (Hebrew)
- before · H6440פָּנִים pânîym
- days · H3117יוֹם yôwm
- was · H1961הָיָה hâyâh
- hire · H7939שָׂכָר sâkâr
- man · H120אָדָם ʼâdâm
- hire · H7939שָׂכָר sâkâr
- beast · H929בְּהֵמָה bᵉhêmâh
- peace · H7965שָׁלוֹם shâlôwm
- out · H3318יָצָא yâtsâʼ
- in · H935בּוֹא bôwʼ
- affliction · H6862צַר tsar
- set · H7971שָׁלַח shâlach
- men · H120אָדָם ʼâdâm
- one · H376אִישׁ ʼîysh
- neighbour · H7453רֵעַ rêaʻ