Jeremiah · chapter 3 · verse 17
Jeremiah 3:17 in Hindi
उस समय सरूशलेम यहोवा का सिंहासन कहलाएगा, और सब जातियां उसी यरूशलेम में मेरे नाम के निमित्त इकट्ठी हुआ करेंगी, और, वे फिर अपने बुरे मन के हठ पर न चलेंगी।
Us samay sarooshalem yahovaa kaa sinhaasan kahalaaegaa, aur sab jaatiyaam usee yarooshalem mem mere naam ke nimitt ikatthee huaa karengee, aur, ve phir apane bure man ke hath par na chalengee.
Jeremiah 3:17 in English
- King James Version (KJV)
- At that time they shall call Jerusalem the throne of the LORD; and all the nations shall be gathered unto it, to the name of the LORD, to Jerusalem: neither shall they walk any more after the imagination of their evil heart.
- World English Bible (WEB)
- At that time they will call Jerusalem ‘The LORD’s Throne;’ and all the nations will be gathered to it, to the LORD’s name, to Jerusalem. They will no longer walk after the stubbornness of their evil heart.
- American Standard Version (ASV)
- At that time they shall call Jerusalem the throne of Jehovah; and all the nations shall be gathered unto it, to the name of Jehovah, to Jerusalem: neither shall they walk any more after the stubbornness of their evil heart.
- Bible in Basic English (BBE)
- At that time Jerusalem will be named the seat of the Lord's kingdom; and all the nations will come together to it, to the name of the Lord, to Jerusalem: and no longer will their steps be guided by the purposes of their evil hearts.
- Darby Translation (DBY)
- At that time they shall call Jerusalem the throne of Jehovah; and all the nations shall be gathered unto it, to the name of Jehovah, to Jerusalem; and they shall no more walk after the stubbornness of their evil heart.
- Webster's Bible (WBS)
- At that time they shall call Jerusalem the throne of the LORD; and all the nations shall be gathered to it, to the name of the LORD, to Jerusalem; neither shall they walk any more after the imagination of their evil heart.
- Young's Literal Translation (YLT)
- At that time they cry to Jerusalem, 'O throne of Jehovah,' And gathered unto her hath been all the nations, For the name of Jehovah, to Jerusalem, Nor do they go any more after the stubbornness of their evil heart.
Read in context
- 15और मैं तुम्हें अपने मन के अनुकूल चरवाहे दूंगा, जो ज्ञान और बुध्दि से तुम्हें चराएंगे।
- 16उन दिनों में जब तुम इस देश में बढ़ो, और फूलो- फलोे, तब लोग फिर ऐसा न कहेंगे, "यहोवा की वाचा का सन्दूक"; यहोवा की यह भी वाणी हे। उसका विचार भी उनके मन में न आएगा, न लोग उसके न रहने से चिन्ता करेंगे; और न उसकी मरम्मत होगी।
- 17उस समय सरूशलेम यहोवा का सिंहासन कहलाएगा, और सब जातियां उसी यरूशलेम में मेरे नाम के निमित्त इकट्ठी हुआ करेंगी, और, वे फिर अपने बुरे मन के हठ पर न चलेंगी।
- 18उन दिनों में यहूदा का घराना इस्राएल के घराने के साथ चलेगा और वे दोनों मिलकर उत्तर के देश से इस देश में आएंगे जिसे मैं ने उनके पूर्वजों को निज भाग करके दिया था।
- 19मैं ने सोचा था, मैं कैसे तुझे लड़कों में गिनकर वह मनभावना देश दूं जो सब जातियों के देशों का शिरोमणि है। और मैं ने सोचा कि तू मुझे पिता कहेगी, और मुझ से फिर न भटकेगी।
Cross references
- Ezekiel 43:7 यहेजकेल 43:7उस ने मुझ से कहा, हे मनुष्य के सन्तान, यहोवा की यह वाणी है, यह तो मेरे सिंहासन का स्थान और मेरे पांव रखने की जगह है, जहां मैं इस्राएल के बीच सदा वास किए रहूंगा। और न तो इस्राएल का घराना, और न उसके राजा अपने व्यभिचार से, वा उपने ऊंचे स्थानों में अपने राजाओं की लोथों के द्वारा मेरा पवित्रा नाम फिर अशुद्ध ठहराएंगे।
- Micah 4:1–5 मीका 4:1–5अन्त के दिनों में ऐसा होगा कि यहोवा के भवन के भवन का पर्वत सब पहाड़ों पर दृढ़ किया जाएगा, और सब पहाड़ियों से अधिक ऊंचा किया जाएगा; और हर जाति के लोग धारा की नाईं उसकी ओर चलेंगे। और बहुत जातियों के लाग जाएंगे, और आपस में कहेंगे, आओ, हम यहोवा के पर्वत पर चढ़कर, याकूब के परमेश्वर के भवन में जाएं; तब वह हम को अपने मार्ग सिखाएगा, और हम उसके पथों पर चलेंगे। क्योंकि यहोवा की व्यवस्था सिरयोन से, और उसका वचन यरूशलेम से निकलेगा। वह बहुत देखों के लोगों का न्याय करेगा, और दूर दूर तक की सामर्थी जातयों के झगड़ों को मिटाएगा; सो वे अपनी तलवारें पीटकर हल के फाल, और अपने भालों से हंसिया बनाएंगे; तब एक जाति दूसरी जाति के विरूद्ध तलवार फिर न चलाएगी; और लोग आगे को युद्ध विद्या न सीखेंगे। परन्तु वे अपनी अपनी दाखलता और अंजीर के वृक्ष तले बैठा करेंगे, और कोई उनको न डराएगा; सेनाओं के यहोवा ने यही वचन दिया है।। सब राज्यों के लोग तो अपने अपने देवता का नाम लेकर चलते हैं, परन्तु हम लोग अपने परमेश्वर यहोवा का नाम लेकर सदा सर्वदा चलते रहेंगे।।
- Jeremiah 17:12 यिर्मयाह 17:12हमारा पवित्रा आराधनालय आदि से ऊंचे स्थान पर रखे हुए एक तेजोमय सिंहासन के समान है।
- Zechariah 2:11 जकर्याह 2:11उस समय बहुत सी जातियां यहोवा से मिल जाएंगी, और मेरी प्रजा हो जाएंगी; और मैं तेरे बीच में बास करूंगा,
- Zechariah 8:20–23 जकर्याह 8:20–23सेनाओं का यहोवा यों कहता है, ऐसा समय आनेवाला है कि देश देश के लोग और बहुत नगरों के रहनेवाले आएंगे। और एक नगर के रहनेवाले दूसरे नगर के रहनेवालों के पास जाकर कहेंगे, यहोवा से बिनती करने और सेनाओं के यहोवा को ढूंढ़ने के लिये चलो; मैं भी चलूंगा। बहुत से देशों के वरन सामर्थी जातियों के लोग यरूशलेम में सेनाओं के यहोवा को ढूंढ़ने और यहोवा से बिनती करने के लिये आएंगे। सेनाओं का यहोवा यों कहता है: उस दिनों में भांति भांति की भाषा बोलनेवाली सब जातियों में से दस मनुष्य, एक यहूदी पुरूष के वस्त्रा की छोर को यह कहकर पकड़ लेंगे, कि, हम तुम्हारे संग चलेंगे, क्योंकि हम ने सुना है कि परमेश्वर तुम्हारे साथ है।।
- Jeremiah 11:8 यिर्मयाह 11:8परन्तु अन्हों ने न सुनी और न मेरी बातों पर कान लगाया, किन्तु अपने अपने बुरे मन के हठ पर चलते रहे। इसलिये मैं ने उनके विषय इस वाचा की सब बातों को पूर्ण किया है जिसके मानने की मैं ने उन्हें आज्ञा दी थी और उन्हों ने न मानी।
- Isaiah 2:2–4 यशायाह 2:2–4अन्त के दिनों में ऐसा होगा कि यहोवा के भवन का पर्वत सब पहाड़ों पर दृढ़ किया जाएगा, और सब पहाड़ियों से अधिक ऊंचा किया जाएगा; और हर जाति के लागे धारा की नाई उसकी ओर चलेंगें। और बहुत देशों के लागे आएंगे, और आपस में कहेंगे: आओ, हम यहोवा के पर्वत पर चढ़कर, याकूब के परमेश्वर के भवन में जाएं; तब वह हमको अपने मार्ग सिखाएगा, और हम उसके पथों पर चलेंगे। क्योंकि यहोवा की व्यवस्था सिरयोन से, और उसका वचन यरूशलेम से निकलेगा। वह जाति जाति का न्याय करेगा, और देश देश के लोगों के झगड़ों को मिटाएगा; और वे अपनी तलवारें पीटकर हल के फाल और अपने भालों को हंसिया बनाएंगे; तब एक जाति दूसरी जाति के विरूद्ध फिर तलवार न चलाएगी, न लोग भविष्य में युद्ध की विद्या सीखेंगे।।
- Isaiah 60:3–9 यशायाह 60:3–9और अन्यजातियां तेरे पास प्रकाश के लिये और राजा तेरे आरोहण के प्रताप की ओर आएंगे।। अपनी आंखें चारो ओर उठाकर देख; वे सब के सब इकट्ठे होकर तेरे पास आ रहे हैं; तेरे पुत्रा दूर से आ रहे हैं, और तेरी पुत्रियां हाथों- हाथ पहुंचाई जा रही हैं। तब तू इसे देखेगी और तेरा मुख चमकेगा, तेरा हृदय थरथराएगा और आनन्द से भर जाएगा; क्योंकि समुद्र का सारा धन और अन्यजातियों की धन- सम्पति तुझ को मिलेगी। तेरे देश में ऊंटों के झुण्ड और मिद्यान और एपादेशों की साड़नियां इकट्ठी होंगी; शिबा के सब लोग आकर सोना और लोबान भेंट लाएंगे और यहोवा का गुणानुवाद आनन्द से सुनाएंगे। केदार की सब भेड़- बकरियां इकट्ठी होकर तेरी हो जाएंगी, नबायोत के मेढ़े तेरी सेवा टहल के काम में आएंगे; मेरी वेदी पर वे ग्रहण किए जाएंगे और मैं अपने शोभायमान भवन को और भी प्रतापी कर दूंगा।। ये कौन हैं जो बादल की नाई और दर्बाओं की ओर उड़ते हुए कबूतरों की नाई चले आते हैं? निश्चय द्वीप मेरी ही बाट देखेंगे, पहिले तो तर्शीश के जहाज आएंगे, कि, मेरे पुत्रों को सोने चान्दी समेत तेरे परमेश्वर यहोवा अर्थात् इस्राएल के पवित्रा के नाम के निमित्त दूर से पहुंचाए, क्योंकि उस ने तुझे शोभायमान किया है।।
- Isaiah 56:6 यशायाह 56:6परदेशी भी जो यहोवा के साथ इस इच्छा से मिले हुए हैं कि उसकी सेवा टहल करें और यहोवा के नाम से प्रीति रखें और उसके दास हो जाएं, जितने विश्रामदिन को अपवित्रा करने से बचे रहते और मेरी वाचा को पालते हैं,
- Isaiah 66:20 यशायाह 66:20और जैसे इस्राएली लोग अन्नबलि को शुद्ध पात्र में धरकर यहोवा के भवन में ले आते हैं, वैसे ही वे तुम्हारे सब भाइयों को घोड़ों, रथों, पालकियों, खच्चरों और साड़नियों पर चढ़ा चढ़ाकर मेरे पवित्र पर्वत यरूशलेम पर यहोवा की भेंट के लिये ले आएंगे, यहोवा का यही वचन है।
- Isaiah 49:18–23 यशायाह 49:18–23अपनी आंखें उठाकर चारों ओर देख, वे सब के सब इकट्ठे होकर तेरे पास आ रहे हैं। यहोवा की यह वाणी है कि मेरे जीवन की शपथ, तू निश्चय उन सभों को गहने के समान पहिल लेगी, तू दुल्हिन की नाई अपने शरीर में उन सब को बान्ध लेगी।। तेरे जो स्थान सुनसान और उजड़े हैं, और तेरे जो देश खण्डहर ही खण्डहर हैं, उन में अब निवासी न समाएंगे, और, तुझे नष्ट करनेवाले दूर हो जाएंगे। तेरे पुत्रा जो तुझ से ले लिए गए वे फिर तेरे कान में कहने पाएंगे कि यह स्थान हमारे लिये सकेत है, हमें और स्थान दे कि उस में रहें। तब तू मन में कहेगी, किस ने इनको मेरे लिये जन्माया? मैं तो पुत्राहीन और बांझ हो गई थीं, दासत्व में और यहां वहां मैं घूमती रही, इनको किस ने पाला? देख, मैं अकेली रह गई थी; फिर ये कहां थे? प्रभु यहोवा यों कहता है, देख, ये अपना हाथ जाति जाति के लोगों की ओर उठाऊंगा, और देश देश के लोगों के साम्हने अपना झण्डा खड़ा करूंगा; तब वे तेरे पुत्रों को अपनी गोद में लिए आएंगे, और तेरी पुत्रियों को अपने कन्धे पर चढ़ाकर तेरे पास पहुंचाएंगे। राजा तेरे बच्चों के निज- सेवक और उनकी रानियां दूध पिलाने के लिये तेरी धाइयों होंगी। वे अपनी नाक भूमि पर रगड़कर तुझे दण्डवत् करेंगे और तेरे पांवों की धूलि चाटेंगे। तब तू यह जान लेगी कि मैं ही यहोवा हूं; मेरी बाट जोहनेवाले कभी लज्जित न होंगे।।
- Jeremiah 9:14 यिर्मयाह 9:14वरन वे उपने हठ पर बाल नाम देवताओं के पीछे चले, जैसा उनके पुरखाओं ने उनको सिखलाया।
Original words (Hebrew)
- time · H6256עֵת ʻêth
- call · H7121קָרָא qârâʼ
- Jerusalem · H3389יְרוּשָׁלַ͏ִם Yᵉrûwshâlaim
- throne · H3678כִּסֵּא kiççêʼ
- nations · H1471גּוֹי gôwy
- gathered · H6960קָוָה qâvâh
- name · H8034שֵׁם shêm
- Jerusalem · H3389יְרוּשָׁלַ͏ִם Yᵉrûwshâlaim
- walk · H3212יָלַךְ yâlak
- after · H310אַחַר ʼachar
- imagination · H8307שְׁרִירוּת shᵉrîyrûwth
- evil · H7451רַע raʻ
- heart · H3820לֵב lêb