Isaiah · chapter 56 · verse 6
Isaiah 56:6 in Hindi
परदेशी भी जो यहोवा के साथ इस इच्छा से मिले हुए हैं कि उसकी सेवा टहल करें और यहोवा के नाम से प्रीति रखें और उसके दास हो जाएं, जितने विश्रामदिन को अपवित्रा करने से बचे रहते और मेरी वाचा को पालते हैं,
Paradeshee bhee jo yahovaa ke saath is ichchhaa se mile hue haim ki usakee sevaa tahal karem aur yahovaa ke naam se preeti rakhem aur usake daas ho jaaem, jitane vishraamadin ko apavitraa karane se bache rahate aur meree vaachaa ko paalate haim,
Isaiah 56:6 in English
- King James Version (KJV)
- Also the sons of the stranger, that join themselves to the LORD, to serve him, and to love the name of the LORD, to be his servants, every one that keepeth the sabbath from polluting it, and taketh hold of my covenant;
- World English Bible (WEB)
- Also the foreigners who join themselves to the LORD to serve him, and to love the LORD’s name, to be his servants, everyone who keeps the Sabbath from profaning it, and holds fast my covenant,
- American Standard Version (ASV)
- Also the foreigners that join themselves to Jehovah, to minister unto him, and to love the name of Jehovah, to be his servants, every one that keepeth the sabbath from profaning it, and holdeth fast my covenant;
- Bible in Basic English (BBE)
- And as for those from a strange country, who are joined to the Lord, to give worship to him and honour to his name, to be his servants, even everyone who keeps the Sabbath holy, and keeps his agreement with me:
- Darby Translation (DBY)
- Also the sons of the alien, that join themselves to Jehovah, to minister unto him and to love the name of Jehovah, to be his servants, every one that keepeth the sabbath from profaning it, and holdeth fast to my covenant;
- Webster's Bible (WBS)
- Also the sons of the stranger, that join themselves to the LORD, to serve him, and to love the name of the LORD, to be his servants, every one that keepeth the sabbath from profaning it, and taketh hold of my covenant;
- Young's Literal Translation (YLT)
- And sons of the stranger, who are joined to Jehovah, To serve Him, and to love the name of Jehovah, To be to Him for servants, Every keeper of the sabbath from polluting it, And those keeping hold on My covenant.
Read in context
- 4क्योंकि जो खोजे मेरे विश्रामदिन को मानते और जिस बात से मैं प्रसन्न रहता हूं उसी को अपनाते और मेरी वाचा को पालते हैं, उनके विषय यहोवा यों कहता है
- 5कि मैं अपने भवन और अपनी शहर- पनाह के भीतर उनको ऐसा नाम दूंगा जो पुत्रा- पुत्रियों से कहीं उत्तम होगा; मैं उनका नाम सदा बनाए रखूंगा और वह कभी न मिटाया जाएगा।
- 6परदेशी भी जो यहोवा के साथ इस इच्छा से मिले हुए हैं कि उसकी सेवा टहल करें और यहोवा के नाम से प्रीति रखें और उसके दास हो जाएं, जितने विश्रामदिन को अपवित्रा करने से बचे रहते और मेरी वाचा को पालते हैं,
- 7उनको मैं अपने पवित्रा पर्वत पर ले आकर अपने प्रार्थना के भवन में आनन्दित करूंगा; उनके होमबलि और मेलबलि मेरी वेदी पर ग्रहण किए जाएंगे; क्योंकि मेरा भवन सब देशों के लोगों के लिये प्रार्थना का घर कहलाएगा।
- 8प्रभु यहोवा, जो निकाले हुए इस्राएलियों को इकट्ठे करनेवाला है, उसकी यह वाणी है कि जो इकट्ठे किए गए हैं उनके साथ मैं औरों को भी इकट्ठे करके मिला दूंगा।।
Cross references
- Jeremiah 50:5 यिर्मयाह 50:5वे सिरयोन की ओर मुंह किए हुए उसका मार्ग पूछते और आपस में यह कहते आएंगे, कि आओ हम यहोवा से मेल कर लें, उसके साथ ऐसी वाचा बान्धे जो कभी भूली न जाए, परन्तु सदा स्थिर रहे।
- Isaiah 58:13 यशायाह 58:13यदि तू विश्रामदिन को अशुद्ध न करे अर्थात् मेरे उस पवित्रा दिन में अपनी इच्छा पूरी करने का यत्न न करे, और विश्रामदिन को आनन्द का दिन और यहोवा का पवित्रा किया हुआ दिन समझकर माने; यदि तू उसका सन्मान करके उस दिन अपने मार्ग पर न चले, अपनी इच्छा पूरी न करे, और अपनी ही बातें न बोले,
- Isaiah 56:2–4 यशायाह 56:2–4क्या ही धन्य है वह मनुष्य जो ऐसा ही करता, और वह आदमी जो इस पर स्थिर रहता है, जो विश्रापदिन को पवित्रा मानता और अपवित्रा करने से बचा रहता है, और अपने हाथ को सब भांति की बुराई करने से रोकता है। जो परदेशी यहोवा से मिल गए हैं, वे न कहें कि यहोवा हमें अपनी प्रजा से निश्चय अलग करेगा; और खोजे भी न कहें कि हम तो सूखे वृक्ष हैं। क्योंकि जो खोजे मेरे विश्रामदिन को मानते और जिस बात से मैं प्रसन्न रहता हूं उसी को अपनाते और मेरी वाचा को पालते हैं, उनके विषय यहोवा यों कहता है
- Galatians 5:6 गलातियों 5:6और मसीह यीशु में न खतना, न खतनारहित कुछ काम का है, परन्तु केवल विश्वास का जो प्रेम के द्वारा प्रभाव करता है।
- James 2:5 याकूब 2:5हे मेरे प्रिय भाइयों सुनो; क्या परमेश्वर ने इस जगत के कंगालों को नहीं चुना कि विश्वास में धर्मी, और उस राज्य के अधिकारी हों, जिस की प्रतिज्ञा उस ने उन से की है जो उस से प्रेम रखते हैं?
- Isaiah 44:5 यशायाह 44:5कोई कहेगा, मैं यहोवा का हूं, कोई अपना नाम याकूब रखेगा, कोई अपने हाथ पर लिखेगा, मैं यहोवा का हूं, और अपना कुलनाम इस्राएली बताएगा।।
- Mark 12:30–34 मरकुस 12:30–34और तू प्रभु अपने परमेश्वर से अपने सारे मन से और अपने सारे प्राण से, और अपनी सारी बुद्धि से, और अपनी सारी शक्ति से प्रेम रखना। और दूसरी यह है, कि तू अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रखना: इस से बड़ी और कोई आज्ञा नहीं। शास्त्री ने उस से कहा; हे गुरू, बहुत ठीक! तू ने सच कहा, कि वह एक ही है, और उसे छोड़ और कोई नहीं। और उस से सारे मन और सारी बुद्धि और सारे प्राण और सारी शक्ति के साथ प्रेम रखना और पड़ोसी से अपने समान प्रेम रखना, सारे होमों और बलिदानों से बढ़कर है। जब यीशु ने देखा कि उस ने समझ से उत्तर दिया, तो उस से कहा; तू परमेश्वर के राज्य से दूर नहीं: और किसी को फिर उस से कुछ पूछने का साहस न हुआ।।
- Acts 2:41 प्रेरितों के काम 2:41सो जिन्हों ने उसका वचन ग्रहण किया उन्हों ने बपतिस्मा लिया; और उसी दिन तीन हजार मनुष्यों के लगभग उन में मिल गए।
- Revelation 1:10 प्रकाशितवाक्य 1:10कि मैं प्रभु के दिन आत्मा में आ गया, और अपने पीछे तुरही का सा बड़ा शब्द यह कहते सुना।
- Isaiah 60:10 यशायाह 60:10परदेशी लोग तेरी शहरपनाह को उठाएंगे, और उनके राजा तेरी सेवा टहल करेंगे; क्योंकि मैं ने क्रोध में आकर तुझे दु:ख दिया था, परन्तु अब तुझ से प्रसन्न होकर तुझ पर दया की है।
- 2 Corinthians 8:5 2 कुरिन्थियों 8:5और जैसी हम ने आज्ञा की थी, वैसी ही नहीं, बरन उन्हों ने प्रभु को, फिर परमेश्वर की इच्छा से हम को भी अपने तई दे दिया।
- Romans 8:28 रोमियों 8:28और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात् उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं।
Original words (Hebrew)
- sons · H1121בֵּן bên
- stranger · H5236נֵכָר nêkâr
- join · H3867לָוָה lâvâh
- serve · H8334שָׁרַת shârath
- love · H157אָהַב ʼâhab
- name · H8034שֵׁם shêm
- servants · H5650עֶבֶד ʻebed
- keepeth · H8104שָׁמַר shâmar
- sabbath · H7676שַׁבָּת shabbâth
- polluting · H2490חָלַל châlal
- hold · H2388חָזַק châzaq
- covenant · H1285בְּרִית bᵉrîyth