Jeremiah · chapter 31 · verse 15
Jeremiah 31:15 in Hindi
यहोवा यह भी कहता है: सुन, रामा नगर में विलाप और बिलक बिलककर रोने का शब्द सुनने में आता है। राहेल अपने लड़कों के लिये रो रही है; और अपने लड़कों के कारण शान्त नहीं होती, क्योंकि वे जाते रहे।
Yahovaa yah bhee kahataa hai: sun, raamaa nagar mem vilaap aur bilak bilakakar rone kaa shabd sunane mem aataa hai. Raahel apane ladakom ke liye ro rahee hai; aur apane ladakom ke kaaran shaant naheem hotee, kyonki ve jaate rahe.
Jeremiah 31:15 in English
- King James Version (KJV)
- Thus saith the LORD; A voice was heard in Ramah, lamentation, [and] bitter weeping; Rahel weeping for her children refused to be comforted for her children, because they [were] not.
- World English Bible (WEB)
- The LORD says: “A voice is heard in Ramah, lamentation and bitter weeping, Rachel weeping for her children. She refuses to be comforted for her children, because they are no more.”
- American Standard Version (ASV)
- Thus saith Jehovah: A voice is heard in Ramah, lamentation, and bitter weeping, Rachel weeping for her children; she refuseth to be comforted for her children, because they are not.
- Bible in Basic English (BBE)
- So has the Lord said: In Ramah there is a sound of crying, weeping and bitter sorrow; Rachel weeping for her children; she will not be comforted for their loss.
- Darby Translation (DBY)
- Thus saith Jehovah: A voice hath been heard in Ramah, the wail of very bitter weeping, — Rachel weeping for her children, refusing to be comforted for her children, because they are not.
- Webster's Bible (WBS)
- Thus saith the LORD; A voice was heard in Ramah, lamentation, [and] bitter weeping; Rachel weeping for her children refused to be comforted for her children, because they [were] not.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Thus said Jehovah, A voice in Ramah is heard, wailing, weeping most bitter, Rachel is weeping for her sons, She hath refused to be comforted for her sons, because they are not.
Read in context
- 13उस समय उनकी कुमारियां नाचती हुई हर्ष करेंगी, और जवान और बूढ़े एक संग आनन्द करेंगे। क्योंकि मैं उनके शोक को दूर कर के उन्हें आनन्दित करूंगा, मैं उन्हें शान्ति दूंगा, और दु:ख के बदले आनन्द दूंगा।
- 14मैं याजकों को चिकनी वस्तुओं से अति तृप्त करूंगा, और मेरी प्रजा मेरे उत्तम दानों से सन्तुष्ट होगी, यहोवा की यही वाणी है।
- 15यहोवा यह भी कहता है: सुन, रामा नगर में विलाप और बिलक बिलककर रोने का शब्द सुनने में आता है। राहेल अपने लड़कों के लिये रो रही है; और अपने लड़कों के कारण शान्त नहीं होती, क्योंकि वे जाते रहे।
- 16यहोवा यों कहता हे: रोने-पीटने और आंसू बहाने से रुक जा; क्योंकि तेरे परिश्रम का फल मिलने वाला है, और वे शत्रुओं के देश से लौट आएंगे।
- 17अन्त में तेरी आशा पूरी होगी, यहोवा की यह वाणी है, तेरे वंश के लोग अपने देश में लौट आएंगे।
Cross references
- Matthew 2:16–18 मत्ती 2:16–18जब हेरोदेस ने यह देखा, कि ज्योतिषियों ने मेरे साथ ठट्ठा किया है, तब वह क्रोध से भर गया; और लोगों को भेजकर ज्योतिषियों से ठीक ठीक पूछे हुए समय के अनुसार बैतलहम और उसके आस पास के सब लड़कों को जो दो वर्ष के, वा उस से छोटे थे, मरवा डाला। तब जो वचन यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता के द्वारा कहा गया था, वह पूरा हुआ, कि रामाह में एक करूण- नाद सुनाई दिया, रोना और बड़ा विलाप, राहेल अपने बालकों के लिये रो रही थी, और शान्त होना न चाहती थी, क्योंकि वे हैं नहीं।।
- Psalm 77:2 भजन संहिता 77:2संकट के दिन मैं प्रभु की खोज में लगा रहा; रात को मेरा हाथ फैला रहा, और ढीला न हुआ, मुझ में शांति आई ही नहीं।
- Jeremiah 40:1 यिर्मयाह 40:1जब जल्लादों के प्रधान नबूजरदान ने यिर्मयाह को रामा में उन सब यरूशलेमी और यहूदी बंधुओं के बीच हथकड़ियों से बन्धा हुआ पाकर जो बाबुल जाने को थे छुड़ा लिया, उसके बाद यहोवा का वचन उसके पास पहुंचा।
- Genesis 35:19 उत्पत्ति 35:19यों राहेल मर गई, और एप्राता, अर्थात् बेतलेहेम के मार्ग में, उसको मिट्टी दी गई।
- Genesis 37:35 उत्पत्ति 37:35और उसके सब बेटे- बेटियों ने उसको शान्ति देने का यत्न किया; पर उसको शान्ति न मिली; और वह यही कहता रहा, मैं तो विलाप करता हुआ अपने पुत्रा के पास अधोलोक में उतर जाऊंगा। इस प्रकार उसका पिता उसके लिये रोता ही रहा।
- Jeremiah 10:20 यिर्मयाह 10:20मेरा तम्बू लूटा गया, और सब रस्सियां टूट गई हैं; मेरे लड़केबाले मेरे पास से चले गए, और नहीं हैं; अब कोई नहीं रहा जो मेरे तम्बू को ताने और मेरी कनातें खड़ी करे।
- Isaiah 22:4 यशायाह 22:4इस कारण मैं ने कहा, मेरी ओर से मुंह फेर लो कि मैं बिलक बिलककर रोऊं; मेरे नगर सत्यनाश होने के शोक में मुझे शान्ति देने का यत्न मत करो।।
- Genesis 42:13 उत्पत्ति 42:13और जैसा जैसा फल उस ने हम से कहा था, वैसा की हुआ भी, अर्थात् मुझ को तो मेरा पद फिर मिला, पर वह फांसी पर लटकाया गया।
- Genesis 42:36 उत्पत्ति 42:36और वह भोजनवस्तु अकाल के उन सात वर्षों के लिये, जो मि देश में आएंगे, देश के भोजन के निमित्त रखी रहे, जिस से देश उस अकाल से स्त्यानाश न हो जाए।
- Lamentations 5:7 विलापगीत 5:7हमारे पुरखाओं ने पाप किया, ओर मर मिटे हैं; परन्तु उनके अधर्म के कामों का भार हम को उठाना पड़ा है।
- Ezekiel 2:10 यहेजकेल 2:10उसको उस ने मेरे साम्हने खोलकर फैलाया, ओर वह दोनों ओर लिखी हुई थी; और जो उस में लिखा था, वे विलाप और शोक और दु:खभरे वचन थे।
- Genesis 5:24 उत्पत्ति 5:24और हनोक परमेश्वर के साथ साथ चलता था; फिर वह लोप हो गया क्योंकि परमेश्वर ने उसे उठा लिया।
Original words (Hebrew)
- saith · H559אָמַר ʼâmar
- voice · H6963קוֹל qôwl
- heard · H8085שָׁמַע shâmaʻ
- Ramah · H7414רָמָה Râmâh
- lamentation · H5092נְהִי nᵉhîy
- bitter · H8563תַּמְרוּר tamrûwr
- weeping · H1065בְּכִי Bᵉkîy
- Rahel · H7354רָחֵל Râchêl
- weeping · H1058בָּכָה bâkâh
- children · H1121בֵּן bên
- refused · H3985מָאֵן mâʼên
- comforted · H5162נָחַם nâcham
- children · H1121בֵּן bên