Jeremiah · chapter 33 · verse 24
Jeremiah 33:24 in Hindi
कि ये लोग क्या कहते हैं, कि, जो दो कुल यहोवा ने चुन लिए थे उन दोनों से उसने अब हाथ उठाया है? यह कह कर कि ये मेरी प्रजा को तुच्छ जानते हैं और कि यह जाति उनकी दृष्टि में गिर गई है।
Ki ye log kyaa kahate haim, ki, jo do kul yahovaa ne chun lie the un donom se usane ab haath uthaayaa hai? Yah kah kar ki ye meree prajaa ko tuchchh jaanate haim aur ki yah jaati unakee drushti mem gir gaee hai.
Jeremiah 33:24 in English
- King James Version (KJV)
- Considerest thou not what this people have spoken, saying, The two families which the LORD hath chosen, he hath even cast them off? thus they have despised my people, that they should be no more a nation before them.
- World English Bible (WEB)
- “Don’t consider what this people has spoken, saying, ‘Has the LORD cast off the two families which he chose?’ Thus they despise my people, that they should be no more a nation before them.”
- American Standard Version (ASV)
- Considerest thou not what this people have spoken, saying, The two families which Jehovah did choose, he hath cast them off? thus do they despise my people, that they should be no more a nation before them.
- Bible in Basic English (BBE)
- Have you taken note of what these people have said, The two families, which the Lord took for himself, he has given up? This they say, looking down on my people as being, in their eyes, no longer a nation.
- Darby Translation (DBY)
- Hast thou not seen what this people have spoken, saying, The two families that Jehovah had chosen, he hath even cast them off? And they despise my people, that they should be no more a nation before them.
- Webster's Bible (WBS)
- Considerest thou not what this people have spoken, saying, The two families which the LORD hath chosen, he hath even cast them off? thus they have despised my people, that they should be no more a nation before them.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'Hast thou not considered what this people have spoken, saying: The two families on which Jehovah fixed, He doth reject them, And my people they despise — So that they are no more a people before them!
Read in context
- 22जैसा आकाश की सेना की गिनती और समुद्र की बालू के किनकों का परिमाण नहीं हो सकता है उसी प्रकार मैं अपने दास दाऊद के वंश और अपने सेवक लेवियों को बढ़ा कर अनगिनित कर दूंगा।
- 23यहोवा का यह वचन यिर्मयाह के पास पहुचा, क्या तू ने नहीं देखा
- 24कि ये लोग क्या कहते हैं, कि, जो दो कुल यहोवा ने चुन लिए थे उन दोनों से उसने अब हाथ उठाया है? यह कह कर कि ये मेरी प्रजा को तुच्छ जानते हैं और कि यह जाति उनकी दृष्टि में गिर गई है।
- 25यहोवा यों कहता है, यदि दिन और रात के विषय मेरी वाचा अटल न रहे, और यदि आकाश और पृथ्वी के नियम मेरे ठहराए हुए न रह जाएं,
- 26तब ही मैं याकूब के वंश से हाथ उठाऊंगा।,और इब्राहीम, इसहाक और याकूब के वंश पर प्रभुता करने के लिये अपने दास दाऊद के वंश में से किसी को फिर न ठहराऊंगा। परन्तु इसके विपरीत मैं उन पर दया कर के उन को बंधुआई से लौटा लाऊंगा।
Cross references
- Nehemiah 4:2–4 नहेमायाह 4:2–4वह अपने भाइयों के और शोमरोन की सेना के साम्हने यों कहने लगा, वे निर्बल यहूदी क्या किया चाहते हैं? क्या वे वह काम अपने बल से करेंगे? क्या वे अपना स्थान दृढ़ करेंगे? क्या वे यज्ञ करेंगे? क्या वे आज ही सब काम निपटा डालेंगे? क्या वे मिट्टीके ढेरों में के जले हुए पत्थ्रों को फिर नये सिरे से बनाएंगे? उसके पास तो अम्मोनी तोबियाह था, और वह कहने लगा, जो कुछ वे बना रहे हैं, यदि कोई गीदड़ भी उस पर चढ़े, तो वह उनकी बनाई हुई पत्थर की शहरपनाह को तोड़ देगा। हे हमारे परमेश्वर सुन ले, कि हमारा अपमान हो रहा है; और उनका किया हुआ अपमान उन्हीं के सिर पर लौटा दे, और उन्हें बन्धुआई के देश में लुटवा दे।
- Psalm 83:4 भजन संहिता 83:4उन्हों ने कहा, आओ, हम उनको ऐसा नाश करें कि राज्य भी मिट जाए; और इस्त्राएल का नाम आगे को स्मरण न रहे।
- Psalm 44:13–14 भजन संहिता 44:13–14तू हमारे पड़ोसियों से हमारी नामधराई कराता है, और हमारे चारों ओर से रहनेवाले हम से हंसी ठट्ठा करते हैं। तू हम को अन्यजातियों के बीच में उपमा ठहराता है, और देश देश के लेग हमारे कारण सिर हिलाते हैं। दिन भर हमें तिरस्कार सहना पड़ता है,
- Romans 11:1–6 रोमियों 11:1–6इसलिये मैं कहता हूं, क्या परमेश्वर ने अपनी प्रजा को त्याग दिया? कदापि नहीं; मैं भी तो इस्त्राएली हूं: इब्राहीम के वंश और बिन्यामीन के गोत्रा में से हूं। परमेश्वर ने अपनी उस प्रजा को नहीं त्यागा, जिसे उस ने पहिले ही से जाना: क्या तुम नहीं जानते, कि पवित्रा शास्त्रा एलियाह की कथा में क्या कहता है; कि वह इस्त्राएल के विरोध में परमेश्वर से बिनती करता है। कि हे प्रभु, उन्हों ने तेरे भविष्यद्वक्ताओं को घात किया, और तेरी वेदियों को ढ़ा दिया है; और मैं ही अकेला बच रहा हूं, और वे मेरे प्राण के भी खोजी हैं। परन्तु परमेश्वर से उसे क्या उत्तर मिला कि मैं ने अपने लिये सात हजार पुरूषों को रख छोड़ा है जिन्हों ने बाअल के आग घुटने नहीं टेके हैं। सो इसी रीति से इस समय भी, अनुग्रह से चुने हुए कितने लोग बाकी हैं। यदि यह अनुग्रह से हुआ है, तो फिर कर्मों से नहीं, नहीं तो अनुग्रह फिर अनुग्रह नहीं रहा।
- Ezekiel 25:3 यहेजकेल 25:3उन से कह, हे अम्मोनियो, परमेश्वर यहोवा का वचन सुनो, परमेश्वर यहोवा यों कहता है कि तुम ने जो मेरे पवित्रास्थान के विषय जब वह अपवित्रा किया गया, और इस्राएल के देश के विषय जब वह उजड़ गया, और यहूदा के घराने के विषय जब वे बंधुआई में गए, अहा, अहा! कहा!
- Psalm 123:3–4 भजन संहिता 123:3–4हम पर अनुग्रह कर, हे यहोवा, हम पर अनुग्रह कर, क्योंकि हम अपमान से बहुत ही भर गए हैं। हमारा जीव सुखी लोगों के ठट्ठों से, और अहंकारियों के अपमान से बहुत ही भर गया है।।
- Lamentations 2:15–16 विलापगीत 2:15–16सब बटोही तुझ पर ताली बजाते हैं; वे यरूशलेम की पुत्री पर यह कहकर ताली बजाते और सिर हिलाते हैं, क्या यह वही नगरी है जिसे परमसुन्दरी और सारी पृथ्वी के हर्ष का कारण कहते थे? तेरे सब शत्रुओं ने तुझ पर मुंह पसारा है, वे ताली बजाते और दांत पीसते हैं, वे कहते हैं, हम उसे निगल गए हैं! जिस दिन की बाट हम जोहते थे, वह यही है, वह हम को मिल गया, हम उसको देख चुके हैं!
- Ezekiel 36:2 यहेजकेल 36:2परमेश्वर यहोवा यों कहता है, शत्रु ने तो तुम्हारे विषय में कहा है, आहा! प्राचीनकाल के ऊंचे स्थान अब हमारे अधिकार में आ गए।
- Ezekiel 26:2 यहेजकेल 26:2हे मनुष्य के सन्तान, सोर ने जो यरूशलेम के विष्य में कहा है, अहा, अहा। जो देश देश के लोगों के फाटक के समान थी, वह नाश होगई।
- Lamentations 4:15 विलापगीत 4:15लोग उनको पुकारकर कहते हैं, अरे अशुठ्ठ लोगो, हट जाओ! हट जाओ! हम को मत छूओ! जब वे भागकर मारे मारे फिरने लगे, तब अन्यजाति लोगों ने कहा, भविष्य में वे यहां टिकने नहीं पाएंगे।
- Jeremiah 33:21–22 यिर्मयाह 33:21–22तब ही जो वाचा मैं ने अपने दास दाऊद के संग बान्धी है टूट सकेगी, कि तेरे वंश की गद्दी पर विराजने वाले सदैव बने रहेंगे, और मेरी वाचा मेरी सेवा टहल करने वाले लेवीय याजकों के संग बन्धी रहेगी। जैसा आकाश की सेना की गिनती और समुद्र की बालू के किनकों का परिमाण नहीं हो सकता है उसी प्रकार मैं अपने दास दाऊद के वंश और अपने सेवक लेवियों को बढ़ा कर अनगिनित कर दूंगा।
- Psalm 94:14 भजन संहिता 94:14क्योंकि यहोवा अपनी प्रजा को न तजेगा, वह अपने निज भाग को न छोड़ेगा;
Original words (Hebrew)
- Considerest · H7200רָאָה râʼâh
- people · H5971עַם ʻam
- spoken · H1696דָבַר dâbar
- saying · H559אָמַר ʼâmar
- two · H8147שְׁנַיִם shᵉnayim
- families · H4940מִשְׁפָּחָה mishpâchâh
- chosen · H977בָּחַר bâchar
- off · H3988מָאַס mâʼaç
- despised · H5006נָאַץ nâʼats
- people · H5971עַם ʻam
- nation · H1471גּוֹי gôwy
- before · H6440פָּנִים pânîym