Jeremiah · chapter 39 · verse 15
Jeremiah 39:15 in Hindi
जब यिर्मयाह पहरे के आंगन में कैद था, तब यहोवा का यह वचन उसके पास पहुंचा,
Jab yirmayaah pahare ke aangan mem kaid thaa, tab yahovaa kaa yah vachan usake paas pahunchaa,
Jeremiah 39:15 in English
- King James Version (KJV)
- Now the word of the LORD came unto Jeremiah, while he was shut up in the court of the prison, saying,
- World English Bible (WEB)
- Now the LORD’s word came to Jeremiah while he was shut up in the court of the guard, saying,
- American Standard Version (ASV)
- Now the word of Jehovah came unto Jeremiah, while he was shut up in the court of the guard, saying,
- Bible in Basic English (BBE)
- Now the word of the Lord came to Jeremiah while he was shut up in the place of the armed watchmen, saying,
- Darby Translation (DBY)
- And the word of Jehovah came unto Jeremiah, while he was shut up in the court of the guard, saying,
- Webster's Bible (WBS)
- Now the word of the LORD came to Jeremiah, while he was confined in the court of the prison, saying,
- Young's Literal Translation (YLT)
- And unto Jeremiah hath a word of Jehovah been — in his being detained in the court of the prison — saying:
Read in context
- 13सो जल्लादों के प्रधान नबूजरदान और खेजों के प्रधान नबूसजबान और मगों के प्रधान नेर्गलसरेसेर ज्योतिषियों के सरदार,
- 14और बाबुल के राजा के सब प्रधानों ने, लोगों को भेजकर यिर्मयाह को पहरे के आंगन में से बुलवा लिया और गदल्याह को जो अहीकाम का पुत्रा और शापान का पोता था सौंप दिया कि वह उसे घर पहुंचाए। तब से वह लोगों के साथ रहने लगा।
- 15जब यिर्मयाह पहरे के आंगन में कैद था, तब यहोवा का यह वचन उसके पास पहुंचा,
- 16कि, जाकर एबेदमेलेक कूशी से कह कि इस्राएल का परमेश्वर सेनाओं का यहोवा तुझ से यों कहता है, देख, मैं अपने वे वचन जो मैं ने इस नगर के विषय में कहो हैं इस प्रकार पूरा करूंगा कि इसका कुशल न होगा, हानि ही होगी, ओर उस समय उनका पूरा होना तुझे दिखाई पड़ेगा।
- 17परन्तु यहोवा की यह वाणी है कि उस समय मैं तुझे बचाऊंगा, और जिन मनुष्यों से तू भय खाता है, तू उनके वश में नहीं किया जाएगा।
Cross references
- Jeremiah 37:21 यिर्मयाह 37:21तब सिदकिरयाह राजा की आज्ञा से यिर्मयाह पहरे के आंगन में रखा गया, और जब तक नगर की सब रोटी न चुक गई, तब तक उसको रोटीवालों की दूकान में से प्रतिदिन एक रोटी दी जाती थी। ओर यिर्मयाह पहरे के आंगन में रहने लगा।
- Jeremiah 36:1–5 यिर्मयाह 36:1–5फिर योशिरयाह के पुत्रा यहूदा के राजा यहोयाकीम के राज्य के चौथे बरस में यहोवा की ओर से यह वचन यिर्मयाह के पास पहुंचा, एक पुस्तक लेकर जितने वचन मैं ने तुझ से योशिरयाह के दिनों से लेकर अर्थात् जब मैं तुझ से बातें करने लगा उस समय से आज के दिन तक इस्राएल और यहूदा और सब जातियों के विषय में कहे हैं, सब को उस में लिख। क्या जाने यहूदा का घराना उस सारी विपत्ति का समाचार सुनकर जो मैं उन पर डालने की कल्पना कर रहा हूँ अपनी बुरी चाल से फिरे और मैं उनके अधर्म और पाप को क्षमा करूं। तो यिर्मयाह ने नेरिरयाह के पुत्रा बारूक को बुलाया, और बारूक ने यहोवा के सब वचन जो उस ने यिर्मयाह से कहे थे, उसके मुख से सुनकर पुस्तक में लिख दिए। फिर यिर्मयाह ने बारूक को आज्ञा दी और कहा, मैं तो बन्धा हुआ हूँ, मैं यहोवा के भवन में नहीं जा सकता।
- Jeremiah 39:14 यिर्मयाह 39:14और बाबुल के राजा के सब प्रधानों ने, लोगों को भेजकर यिर्मयाह को पहरे के आंगन में से बुलवा लिया और गदल्याह को जो अहीकाम का पुत्रा और शापान का पोता था सौंप दिया कि वह उसे घर पहुंचाए। तब से वह लोगों के साथ रहने लगा।
- 2 Timothy 2:9 2 तीमुथियुस 2:9जिस के लिये मैं कुकर्मी की नाई दुख उठाता हूं, यहां तक कि कैद भी हूं; परन्तु परमेश्वर का वचन कैद नहीं।
- Jeremiah 32:1–2 यिर्मयाह 32:1–2यहूदा के राजा सिदकिय्याह के राज्य के दसवें वर्ष में जो नबूकदनेस्सर के राज्य का अठारहवां वर्ष था, यहोवा की ओर से यह वचन यिर्मयाह के पास पहुंचा। उस समय बाबुल के राजा की सेना ने यरूशलेम को घेर लिया था और यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता यहूदा के राजा के पहरे के भवन के आंगन में कैदी था।