Jeremiah · chapter 39 · verse 14
Jeremiah 39:14 in Hindi
और बाबुल के राजा के सब प्रधानों ने, लोगों को भेजकर यिर्मयाह को पहरे के आंगन में से बुलवा लिया और गदल्याह को जो अहीकाम का पुत्रा और शापान का पोता था सौंप दिया कि वह उसे घर पहुंचाए। तब से वह लोगों के साथ रहने लगा।
Aur baabul ke raajaa ke sab pradhaanom ne, logom ko bhejakar yirmayaah ko pahare ke aangan mem se bulavaa liyaa aur gadalyaah ko jo aheekaam kaa putraa aur shaapaan kaa potaa thaa saump diyaa ki vah use ghar pahunchaae. Tab se vah logom ke saath rahane lagaa.
Jeremiah 39:14 in English
- King James Version (KJV)
- Even they sent, and took Jeremiah out of the court of the prison, and committed him unto Gedaliah the son of Ahikam the son of Shaphan, that he should carry him home: so he dwelt among the people.
- World English Bible (WEB)
- sent and took Jeremiah out of the court of the guard, and committed him to Gedaliah the son of Ahikam, the son of Shaphan, that he should bring him home. So he lived among the people.
- American Standard Version (ASV)
- they sent, and took Jeremiah out of the court of the guard, and committed him unto Gedaliah the son of Ahikam, the son of Shaphan, that he should carry him home. So he dwelt among the people.
- Bible in Basic English (BBE)
- And they sent and took Jeremiah out of the place of the watchmen, and gave him into the care of Gedaliah, the son of Ahikam, the son of Shaphan, to take him to his house: so he was living among the people.
- Darby Translation (DBY)
- even they sent, and took Jeremiah out of the court of the guard and committed him to Gedaliah the son of Ahikam the son of Shaphan, that he should conduct him away home. And he dwelt among the people.
- Webster's Bible (WBS)
- Even they sent, and took Jeremiah out of the court of the prison, and committed him to Gedaliah the son of Ahikam the son of Shaphan, that he should carry him home: so he dwelt among the people.
- Young's Literal Translation (YLT)
- yea, they send and take Jeremiah out of the court of the prison, and give him unto Gedaliah son of Ahikam, son of Shaphan, to carry him home, and he dwelleth in the midst of the people.
Read in context
- 12कि उसको लेकर उस पर कृपादृष्टि बनाए रखना और उसकी कुछ हानि न करना; जैसा वह तुझ से कहे वैसा ही उस से व्यवहार करना।
- 13सो जल्लादों के प्रधान नबूजरदान और खेजों के प्रधान नबूसजबान और मगों के प्रधान नेर्गलसरेसेर ज्योतिषियों के सरदार,
- 14और बाबुल के राजा के सब प्रधानों ने, लोगों को भेजकर यिर्मयाह को पहरे के आंगन में से बुलवा लिया और गदल्याह को जो अहीकाम का पुत्रा और शापान का पोता था सौंप दिया कि वह उसे घर पहुंचाए। तब से वह लोगों के साथ रहने लगा।
- 15जब यिर्मयाह पहरे के आंगन में कैद था, तब यहोवा का यह वचन उसके पास पहुंचा,
- 16कि, जाकर एबेदमेलेक कूशी से कह कि इस्राएल का परमेश्वर सेनाओं का यहोवा तुझ से यों कहता है, देख, मैं अपने वे वचन जो मैं ने इस नगर के विषय में कहो हैं इस प्रकार पूरा करूंगा कि इसका कुशल न होगा, हानि ही होगी, ओर उस समय उनका पूरा होना तुझे दिखाई पड़ेगा।
Cross references
- Jeremiah 38:28 यिर्मयाह 38:28इस प्रकार जिस दिन यरूशलेम ले लिया गया उस दिन तक वह पहरे के आंगन ही में रहा।
- Jeremiah 26:24 यिर्मयाह 26:24परन्तु शापान का पुत्रा अहीकाम यिर्मयाह की सहायता करने लगा और वह लोगों के वश में वध होने के लिये नहीं दिया गया।
- 2 Kings 22:12 2 राजा 22:12फिर उस ने हिलकिरयाह याजक, शापान के पुत्रा अहीकाम, मीकायाह के पुत्रा अकबोर, शापान मंत्री और असाया ताम अपने एक कर्मचारी को आज्ञा दी,
- 2 Kings 25:22–25 2 राजा 25:22–25और जो लोग यहूदा देश में रह गए, जिनको बाबेल के राजा नबूकदनेस्सर ने छोड़ दिया, उन पर उस ने अहीकाम के पुत्रा गदल्याह को जो शापान का पोता था अधिकारी ठहराया। जब दलों के सब प्रधानों ने अर्थात् नतन्याह के पुत्रा इश्माएल कारेहू के पुत्रा योहानान, नतोपाई, तन्हूमेत के पुत्रा सरायाह और किसी माकाई के पुत्रा याजन्याह ने और उनके जनों ने यह सुना, कि बाबेल के राजा ने गदल्याह को अधिकारी ठहराया है, तब वे अपने अपने जनों समेत मिस्पा में गदल्याह के पास आए। और गदल्याह ने उन से और उनके जनों से शपथ खाकर कहा, कसदियों के सिपाहियों से न डरो, देश में रहते हुए बाबेल के राजा के अधीन रहो, तब नुम्हारा भला होगा। परन्तु सातवें महीने में नतन्याह का पुत्रा इश्माएल, जो एलीशामा का पोता और राजवंश का था, उस ने दस जन संग ले गदल्याह के पास जाकर उसे ऐसा मारा कि वह मर गया, और जो यहूदी और कसदी उसके संग मिस्पा में रहते थे, उनको भी मार डाला।
- Jeremiah 39:15 यिर्मयाह 39:15जब यिर्मयाह पहरे के आंगन में कैद था, तब यहोवा का यह वचन उसके पास पहुंचा,
- Psalm 105:19 भजन संहिता 105:19जब तक कि उसकी बात पूरी न हुई तब तक यहोवा का वचन उसे कसौटी पर कसता रहा।
- Jeremiah 40:1–3 यिर्मयाह 40:1–3जब जल्लादों के प्रधान नबूजरदान ने यिर्मयाह को रामा में उन सब यरूशलेमी और यहूदी बंधुओं के बीच हथकड़ियों से बन्धा हुआ पाकर जो बाबुल जाने को थे छुड़ा लिया, उसके बाद यहोवा का वचन उसके पास पहुंचा। जल्लादों के प्रधान नबूजरदान ने यिर्मयाह को उस समय अपने पास बुला लिया, ओर कहा, इस स्थान पर यह जो विपत्ति पड़ी है वह तेरे परमेश्वर यहोवा की कही हुई थी। ओर जैसा यहोवा ने कहा था वैसा ही उस ने पूरा भी किया है। तुम लोगों ने जो यहोवा के विरूद्व पाप किया ओर उसकी आज्ञा नहीं मानी, इस कारण तुम्हारी यह दशा हुई है।
- Jeremiah 38:13 यिर्मयाह 38:13तब उन्हों ने यिर्मयाह को रस्सियों से खींचकर, गड़हे में से निकाला। और यिर्मयाह पहरे के आंगन में रहने लगा।
- Jeremiah 37:21 यिर्मयाह 37:21तब सिदकिरयाह राजा की आज्ञा से यिर्मयाह पहरे के आंगन में रखा गया, और जब तक नगर की सब रोटी न चुक गई, तब तक उसको रोटीवालों की दूकान में से प्रतिदिन एक रोटी दी जाती थी। ओर यिर्मयाह पहरे के आंगन में रहने लगा।
Original words (Hebrew)
- sent · H7971שָׁלַח shâlach
- took · H3947לָקַח lâqach
- Jeremiah · H3414יִרְמְיָה Yirmᵉyâh
- court · H2691חָצֵר châtsêr
- prison · H4307מַטָּרָא maṭṭârâʼ
- committed · H5414נָתַן nâthan
- Gedaliah · H1436גְּדַּלְיָה Gᵉdalyâh
- son · H1121בֵּן bên
- Ahikam · H296אֲחִיקָם ʼĂchîyqâm
- son · H1121בֵּן bên
- Shaphan · H8227שָׁפָן shâphân
- carry · H3318יָצָא yâtsâʼ
- home · H1004בַּיִת bayith
- dwelt · H3427יָשַׁב yâshab
- among · H8432תָּוֶךְ tâvek
- people · H5971עַם ʻam