Jeremiah · chapter 42 · verse 21
Jeremiah 42:21 in Hindi
देखो, मैं आज तुम को बताए देता हूं, परन्तु, और जो कुछ तुम्हारे परमेश्वर यहोवा ने तुम से कहने के लिये मुझ को भेजा है, उस में से तुम कोई बात नहीं मानते।
Dekho, maim aaj tum ko bataae detaa hoom, parantu, aur jo kuchh tumhaare parameshvar yahovaa ne tum se kahane ke liye mujh ko bhejaa hai, us mem se tum koee baat naheem maanate.
Jeremiah 42:21 in English
- King James Version (KJV)
- And [now] I have this day declared [it] to you; but ye have not obeyed the voice of the LORD your God, nor any [thing] for the which he hath sent me unto you.
- World English Bible (WEB)
- I have declared it to you today; but you have not obeyed the LORD your God’s voice in anything for which he has sent me to you.
- American Standard Version (ASV)
- And I have this day declared it to you; but ye have not obeyed the voice of Jehovah your God in anything for which he hath sent me unto you.
- Bible in Basic English (BBE)
- And this day I have made it clear to you, and you have not given ear to the voice of the Lord your God in anything for which he has sent me to you.
- Darby Translation (DBY)
- And I have this day declared [it] to you; but ye have not obeyed the voice of Jehovah your God, nor anything for which he hath sent me unto you.
- Webster's Bible (WBS)
- And [now] I have this day declared [it] to you; but ye have not obeyed the voice of the LORD your God, nor any [thing] for which he hath sent me to you.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and I declare to you to-day, and ye have not hearkened to the voice of Jehovah your God, and to anything with which He hath sent me unto you.
Read in context
- 19हे बचे हुए यहूदियो, यहोवा ने तुम्हारे विषय में कहा है, मिस्र में मत जाओ। तुम निश्चय जानो कि मैं ने आज तुम को चिताकर यह बात बता दी है।
- 20क्योंकि जब तुम ने मुझ को यह कहकर अपने परमेश्वर यहोवा के पास भेज दिया कि हमारे निमित्त हमारे परमेश्वर यहोवा से प्रार्थना कर और जो कुछ हमारा परमेश्वर यहोवा कहे उससी के अनुसार हम को बता और हम वैसा ही करेंगे, तब तुम जान बूझके अपने ही को धोखा देते थे।
- 21देखो, मैं आज तुम को बताए देता हूं, परन्तु, और जो कुछ तुम्हारे परमेश्वर यहोवा ने तुम से कहने के लिये मुझ को भेजा है, उस में से तुम कोई बात नहीं मानते।
- 22अब तुम निश्चय जानो, कि जिस स्थान में तुम परदेशी होके रहने की इच्छा करते हो, उस में तुम तलवार, महंगी और मरी से मर जाओगे।
Cross references
- Ezekiel 2:7 यहेजकेल 2:7सो चाहे वे सुनें या न सुनें; तौभी तू मेरे वचन उन से कहना, वे तो बड़े बलवई हैं।
- Acts 20:26–27 प्रेरितों के काम 20:26–27इसलिये मैं आज के दिन तुम से गवाही देकर कहता हूं, कि मैं सब के लोहू से निर्दोष हूं। क्योंकि मैं परमेश्वर की सारी मनसा को तुम्हें पूरी रीति से बनाने से न झिझका।
- Zechariah 7:11–12 जकर्याह 7:11–12परन्तु उन्हों ने चित्त लगाना न चाहा, और हठ किया, और अपने कानों को मूंद लिया ताकि सुन न सकें। वरन उन्हों ने अपने हृदय को इसलिये बज्र सा बना लिया, कि वे उस व्यवस्था और उस वचनों को न मान सकें जिन्हें सेनाओं के यहोवा ने अपने आत्मा के द्वारा अगले भविष्यद्वक्ताओं से कहला भेजा था। इस कारण सेनाओं के यहोवा की ओर से उन पर बड़ा क्रोध भड़का।
- Ezekiel 3:17 यहेजकेल 3:17हे मनुष्य के सन्तान मैं ने तुझे इस्राएल के घराने के लिये पहरूआ नियुक्त किया है; तू मेरे मुंह की बात सुनकर, उन्हें मेरी ओर से चिताना।
- Jeremiah 7:24–27 यिर्मयाह 7:24–27पर उन्हों ने मेरी न सुनी और न मेरी बातों पर कान लगाया; वे अपनी ही युक्तियों और अपने बुरे मन के हठ पर चलते रहे और पीछे हट गए पर आगे न बढ़े। जिस दिन तुम्हारे पुरखा मिस्र देश से निकले, उस दिन से आज तक मैं तो अपने सारे दासों, भविष्यद्वक्ताओं को, तुम्हारे पास बड़े यत्न से लगातार भेजता रहा; परन्तु उन्हों ने मेरी नहीं सुनी, न अपना कान लगाया; उन्हों ने हठ किया, और अपने पुरखाओं से बढ़कर बुराइयां की हैं। तू सब बातें उन से कहेगा पर वे तेरी न सुनेंगे; तू उनको बुलाएगा, पर वे न बोलेंगे।
- Deuteronomy 29:19 व्यवस्थाविवरण 29:19और ऐसा मनुष्य इस शाप के वचन सुनकर अपने को आशीर्वाद के योग्य माने, और यह सोचे कि चाहे मैं अपने मन के हठ पर चलूं, और तृप्त होकर प्यास को मिटा डालूं, तौभी मेरा कुशल होगा।
- Deuteronomy 11:26–27 व्यवस्थाविवरण 11:26–27सुनो, मैं आज के दिन तुम्हारे आगे आशीष और शाप दोनों रख देता हूं। अर्थात् यदि तुम अपने परमेश्वर यहोवा की इन आज्ञाओं को जो मैं आज तुम्हे सुनाता हूं मानो, तो तुम पर आशीष होगी,
- Acts 20:20 प्रेरितों के काम 20:20और जो जो बातें तुम्हारे लाभ की थीं, उन को बताने और लोगों के साम्हने और घर घर सिखाने से कभी न झिझका।