Zechariah · chapter 7 · verse 11
Zechariah 7:11 in Hindi
परन्तु उन्हों ने चित्त लगाना न चाहा, और हठ किया, और अपने कानों को मूंद लिया ताकि सुन न सकें।
Parantu unhom ne chitt lagaanaa na chaahaa, aur hath kiyaa, aur apane kaanom ko moond liyaa taaki sun na saken.
Zechariah 7:11 in English
- King James Version (KJV)
- But they refused to hearken, and pulled away the shoulder, and stopped their ears, that they should not hear.
- World English Bible (WEB)
- But they refused to listen, and turned their backs, and stopped their ears, that they might not hear.
- American Standard Version (ASV)
- But they refused to hearken, and pulled away the shoulder, and stopped their ears, that they might not hear.
- Bible in Basic English (BBE)
- But they would not give attention, turning their backs and stopping their ears from hearing;
- Darby Translation (DBY)
- But they refused to hearken, and turned a rebellious shoulder, and made their ears heavy, that they should not hear.
- Webster's Bible (WBS)
- But they refused to hearken, and withdrew the shoulder, and stopped their ears, that they should not hear.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And they refuse to attend, And they give a refractory shoulder, And their ears have made heavy against hearing.
Read in context
- 9खराई से न्याय चुकाना, और एक दूसरे के साथ कृपा और दया से काम करना,
- 10न तो विधवा पर अन्धेर करता, न अनाथों पर, न परदेशी पर, और न दीन जन पर; और न अपने अपने मन में एक दूसरे की हानि की कल्पना करना।
- 11परन्तु उन्हों ने चित्त लगाना न चाहा, और हठ किया, और अपने कानों को मूंद लिया ताकि सुन न सकें।
- 12वरन उन्हों ने अपने हृदय को इसलिये बज्र सा बना लिया, कि वे उस व्यवस्था और उस वचनों को न मान सकें जिन्हें सेनाओं के यहोवा ने अपने आत्मा के द्वारा अगले भविष्यद्वक्ताओं से कहला भेजा था। इस कारण सेनाओं के यहोवा की ओर से उन पर बड़ा क्रोध भड़का।
- 13और सेनाओं के यहोवा का यह वचन हुआ, कि जैसे मेरे पुकारने पर उन्हों ने नहीं सुना, वैसे ही उसके पुकारने पर मैं भी न सुनूंगा;
Cross references
- Nehemiah 9:29 नहेमायाह 9:29और उनको जिताता था कि उनको फिर अपनी व्यवस्था के अधीन कर दे। परन्तु वे अभिमान करते रहे और तेरी आज्ञाएं नहीं मानते थे, और तेरे नियम, जिनको यदि मनुष्य माने, तो उनके कारण जीवित रहे, उनके विरूद्ध पाप करते, और हठ करके अपना कन्धा हटाते और न सुनते थे।
- Jeremiah 8:5 यिर्मयाह 8:5जब कोई। भटक जाता है तो क्या वह लौट नहीं आता? फिर क्या कारण है कि ये यरूशलेमी सदा दूर ही दूर भटकते जाते हैं? ये छल नहीं छोड़ते, और फिर लौटने से इनकार करते हैं।
- Hosea 4:16 होशे 4:16क्योंकि इस्राएल ने हठीली कलोर की नाईं हठ किया है, क्या अब यहोवा उन्हें भेड़ के बच्चे की नाईं लम्बे चौड़े मैदान में चराएगा?
- Zechariah 1:4 जकर्याह 1:4अपने पुरखाओं के समान न बनो, उन से तो अगले भविष्यद्वक्ता यह पुकार पुकारकर कहते थे कि सेनाओं का यहोवा यों कहता है, अपने बुरे मार्गों से, और अपने बुरे कामों से फिरो; परन्तु उन्हों ने न तो सुना, और न मेरी ओर ध्यान दिया, यहोवा की यही वाणी है।
- Acts 7:57 प्रेरितों के काम 7:57तब उन्होंने बड़े शब्द से चिल्लाकर कान बन्द कर लिए, और एक चित्त होकर उस पर झपटे।
- Jeremiah 35:15 यिर्मयाह 35:15मैं तुम्हारे पास अपने सारे दास नबियों को बड़ा यत्न करके यह कहने को भेजता आया हूँ कि अपनी बुरी चाल से फिरो, और अपने काम सुधारो, और दूसरे देवताओं के पीछे जाकर उनकी उपासना मत करो तब ुतुम इस देश में जो मैं ने तुम्हारे पितरों को दिया था और तुम को भी दिया है, बसने पाओगे। पर तुम ने मेरी ओर कान नहीं लगाया न मेरी सुनी है।
- Ezekiel 3:7 यहेजकेल 3:7परन्तु इस्राएल के घरानेवाले तेरी सुनने से इनकार करेंगे; वे मेरी भी सुनने से इनकार करते हैं; क्योंकि इस्राएल का सारा घराना ढीठ और कठोर मन का है।
- Hebrews 12:25 इब्रानियों 12:25सावधान रहो, और उस कहनेवाले से मुंह न फेरो, क्योंकि वे लोग जब पृथ्वी पर के चितावनी देनेवाले से मुंह मोड़कर न बच सके, तो हम स्वर्ग पर से चितावनी करनेवाले से मुंह मोड़कर क्योंकर बच सकेंगे?
- Psalm 58:4–5 भजन संहिता 58:4–5उन में सर्प का सा विष है; वे उस नाम के समान हें, जो सुनना नहीं चाहता; और सपेरा कैसी ही निपुणता से क्यों न मंत्रा पढ़े, तौभी उसकी नहीं सुनता।।
- Nehemiah 9:17 नहेमायाह 9:17और आज्ञा मनने से इनकार किया, और जो आश्चर्यकर्म तू ने उनके बीच किए थे, उनका स्मरण न किया, वरन हठ करके यहां तक बलवा करनेवाले बने, कि एक प्रधान ठहराया, कि अपने दासत्व की दशा में लौटे। परन्तु तू क्षमा करनेवाला अनुग्रहकारी और दयालु, विलम्ब से कोप करनेवाला, और अतिकरूणामय ईश्वर है, तू ने उनको न त्यागा।
- Jeremiah 6:16–17 यिर्मयाह 6:16–17यहोवा यों भी कहता है, सड़कों पर खडे होकर देखो, और पूछो कि प्राचीनकाल का अच्छा मार्ग कौन सा है, उसी में चलो, और तुम अपने अपने मन में चैन पाओगे। पर उन्हों ने कहा, हम उस पर न चलेंगे। मैं ने तुम्हारे लिये पहरूए बैठाकर कहा, नरसिंगे का शब्द ध्यान से सुनना! पर उन्हों ने कहा, हम न सुनेंगे।
- Jeremiah 13:10 यिर्मयाह 13:10इस दुष्ट जाति के लोग जो मेरे वचन सुनने से इनकार करते हैं जो अपने मन के हठ पर चलते, दूसरे देवताओं के पीछे चलकर उनकी उपासना करते ओर उनको दण्डवत् करते हैं, वे इस पेटी के समान हो जाएंगे जो किसी काम की नहीं रही।