Jeremiah · chapter 46 · verse 25
Jeremiah 46:25 in Hindi
इस्राएल का परमेश्वर, सेनाओं का यहोवा कहता है, देखो, मैं नगरवासी आमोन और फिरौन राजा और मिस्र को उसके सब देवताओं और राजाओं समेत और फिरौन को उन समेत जो उस पर भरोसा रखते हैं दण्ड देने पर हूँ।
Israael kaa parameshvar, senaaom kaa yahovaa kahataa hai, dekho, maim nagaravaasee aamon aur phiraun raajaa aur misr ko usake sab devataaom aur raajaaom samet aur phiraun ko un samet jo us par bharosaa rakhate haim dand dene par hoon.
Jeremiah 46:25 in English
- King James Version (KJV)
- The LORD of hosts, the God of Israel, saith; Behold, I will punish the multitude of No, and Pharaoh, and Egypt, with their gods, and their kings; even Pharaoh, and [all] them that trust in him:
- World English Bible (WEB)
- The LORD of Armies, the God of Israel, says: “Behold, I will punish Amon of No, and Pharaoh, and Egypt, with her gods and her kings, even Pharaoh, and those who trust in him.
- American Standard Version (ASV)
- Jehovah of hosts, the God of Israel, saith: Behold, I will punish Amon of No, and Pharaoh, and Egypt, with her gods, and her kings; even Pharaoh, and them that trust in him:
- Bible in Basic English (BBE)
- The Lord of armies, the God of Israel, has said: See, I will send punishment on Amon of No and on Pharaoh and on those who put their faith in him;
- Darby Translation (DBY)
- Jehovah of hosts, the God of Israel, saith, Behold, I will punish Amon of No, and Pharaoh, and Egypt, and her gods, and her kings; yea, Pharaoh and them that confide in him.
- Webster's Bible (WBS)
- The LORD of hosts, the God of Israel saith: Behold, I will punish the multitude of No, and Pharaoh, and Egypt, with their gods, and their kings; even Pharaoh, and [all] them that trust in him:
- Young's Literal Translation (YLT)
- Said hath Jehovah of Hosts, God of Israel: Lo, I am seeing after Amon of No, And after Pharaoh, and after Egypt, And after her gods, and after her kings, And after Pharaoh, and after those trusting in him,
Read in context
- 23यहोवा की यह वाणी है, कि चाहे उसका वन बहुत ही घना हो, परन्तु वे उसको काट डालेंगे, क्योंकि वे टिडि्डयों से भी अधिक अनगिनित हैं।
- 24मिस्री कन्या लज्जित होगी, वह उत्तर दिशा के लोगों के वश में कर दी जाएगी।
- 25इस्राएल का परमेश्वर, सेनाओं का यहोवा कहता है, देखो, मैं नगरवासी आमोन और फिरौन राजा और मिस्र को उसके सब देवताओं और राजाओं समेत और फिरौन को उन समेत जो उस पर भरोसा रखते हैं दण्ड देने पर हूँ।
- 26मैं उनको बाबुल के राजा नबूकदनेस्सर और उसके कर्मचारियों के वश में कर दूंगा जो उनके प्राण के खोजी हैं। उसके बाद वह प्राचीनकाल की नाई फिर बसाया जाएगा, यहोवा की यह वाणी है।
- 27परन्तु हे मेरे दास याकूब, तू मत डर, और हे इस्राएल, विस्मित न हो; क्योंकि मैं तुझे और तेरे वंश को बंधुआई के दूर देश से छुड़ा ले आऊंगा। याकूब लैटकर चैन और सुख से रहेगा, और कोई उसे डराने न पाएगा।
Cross references
- Zephaniah 2:11 सपन्याह 2:11यहोवा उनको डरावना दिखाई देगा, वह पृथ्वी भर के देवताओं को भूखों मार डालेगा, और अन्यजातियों के सब द्वीपों के निवासी अपने अपने स्थान से उसको दण्डवत् करेंगे।।
- Jeremiah 43:12–13 यिर्मयाह 43:12–13मैं मिस्र के देवालयों में आग लगाऊंगा; और वह उन्हें फुंकवा देगा और बंधुआई में ले जाएगा; और जैसा कोई चरवाहा अपना वस्त्रा ओढ़ता है, वैसा ही वह मिस्र देश को समेट लेगा; और तब बेखटके चला जाएगा। वह मिस्र देश के सूर्यगृह के खम्भों को तुड़वा डालेगा; और मिस्र के देवालयों को आग लगाकर फूंकवा देगा।
- Exodus 12:12 निर्गमन 12:12क्योंकि उस रात को मैं मि देश के बीच में से होकर जाऊंगा, और मि देश के क्या मनुष्य क्या पशु, सब के पहिलौठों को मारूंगा; और मि के सारे देवताओं को भी मैं दण्ड दूंगा; मैं तो यहोवा हूं।
- Isaiah 20:5–6 यशायाह 20:5–6तब वे कूश के कारण जिस पर उनकी आशा थी, और मि के हेतु जिस पर वे फूलते थे व्याकुल और लज्जित हो जाएंगे। और समुद्र के इस पार के बसनेवाले उस समय यह कहेंगे, देखो, जिन पर हम आशा रखते थे ओर जिनके पास हम अश्शूर के राजा से बचने के लिये भागने को थे उनकी ऐसी दशा हो गई है। तो फिर हम लोग कैसे बचेंगे?
- Isaiah 30:2–3 यशायाह 30:2–3वे मुझ से बिन पूछे मि को जाते हैं कि फिरौन की रक्षा में रहे और मि की छाया में शरण लें। इसलिये फिरौन का शरणस्थान तुम्हारी लज्जा का, और मि की छाया में शरण लेना तुम्हारी निन्दा का कारण होगा।
- Nahum 3:8–9 नहूम 3:8–9क्या तू अमोन नगरी से बढ़कर है, जो नहरों के बीच बसी थी, और उसके लिये किला और शहरपनाह का काम देता था? कूश और मिद्दी उसको अनगिनित बल देते थे, पूत और लूबी तेरे सहायक थे।।
- Ezekiel 32:9–12 यहेजकेल 32:9–12जब मैं तेरे विनाश का समाचार जाति जाति में और तेरे अनजाने देशों में फैलाऊंगा, तब बड़े बड़े देशों के लोगों के मन में रिस उपजाऊंगा। मैं बहुत सी जातियों को तेरे कारण विस्मित कर दूंगा, और जब मैं उनके राजाओं के साम्हने अपनी तलवार भेजूंगा, तब तेरे कारण उनके रोएं खड़े हो जाएंगे, और तेरे गिरने के दिन वे अपने अपने प्राण के लिये कांपते रहेंगे। क्योंकि पामेश्वर यहोवा यों कहता है, बाबुल के राजा की तलवार तुझ पर चलेगी। मैं तेरी भीड़ को ऐसे शूरवीरों की तलवारों के द्वारा गिराऊंगा जो सब जातियों मे भयानक हैं। वे मिस्र के घमण्ड को तोड़ेंगे, और उसकी सारी भीड़ का सत्यानाश होगा।
- Ezekiel 39:6–7 यहेजकेल 39:6–7मैं मागोग में और द्वीपों के निडर रहनेवालों के बीच आग लगाऊंगा; और वे जान लेंगे कि मैं यहोवा हूँ। और मैं अपनी प्रजा ईस्राएल के बीच अपना नाम प्रगट करूंगा; और अपना पवित्रा नाम फिर अपवित्रा न होने दूंगा; तब जाति- जाति के लोग भी जान लेंगे कि मैं यहोवा, इस्राएल का पवित्रा हूँ।
- Jeremiah 42:14–16 यिर्मयाह 42:14–16क्योंकि वहां न हम युद्व देखेंगे, न नरसिंगे का शब्द सुनेंगे और न हम को भोजन की धटी होगा, तो, हे बचे हुए यहूदियो, यहोवा का यह वचन सुनोे इस्राएल का परमेश्वर सेनाओं का यहोवा यों कहता है, कि यदि तुम सचमुच मिस्र की ओर जाने का मुंह करो, और वहां रहने के लिये जाओ, तो ऐसा होगा कि जिस तलवार से तुम डरते हो, वही वहां मिस्र देश में तुम को जा लेगी, और जिस महंगी का भय तुम खाते हो, वह मिस्र में तुम्हारा पीछा न छोड़ेगी; और वहीं तुम मरोगे।
- Ezekiel 30:13–16 यहेजकेल 30:13–16परमेश्वर यहोवा यों कहता है, मैं नोप में से मूरतों को नाश करूंगा और उस में की मूरतों को रहने न दूंगा; फिर कोई प्रधान मिस्र देश में न उठेगा; और में मिस्र देश में भय उपजाऊंगा। मैं पत्रोस को उजाड़ूंगा, और सोअन में आग लगाऊंगा, और नो को दण्ड दूंगा। और सीन जो मिस्र का दृढ़ स्थान है, उस पर मैं अपनी जलजलाहट भड़काऊंगा, और नो की भीड़- भाड़ का अन्त कर डालूंगा। और मैं मिस्र में आग लगाऊंगा; सीन बहुत थरथराएगा; और नो फाड़ा जाएगा और नोप के विरोधी दिन दहाड़े उठेंगे।
- Isaiah 31:1–3 यशायाह 31:1–3हाय उन पर जो सहायता पाने के लिये मि को जाते हैं और घोड़ों का आसरा करते हैं; जो रथों पर भरोसा रखते क्योंकि वे बहुत हैं, और सवारों पर, क्योंकि वे अति बलवान हैं, पर इस्राएल के पवित्रा की ओर दृष्टि नहीं करते और न यहोवा की खोज करते हैं! परन्तु वह भी बुद्धिमान है और दु:ख देगा, वह अपने वचन न टालेगा, परन्तु उठकर कुकर्मियों के घराने पर और अनर्थकारियों के सहायकों पर भी चढ़ाई करेगा। मिद्दी लोग ईश्वर नहीं, मनुष्य ही हैं; और उनके घोड़े आत्मा नहीं, मांस ही हैं। जब यहोवा हाथ बढ़ाएगा, तब सहायता करनेवाले और सहायतक चाहनेवाले दोनों ठोकर खाकर गिरेंगे, और वे सब के सब एक संग नष्ट हो जाएंगे।
- Isaiah 19:1 यशायाह 19:1मि के विषय में भारी भविष्यवाणी। देखो, यहोवा शीघ्र उड़नेवाले बादल पर सवार होकर मि में आ रहा है;
Original words (Hebrew)
- hosts · H6635צָבָא tsâbâʼ
- God · H430אֱלֹהִים ʼĕlôhîym
- Israel · H3478יִשְׂרָאֵל Yisrâʼêl
- saith · H559אָמַר ʼâmar
- punish · H6485פָּקַד pâqad
- multitude · H527אָמוֹן ʼâmôwn
- No · H4996נֹא Nôʼ
- Pharaoh · H6547פַּרְעֹה Parʻôh
- Egypt · H4714מִצְרַיִם Mitsrayim
- gods · H430אֱלֹהִים ʼĕlôhîym
- kings · H4428מֶלֶךְ melek
- Pharaoh · H6547פַּרְעֹה Parʻôh
- trust · H982בָּטַח bâṭach