Jeremiah · chapter 5 · verse 19
Jeremiah 5:19 in Hindi
और जब तुम पूछोगे कि हमारे परमेश्वर यहोवा ने हम से ये सब काम किस लिये किए हैं, तब तुम उन से कहना, जिस प्रकार से तुम ने मुझ को त्यागकर अपने देश में दूसरे देवताओं की सेवा की है, उसी प्रकार से तुम को पराये देश में परदेशियों की सेवा करनी पड़ेगी।
Aur jab tum poochhoge ki hamaare parameshvar yahovaa ne ham se ye sab kaam kis liye kie haim, tab tum un se kahanaa, jis prakaar se tum ne mujh ko tyaagakar apane desh mem doosare devataaom kee sevaa kee hai, usee prakaar se tum ko paraaye desh mem paradeshiyom kee sevaa karanee padegee.
Jeremiah 5:19 in English
- King James Version (KJV)
- And it shall come to pass, when ye shall say, Wherefore doeth the LORD our God all these [things] unto us? then shalt thou answer them, Like as ye have forsaken me, and served strange gods in your land, so shall ye serve strangers in a land [that is] not yours.
- World English Bible (WEB)
- It will happen when you say, ‘Why has the LORD our God done all these things to us?’ Then you shall say to them, ‘Just as you have forsaken me and served foreign gods in your land, so you will serve strangers in a land that is not yours.’
- American Standard Version (ASV)
- And it shall come to pass, when ye shall say, Wherefore hath Jehovah our God done all these things unto us? then shalt thou say unto them, Like as ye have forsaken me, and served foreign gods in your land, so shall ye serve strangers in a land that is not yours.
- Bible in Basic English (BBE)
- And it will come about, when you say, Why has the Lord our God done all these things to us? that you will say to them, As you gave me up, making yourselves servants to strange gods in your land, so will you be servants to strange men in a land which is not yours.
- Darby Translation (DBY)
- And it shall come to pass, when ye shall say, Wherefore hath Jehovah our God done all these things unto us? then shalt thou say to them, As ye have forsaken me, and served strange gods in your land, so shall ye serve strangers in a land that is not yours.
- Webster's Bible (WBS)
- And it shall come to pass, when ye shall say, Why doeth the LORD our God all these [things] to us? then shalt thou answer them, As ye have forsaken me, and served strange gods in your land, so shall ye serve strangers in a land [that is] not yours.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And it hath come to pass, when ye say, 'For what hath Jehovah our God done to us all these?' That thou hast said unto them, 'As ye have forsaken Me, And serve the gods of a foreigner in your land, So do ye serve strangers in a land not yours.
Read in context
- 17तुम्हारे पक्के खेत और भोजनवस्तुएं जो तुम्हारे बेटे- बेटियों के खाने के लिये हैं उन्हें वे खा जाएंगे। वे तुम्हारी भ्ेाड़- बकरियों और गाय- बैलों को खा डालेंगे; वे तुम्हारी दाखों और अंजीरों को खा जाएंगे; और जिन गढ़वाले नगरों पर तुम भरोसा रखते हो उन्हें वे तलवार के बल से नाश कर देंगे।
- 18तौभी, यहोवा की यह वाणी है, उन दिनों में भी मैं तुम्हारा अन्त न कर डालूंगा।
- 19और जब तुम पूछोगे कि हमारे परमेश्वर यहोवा ने हम से ये सब काम किस लिये किए हैं, तब तुम उन से कहना, जिस प्रकार से तुम ने मुझ को त्यागकर अपने देश में दूसरे देवताओं की सेवा की है, उसी प्रकार से तुम को पराये देश में परदेशियों की सेवा करनी पड़ेगी।
- 20याकूब के घराने में यह प्रचार करो, और यहूदा में यह सुनाओे
- 21हे मूर्ख और निर्बुध्दि लोगो, तुम जो आंखें रहते हुए नहीं देखते, जो कान रहते हुए नहीं सुनते, यह सुनो।
Cross references
- 1 Kings 9:8–9 1 राजा 9:8–9और यह भवन जो ऊंचे पर रहेगा, तो जो कोई इसके पास होकर चलेगा, वह चकित होगा, और ताली बजाएगा और वे पूछेंगे, कि यहोवा ने इस देश और इस भवन के साथ क्यों ऐसा किया है; तब लोग कहेंगे, कि उन्हों ने अपने परमेश्वर यहोवा को जो उनके पुरखाओं को मिस्र देश से निकाल लाया था। तजकर पराये देवताओं को पकड़ लिया, और उनको दणडवत की और उनकी उपासना की इस कारण यहोवा ने यह सब विपत्ति उन पर डाल दी।
- Deuteronomy 28:47–48 व्यवस्थाविवरण 28:47–48तू जो सब पदार्थ की बहुतायत होने पर भी आनन्द और प्रसन्नता के साथ अपने परमेश्वर यहोवा की सेवा नहीं करेगा, इस कारण तुझ को भूखा, प्यासा, नंगा, और सब पदार्थों से रहित होकर अपने उन शत्रुओं की सेवा करनी पड़ेगी जिन्हें यहोवा तेरे विरूद्ध भेजेगा; और जब तक तू नष्ट न हो जाए तब तक वह तेरी गर्दन पर लेहे का जूआ डाल रखेगा।
- Jeremiah 22:8–9 यिर्मयाह 22:8–9और जाति जाति के लोग जब इस नगर के पास से निकलेंगे तब एक दूसरे से पूछेंगे, यहोवा ने इस बड़े नगर की ऐसी दशा क्यों की है? तब लोग कहेंगे, इसका कारण यह हे कि उन्हों ने अपने परमेश्वर यहोवा की वाचा को तोड़कर दूसरे देवताओं को दण्डवत् की और उनकी उपासना भी की।
- Jeremiah 13:22 यिर्मयाह 13:22और यदि तू अपने मन में सोचे कि ये बातें किस कारण मुझ पर पड़ी हैं, तो तेरे बड़े अधर्म के कारण तेरा आंचल उठाया गया है और तेरी एड़ियां बरियाई से नंगी की गई हैं।
- Jeremiah 16:13 यिर्मयाह 16:13इस कारण मैं तुम को इस देश से उखाड़कर ऐसे देश में फेंक दूंगा, जिसको न तो तुम जानते हो और न तुम्हारे पुरखा जानते थे; और वहां तुम रात- दिन दूसरे देवताओं की उपासना करते रहोगे, क्योंकि वहां मैं तुम पर कुछ अनुग्रह न करूंगा।
- Deuteronomy 29:24–28 व्यवस्थाविवरण 29:24–28और सब जातियों के लोग पूछेंगे, कि यहोवा ने इस देश से ऐसा क्यों किया? और इस बड़े कोप के भड़कने का क्या कारण है? तब लोग यह उत्तर देंगे, कि उनके पूर्वजों के परमेश्वर यहोवा ने जो वाचा उनके साथ मि देश से निकालने के समय बान्धी थी उसको उन्हों ने तोड़ा है। और पराए देवताओं की उपासना की है जिन्हें वे पहिले नहीं जानते थे, और यहोवा ने उनको नहीं दिया था; इसलिये यहोवा का कोप इस देश पर भड़क उठा है, कि पुस्तक मे लिखे हुए सब शाप इस पर आ पडें; और यहोवा ने कोप, और जलजलाहट, और बड़ा ही क्रोध करके उन्हें उनके देश में से उखाड़ कर दूसरे देश में फेंक दिया, जैसा कि आज प्रगट है।।
- Jeremiah 16:10–11 यिर्मयाह 16:10–11और जब तू इन लोगों से ये सब बातें कहे, और वे तुझ से पूछें कि यहोवा ने हमारे ऊपर यह सारी बड़ी विपत्ति डालने के लिये क्यों कहा है? हमारा अधर्म क्या है और हम ने अपने परमेश्वर यहोवा के विरूद्ध कौन सा पाप किया है? तो तू इन लोगों से कहना, यहोवा की यह वाणी है, क्योंकि तुम्हारे पुरखा मुझे त्यागकर दूसरे देवताओं के पीछे चले, और उनकी उपासना करके उनको दण्डवत् की, और मुझ को त्याग दिया और मेरी व्यवस्था का पालन नहीं किया,
- Deuteronomy 4:25–28 व्यवस्थाविवरण 4:25–28यदि उस देश में रहते रहते बहुत दिन बीत जाने पर, और अपने बेटे- पोते उत्पन्न होने पर, तुम बिगड़कर किसी वस्तु के रूप की मूर्ति खोदकर बनाओ, और इस रीति से अपने परमेश्वर यहोवा के प्रति बुराई करके उसे अप्रसन्न कर दो, तो मैं आज आकाश और पृथ्वी को तुम्हारे विरूद्ध साक्षी करके कहता हूं, कि जिस देश के अधिकारी होने के लिये तुम यरदन पार जाने पर हो उस में तुम जल्दी बिल्कुल नाश हो जाओगे; और बहुत दिन रहने न पाओगे, किन्तु पूरी रीति से नष्ट हो जाओगे। और यहोवा तुम को देश देश के लोगों में तितर बितर करेगा, और जिन जातियों के बीच यहोवा तुम को पहुंचाएगा उन में तुम थोड़े ही से रह जाओगे। और वहां तुम मनुष्य के बनाए हुए लकड़ी और पत्थर के देवताओं की सेवा करोगे, जो न देखते, और न सुनते, और न खाते, और न सूंघते हैं।
- Jeremiah 2:13 यिर्मयाह 2:13क्योंकि मेरी प्रजा ने दो बुराइयां की हैंे उन्हों ने मुझ बहते जल के सोते को त्याग दिया है, और, अन्हों ने हौद बना लिए, वरन बेसे हौद जो टूट गए हैं, और जिन में जल नहीं रह सकता।
- 2 Chronicles 7:21–22 2 इतिहास 7:21–22और यह भवन जो इतना विशाल है, उसके पास से आने जानेवाले चकित होकर पूछेंगे कि यहोवा ने इस देश और इस भवन से ऐसा क्यों किया है। तब लोग कहेंगे, कि उन लोगों ने अपने पितरों के परमेश्वर यहोवा को जो उनको मिस्र देश से निकाल लाया था, त्यागकर पराये देवताओं को ग्रहण किया, और उन्हें दझाडवत की और उनकी उपासना की, इस कारण उस ने यह सब विपत्ति उन पर डाली है।
- Jeremiah 2:35 यिर्मयाह 2:35निश्चय उसका क्रोध मुझ पर से हट जाएगा। देख, तू जो कहती है कि मैं ने पाप नहीं किया, इसलिये मैं तेरा न्याय कराऊंगा।
- Lamentations 5:8 विलापगीत 5:8हमारे ऊपर दास अधिकार रखते हैं; उनके हाथ से कोई हमें नहीं छुड़ाता।
Original words (Hebrew)
- say · H559אָמַר ʼâmar
- Wherefore · H8478תַּחַת tachath
- doeth · H6213עָשָׂה ʻâsâh
- God · H430אֱלֹהִים ʼĕlôhîym
- answer · H559אָמַר ʼâmar
- forsaken · H5800עָזַב ʻâzab
- served · H5647עָבַד ʻâbad
- strange · H5236נֵכָר nêkâr
- gods · H430אֱלֹהִים ʼĕlôhîym
- land · H776אֶרֶץ ʼerets
- serve · H5647עָבַד ʻâbad
- strangers · H2114זוּר zûwr
- land · H776אֶרֶץ ʼerets