Jeremiah · chapter 50 · verse 13
Jeremiah 50:13 in Hindi
यहोवा के क्रोध के कारण, वह देश निर्जन रहेगा, वह उजाड़ ही उजाड़ होगा; जो कोई बाबुल के पास से चलेगा वह चकित होगा, और उसके सब दु:ख देखकर ताली बजाएगा।
Yahovaa ke krodh ke kaaran, vah desh nirjan rahegaa, vah ujaad hee ujaad hogaa; jo koee baabul ke paas se chalegaa vah chakit hogaa, aur usake sab du:kh dekhakar taalee bajaaegaa.
Jeremiah 50:13 in English
- King James Version (KJV)
- Because of the wrath of the LORD it shall not be inhabited, but it shall be wholly desolate: every one that goeth by Babylon shall be astonished, and hiss at all her plagues.
- World English Bible (WEB)
- Because of the LORD’s wrath she won’t be inhabited, but she will be wholly desolate. Everyone who goes by Babylon will be astonished, and hiss at all her plagues.
- American Standard Version (ASV)
- Because of the wrath of Jehovah she shall not be inhabited, but she shall be wholly desolate: every one that goeth by Babylon shall be astonished, and hiss at all her plagues.
- Bible in Basic English (BBE)
- Because of the wrath of the Lord no one will be living in it, and it will be quite unpeopled: everyone who goes by Babylon will be overcome with wonder, and make sounds of fear at all her punishments.
- Darby Translation (DBY)
- Because of the wrath of Jehovah, it shall not be inhabited, but it shall be wholly desolate; every one that goeth by Babylon shall be astonished, and shall hiss, because of all her plagues.
- Webster's Bible (WBS)
- Because of the wrath of the LORD it shall not be inhabited, but it shall be wholly desolate: every one that goeth by Babylon shall be astonished, and hiss at all her plagues.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Because of the wrath of Jehovah it is not inhabited, And it hath been a desolation — all of it. Every passer by at Babylon is astonished, And doth hiss because of all her plagues.
Read in context
- 11हे मेरे भाग के लूटनेवालो, तुम जो मेरी प्रजा पर आनन्द करते और हुलसते हो, और घास चरनेवाली बछिया की नाई उछलते और बलवन्त घोड़ों के समान हिनहिनाते हो,
- 12तुम्हारी माता अत्यन्त लज्जित होगी और तुम्हारी जननी का मुंह काला होगा। क्योंकि वह सब जातियों में नीच होगी, वह जंगल और मरू और निर्जल देश हो जाएगी।
- 13यहोवा के क्रोध के कारण, वह देश निर्जन रहेगा, वह उजाड़ ही उजाड़ होगा; जो कोई बाबुल के पास से चलेगा वह चकित होगा, और उसके सब दु:ख देखकर ताली बजाएगा।
- 14हे सब धनुर्धारियो, बाबुल के चारों ओर उसके विरूद्व पांति बान्धो; उस पर तीर चलाओ, उन्हें मत रख छोड़ो, क्योंकि उस ने यहोवा के विरूद्व पाप किया है।
- 15चारों ओर से उस पर ललकारो, उस ने हार मानी; उसके कोट गिराए गए, उसकी शहरपनाह ढाई गई। क्ययोंकि यहोवा उस से अपना बदला लेने पर है; सो तुम भी उस से अपना अपना बदला लो, जैसा उस ने किया है, वैसा ही तुम भी उस से करो।
Cross references
- Jeremiah 18:16 यिर्मयाह 18:16इस से उनका देश ऐसा उजाड़ हो गया है कि लोग उस पर सदा ताली बजाते रहेंगे; और जो कोई उसके पास से चले वह चकित होगा और सिर हिलाएगा।
- Jeremiah 49:17 यिर्मयाह 49:17एदोम यहां तक उजड़ जाएगा कि जो कोई उसके पास से चले वह चकित होगा, और उसके सारे दु:खों पर ताली बजाएगा।
- Job 27:23 अय्यूब 27:23और उस पर ऐसी सुसकारियां भरेंगे कि वह अपने स्थान पर न रह सकेगा।
- Jeremiah 25:12 यिर्मयाह 25:12जब सत्तर वर्ष बीत चुकें, तब मैं बाबुल के राजा और उस जाति के लोगों और कसदियों के देश के सब निवासियों को अर्ध्म का दण्ड दूंगा, यहोवा की यह वाणी है; और उस देश को सदा के लिये उजाड़ दूंगा।
- Zechariah 1:15 जकर्याह 1:15और जो जातियां सुख से रहती हैं, उन से मैं क्रोधित हूं; क्योंकि मैं ने तो थोड़ा से क्रोध किया था, परन्तु उन्हों ने विपत्ति को बढ़ा दिया।
- Zephaniah 2:15 सपन्याह 2:15यह वही नगरी है, जो मगन रहती और निडर बैठी रहती थी, औश्र सोचती थी कि मैं ही हूं, और मुझे छोड़ कोई है ही नहीं। परन्तु अब यह उजाड़ और वनपशुओं के बैठने का स्थान बन गया है, यहां तक कि जो कोई इसके पास होकर चले, वह ताली बजाएगा और हाथ हिलाएगा।
- Lamentations 2:15–16 विलापगीत 2:15–16सब बटोही तुझ पर ताली बजाते हैं; वे यरूशलेम की पुत्री पर यह कहकर ताली बजाते और सिर हिलाते हैं, क्या यह वही नगरी है जिसे परमसुन्दरी और सारी पृथ्वी के हर्ष का कारण कहते थे? तेरे सब शत्रुओं ने तुझ पर मुंह पसारा है, वे ताली बजाते और दांत पीसते हैं, वे कहते हैं, हम उसे निगल गए हैं! जिस दिन की बाट हम जोहते थे, वह यही है, वह हम को मिल गया, हम उसको देख चुके हैं!
- Habakkuk 2:6–18 हबक्कूक 2:6–18क्या वे सब उसका दृष्टान्त चलाकर, और उस पर ताना मारकर न कहेंगे कि हाय उस पर जो पराया धल छीन छीनकर धनवान हो जाता है? कब तक? हाय उस पर जो अपना घर बन्धक की वस्तुओं से भर लेता है। जो तुझ से कर्ज लेते हैं, क्या वे लोग अचानक न उठेंगे? और क्या वे न जागेंगे जो तुझ को संकट में डालेंगे? और क्या तू उन से लूटा न जाएगा? तू ने बहुत सी जातियों को लूट लिया है, सो सब बचे हुए लोग तुझे भी लूट लेंगे। इसका कारण मनुष्यों की हत्या, और वह अपद्रव भी जो तू ने इस देश और राजधानी और इसके सब रहनेवालों पर किया है।। हाय उस पर, जो अपने धर के लिये अन्याय के लाभ का लोभी है ताकि वह अपना घोंसला ऊंचे स्थान में बनाकर विपत्ति से बचे। तू ने बहुत सी जातियों को काटकर अपने घर लिये लज्जा की युक्ति बान्धी, और अपने ही प्राण का दोषी ठहरा है। क्योंकि घर की भीत का पत्थर दोहाई देता है, और उसके छत की कड़ी उनके स्वर में स्वर मिलाकर उत्तर देती हैं। हाय उस पर जो हत्या करके नगर को बनाता, और कुटिलता करके गढ़ को दृढ़ करता है। देखो, क्या सेनाओं के यहोवा की ओर से यह नहीं होता कि देश देश के लोग परिश्रम तो करते हैं परन्तु वे आग का कौर होते हैं; और राज्य- राज्य के लोगों का परिश्रम व्यर्थ ही ठहरता है? क्योंकि पृथ्वी यहोवा की महिमा के ज्ञान से ऐसी भर जाएगी जैसे समुद्र जल से भर जाता है।। हाय उस पर, जो अपने पड़ोसी को मदिरा पिलाता, और उस में विष मिलाकर उसको मतवाला कर देता है कि उसको नंगा देखे। तू महिमा की सन्ती अपमान ही से भर गया है। तू भी पी, और अपने को खतनाहीन प्रगट कर! जो कटोरा यहोवा के दहिने हाथ में रहता है, सो घूमकर तेरी ओर भी जाएगा, और तेरा विभव तेरी छांट से अशुद्ध हो जाएगा। क्योंकि लबानोन में तेरा किया हुआ उपद्रव और वहां के पशुओं पर तेरा किया हुआ उत्पात, जिन से वे भयभीत हो गए थे, तुझी पर आ पड़ेंगे। यह मनुष्यों की हत्या और उस उपद्रव के कारण होगा, जो इस देश और राजधानी और इसके सब रहनेवालों पर किया गया है।। खुदी हुई मूरत में क्या लाभ देखकर बनानेवाले ने उसे खोदा है? फिर झूठ सिखानेवाली और ढली हुई मूरत में क्या लाभ देखकर ढालनेवाले ने उस पर इतना भरोसा रखा है कि न बोलनेवाली और निकम्मी मूरत बनाए?
- Jeremiah 19:8 यिर्मयाह 19:8और मैं इस नगर को ऐसा उजाड़ दूंगा कि लोग इसे देख कर डरेंगे; जो कोई इसके पास से हो कर जाए वह इसकी सब विपत्तियों के कारण चकित होगा और घबराएगा।
- Isaiah 14:4–17 यशायाह 14:4–17उस दिन तू बाबुल के राजा पर ताना मारकर कहेगा कि परिश्रम करानेवाला कैसा नाश हो गया है, सुनहले मन्दिरों से भरी नगरी कैसी नाश हो गई है! यहोवा ने दुष्टों के सोंटे को और अन्याय से शासन करनेवालों के लठ को तोड़ दिया है, जिस से वे मनुष्यों को लगातार रोष से मारते रहते थे, और जाति जाति पर क्रोध से प्रभुता करते और लगातार उनके पीछे पड़े रहते थे। अब सारी पृथ्वी को विश्राम मिला है, वह चैन से है; लोग ऊंचे स्वर से गा उठे हैं। सनौवर और लबानोन के देवदार भी तुझ पर आनन्द करके कहते हैं, जब से तू गिराया गया तब से कोई हमें काटने को नहीं आया। पाताल के नीचे अधोलो में तुझ से मिलने के लिये हलचल हो रही है; वह तेरे लिये मुर्दों को अर्थात्पृथ्वी के सब सरदारों को जगाता है, और वह जाति जाति से सब राजाओं को उनके सिंहासन पर से उठा खड़ा करता है। वे सब तुझ से कहेंगे, क्या तू भी हमारी नाई निर्बल हो गया है? क्या तू हमारे समान ही बन गया? तेरा विभव और तेरी सारंगियों को शब्द अधोलोक में उतारा गया है; कीड़े तेरा बिछौना और केचुए तेरा ओढ़ना हैं।। हे भोर के चमकनेवाले तारे तू क्योंकर आकाश से गिर पड़ा है? तू जो जाति जाति को हरा देता था, तू अब कैसे काटकर भूमि पर गिराया गया है? तू मन में कहता तो था कि मैं स्वर्ग पर चढूंगा; मैं अपने सिंहासन को ईश्वर के तारागण से अधिक ऊंचा करूंगा; और उत्तर दिशा की छोर पर सभा के पर्वत पर बिराजूंगा; मैं मेघों से भी ऊंचे ऊंचे स्थानों के ऊपर चढूंगा, मैं परमप्रधान के तुल्य हो जाऊंगा। परन्तु तू अधोलोक में उस गड़हे की तह तक उतारा जाएगा। जो तुझे देखेंगे तुझ को ताकते हुए तेरे विषय में सोच सोचकर कहेंगे, क्या यह वही पुरूष है जो पृथ्वी को चैन से रहने न देता था और राज्य राज्य में घबराहट डज्ञल देता था; जो जगत को जंगल बनाता और उसके नगरों को ढा देता था, और अपने बंधुओं को घर जाने नहीं देता था?
- Jeremiah 51:37 यिर्मयाह 51:37और बाबुल खण्डहर, और गीदड़ों का वासस्थान होगा; और लोग उसे देखकर चकित होंगे और ताली बजाएंगे, और उस में कोई न रहेगा।