Jeremiah · chapter 50 · verse 23
Jeremiah 50:23 in Hindi
जो हथौड़ा सारी पृथ्वी के लोगों को चूर चूर करता था, वह कैसा काट डाला गया है! बाबुल सब जातियों के बीच में कैसा उजाड़ हो गया है!
Jo hathaudaa saaree pruthvee ke logom ko choor choor karataa thaa, vah kaisaa kaat daalaa gayaa hai! Baabul sab jaatiyom ke beech mem kaisaa ujaad ho gayaa hai!
Jeremiah 50:23 in English
- King James Version (KJV)
- How is the hammer of the whole earth cut asunder and broken! how is Babylon become a desolation among the nations!
- World English Bible (WEB)
- How the hammer of the whole earth is cut apart and broken! How Babylon has become a desolation among the nations!
- American Standard Version (ASV)
- How is the hammer of the whole earth cut asunder and broken! how is Babylon become a desolation among the nations!
- Bible in Basic English (BBE)
- How is the hammer of all the earth cut in two and broken! how has Babylon become a waste among the nations!
- Darby Translation (DBY)
- How is the hammer of the whole earth cut asunder and broken! How is Babylon become an astonishment among the nations!
- Webster's Bible (WBS)
- How is the hammer of the whole earth cut asunder and broken! how is Babylon become a desolation among the nations!
- Young's Literal Translation (YLT)
- How hath it been cut and broken, The hammer of the whole earth! How hath Babylon been for a desolation among nations!
Read in context
- 21तू मरातैम देश और पकोद नगर के निवासियों पर चढ़ाई कर। मनुष्यों को तो मार डाल, और धन का सत्यानाश कर; यहोवा की यह वाणी है, और जो जो आज्ञा मैं तुझे देता हूँ, उन सभों के अनुसार कर।
- 22सुनो, उस देश में युद्व और सत्यानाश का सा शब्द हो रहा है।
- 23जो हथौड़ा सारी पृथ्वी के लोगों को चूर चूर करता था, वह कैसा काट डाला गया है! बाबुल सब जातियों के बीच में कैसा उजाड़ हो गया है!
- 24हे बाबुल, मैं ने तेरे लिये फन्दा लगाया, और तू अनजाने उस में फँस भी गया; तू ढूंढ़कर पकड़ा गया है, क्योंकि तू यहोवा का विरोध करता था।
- 25प्रभु, सेनाओं के यहोवा ने अपने शस्त्रों का घर खोलकर, अपने क्रोध प्रगट करने का सामान निकाला है; क्योंकि सेनाओं के प्रभु यहोवा को कसदियों के देश में एक काम करना है।
Cross references
- Jeremiah 51:20–24 यिर्मयाह 51:20–24तू मेरा फरसा और युद्व के लिये हथियार ठहराया गया है; तेरे द्वारा मैं जाति जाति को तितर- बितर करूंगा; और तेरे ही द्वारा राज्य राज्य को नाश करूंगा। तेरे ही द्वारा मैं सवार समेत घोड़ों को टुकड़े टुकड़े करूंगा; तेरे ही द्वारा रथी समेत रथ को भी टुकड़े टुकड़े करूंगा; तेरे ही द्वारा मैं स्त्री पुरूष दोनों को टुकड़े टुकड़े करूंगा; तेरे ही द्वारा मैं बूढ़े और लड़के दोनों को टुकढ़े टुकडे करूंगा, और जवान पुरूष और जवन स्त्री दोनों को मैं तेरे ही द्वारा टुकड़े टुकड़े करूंगा; तेरे ही द्वारा मैं भेड़- बकरियों समेत चरवाहे को टुकड़े टुकड़े करूंगा; तेरे ही द्वारा मैं किसान और उसके जोड़े बैलों को भी टुकड़े टुकड़े करूंगा; अधिपतियों ओर हाकिमों को भी मैं तेरे ही द्वारा टुकड़े टुकड़े करूंगा। मैं बाबुल को और सारे कसदियों को भी उन सब बुराइयों का बदला दूंगा, जो उन्हों ने तुम लोगों के साम्हने सिरयोन में की है; यहोवा की यही वाणी है।
- Revelation 18:16 प्रकाशितवाक्य 18:16हाय! हाय! यह बड़ा नगर जो मलमल, और बैंजनी, और किरमिजी कपड़े पहिने था, और सोने, और रत्नों, और मोतियों से सजा था,
- Isaiah 14:4–6 यशायाह 14:4–6उस दिन तू बाबुल के राजा पर ताना मारकर कहेगा कि परिश्रम करानेवाला कैसा नाश हो गया है, सुनहले मन्दिरों से भरी नगरी कैसी नाश हो गई है! यहोवा ने दुष्टों के सोंटे को और अन्याय से शासन करनेवालों के लठ को तोड़ दिया है, जिस से वे मनुष्यों को लगातार रोष से मारते रहते थे, और जाति जाति पर क्रोध से प्रभुता करते और लगातार उनके पीछे पड़े रहते थे।
- Isaiah 14:12–17 यशायाह 14:12–17हे भोर के चमकनेवाले तारे तू क्योंकर आकाश से गिर पड़ा है? तू जो जाति जाति को हरा देता था, तू अब कैसे काटकर भूमि पर गिराया गया है? तू मन में कहता तो था कि मैं स्वर्ग पर चढूंगा; मैं अपने सिंहासन को ईश्वर के तारागण से अधिक ऊंचा करूंगा; और उत्तर दिशा की छोर पर सभा के पर्वत पर बिराजूंगा; मैं मेघों से भी ऊंचे ऊंचे स्थानों के ऊपर चढूंगा, मैं परमप्रधान के तुल्य हो जाऊंगा। परन्तु तू अधोलोक में उस गड़हे की तह तक उतारा जाएगा। जो तुझे देखेंगे तुझ को ताकते हुए तेरे विषय में सोच सोचकर कहेंगे, क्या यह वही पुरूष है जो पृथ्वी को चैन से रहने न देता था और राज्य राज्य में घबराहट डज्ञल देता था; जो जगत को जंगल बनाता और उसके नगरों को ढा देता था, और अपने बंधुओं को घर जाने नहीं देता था?