Jeremiah · chapter 9 · verse 3
Jeremiah 9:3 in Hindi
अपनी अपनी जीभ को वे धनुष की नाई झूठ होलने के लिये तैयार करते हैं, और देश में बलवन्त तो हो गए, परन्तु सच्चाई के लिये नहीं; वे बुराई पर बुराई बढ़ाते जाते हैं, और वे मुझ को जानते ही नहीं, यहोवा की यही वाणी है।
Apanee apanee jeebh ko ve dhanush kee naaee jhooth holane ke liye taiyaar karate haim, aur desh mem balavant to ho gae, parantu sachchaaee ke liye naheem; ve buraaee par buraaee badhaate jaate haim, aur ve mujh ko jaanate hee naheem, yahovaa kee yahee vaanee hai.
Jeremiah 9:3 in English
- King James Version (KJV)
- And they bend their tongues [like] their bow [for] lies: but they are not valiant for the truth upon the earth; for they proceed from evil to evil, and they know not me, saith the LORD.
- World English Bible (WEB)
- “They bend their tongue, as their bow, for falsehood. They have grown strong in the land, but not for truth; for they proceed from evil to evil, and they don’t know me,” says the LORD.
- American Standard Version (ASV)
- And they bend their tongue, [as it were] their bow, for falsehood; and they are grown strong in the land, but not for truth: for they proceed from evil to evil, and they know not me, saith Jehovah.
- Bible in Basic English (BBE)
- Their tongues are bent like a bow to send out false words: they have become strong in the land, but not for good faith: they go on from evil to evil, and they have no knowledge of me, says the Lord.
- Darby Translation (DBY)
- And they bend their tongue, their bow of falsehood, and not for fidelity are they valiant in the land; for they proceed from evil to evil, and they know not me, saith Jehovah.
- Webster's Bible (WBS)
- And they bend their tongues [like] their bow [for] lies: but they are not valiant for the truth upon the earth; for they proceed from evil to evil, and they know not me, saith the LORD.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And they bend their tongue, their bow [is] a lie, And not for stedfastness have they been mighty in the land, For from evil unto evil they have gone forth, And Me they have not known, An affirmation of Jehovah!
Read in context
- 1भला होता, कि मेरा सिर जल ही जल, और मेरी आंखें आँसुओं का सोता होतीं, कि मैं रात दिन अपने मारे हुए लोगों के लिये रोता रहता।
- 2भला होता कि मुझे जंगल में बटोहियों का कोई टिकाब मिलता कि मैं अपने लोगों को छोड़कर वहीं चला जाता! क्योंकि वे सब व्यभिचारी हैं, वे विश्वासघातियों का समाज हैं।
- 3अपनी अपनी जीभ को वे धनुष की नाई झूठ होलने के लिये तैयार करते हैं, और देश में बलवन्त तो हो गए, परन्तु सच्चाई के लिये नहीं; वे बुराई पर बुराई बढ़ाते जाते हैं, और वे मुझ को जानते ही नहीं, यहोवा की यही वाणी है।
- 4अपने अपने संगी से चौकस रहो, अपने भाई पर भी भरोसा न रखो; क्योंकि सब भाई निश्चय अड़ंगा मारेंगे, और हर एक पड़ोसी लुतराई करते फिरेंगे।
- 5वे एक दूसरे को ठगेंगे और सच नहीं बोलेंगे; उन्हों ने झूठ ही बोलना सीखा है; और कुटिलता ही में परिश्रम करते हैं।
Cross references
- Jeremiah 4:22 यिर्मयाह 4:22क्योंकि मेरी प्रजा मूढ़ है, वे मुझे नहीं जानते; वे ऐसे मूर्ख लड़के हैं जिन में कुछ भी समझ नहीं। बुराई करने को तो वे बुध्दिमान हैं, परन्तु भलाई करना वे नहीं जानते।
- Jeremiah 9:8 यिर्मयाह 9:8उनकी जीभ काल के तीर के समान बेधनेवाली है, उस से छल की बातें निकलती हैं; वे मुंह से तो एक दूसरे से मेल की बात बोलते हैं पर मन ही मन एक दूसरे की घात में लगे रहते हैं।
- Judges 2:10 न्यायियों 2:10और उस पीढ़ी के सब लोग भी अपने अपने पितरों में मिल गए; तब उसके बाद जो दूसरी पीढ़ी हुई उसके लोग न तो यहोवा को जानते थे और न उस काम को जो उस ने इस्राएल के लिये किया था।।
- Isaiah 59:13–15 यशायाह 59:13–15हम ने यहोवा का अपराध किया है, हम उस से मुकर गए और अपने परमेश्वर के पीछे चलना छोड़ दिया, हम अन्धेर करने लगे और उलट फेर की बातें कहीं, हम ने झूठी बातें मन में गढ़ीं और कही भी हैं। न्याय तो पीछे हटाया गया और धर्म दूर खड़ा रह गया; सच्चाई बाजार में गिर पड़ी और सिधाई प्रवेश नहीं करने पाती। हां, सच्चाई खोई, और जो बुराई से भागता है सो शिकार हो जाता है।। यह देखकर यहोवा ने बुरा माना, क्योंकि न्याय जाता रहा,
- 1 Samuel 2:12 1 शमूएल 2:12एली के पुत्रा तो लुच्चे थे; उन्हों ने यहोवा को न पहिचाना।
- Romans 3:13 रोमियों 3:13उन का गला खुली हुई कब्र है: उन्हीं ने अपनी जीभों से छल किया है: उन के होठों में सापों का विष है।
- John 8:54–55 यूहन्ना 8:54–55यीशु ने उत्तर दिया; यदि मैं आप अपनी महिमा करूं, तो मेरी महिमा कुछ नहीं, परन्तु मेरी महिमा करनेवाला मेरा पिता है, जिसे तुम कहते हो, कि वह हमारा परमेश्वर है। और तुम ने तो उसे नहीं जाना: परन्तु मैं उसे जानता हूं; और यदि कहूं कि मैं उसे नहीं जानता, तो मैं तुम्हारी नाईं झूठा ठहरूंगा: परन्तु मैं उसे जानता, और उसके वचन पर चलता हूं।
- Romans 1:28 रोमियों 1:28और जब उन्हों ने परमेश्वर को पहिचानना न चाहा, इसलिये परमेश्वर ने भी उन्हें उन के निकम्मे मन पर छोड़ दिया; कि वे अनुचित काम करें।
- Psalm 64:3–4 भजन संहिता 64:3–4उन्हों ने अपनी जीभ को तलवार की नाईं तेज किया है, और अपने कड़वे बचनों के तीरों को चढ़ाया है; ताकि छिपकर खरे मनुष्य को मारें; वे निडर होकर उसको अचानक मारते भी हैं।
- Jeremiah 22:16 यिर्मयाह 22:16वह इस कारण सुख से रहता था क्योंकि वह दीन और दरिद्र लोगों का न्याय चुकाता था। क्या यही मेरा ज्ञान रखना नहीं है? यहोवा की यह वाणी है।
- Psalm 52:2–4 भजन संहिता 52:2–4तेरी जीभ केवल दुष्टता गढ़ती है; सारे धरे हुए अस्तुरे की नाईं वह छल का काम करती है। तू भलाई से बढ़कर बुराई में और अधर्म की बात से बढ़कर झूठ से प्रीति रखता है। हे छली जीभ तू सब विनाश करनेवाली बातों से प्रसन्न रहती है।।
- Philippians 1:28 फिलिप्पियों 1:28और किसी बात में विरोधियों से भय नहीं खाते? यह उन के लिये विनाश का स्पष्ट चिन्ह है, परन्तु तुम्हारे लिये उद्धार का, और यह परमेश्वर की ओर से है।