Jeremiah · chapter 9 · verse 8
Jeremiah 9:8 in Hindi
उनकी जीभ काल के तीर के समान बेधनेवाली है, उस से छल की बातें निकलती हैं; वे मुंह से तो एक दूसरे से मेल की बात बोलते हैं पर मन ही मन एक दूसरे की घात में लगे रहते हैं।
Unakee jeebh kaal ke teer ke samaan bedhanevaalee hai, us se chhal kee baatem nikalatee haim; ve munh se to ek doosare se mel kee baat bolate haim par man hee man ek doosare kee ghaat mem lage rahate hain.
Jeremiah 9:8 in English
- King James Version (KJV)
- Their tongue [is as] an arrow shot out; it speaketh deceit: [one] speaketh peaceably to his neighbour with his mouth, but in heart he layeth his wait.
- World English Bible (WEB)
- Their tongue is a deadly arrow. It speaks deceit. One speaks peaceably to his neighbor with his mouth, but in his heart, he waits to ambush him.
- American Standard Version (ASV)
- Their tongue is a deadly arrow; it speaketh deceit: one speaketh peaceably to his neighbor with his mouth, but in his heart he layeth wait for him.
- Bible in Basic English (BBE)
- His tongue is an arrow causing death; the words of his mouth are deceit: he says words of peace to his neighbour, but in his heart he is waiting secretly for him.
- Darby Translation (DBY)
- Their tongue is a murderous arrow; it speaketh deceit. [A man] speaketh peaceably to his neighbour with his mouth, but in his heart he layeth his ambush.
- Webster's Bible (WBS)
- Their tongue [is as] an arrow shot out; it speaketh deceit: [one] speaketh peaceably to his neighbor with his mouth, but in heart he layeth his wait.
- Young's Literal Translation (YLT)
- A slaughtering arrow [is] their tongue, Deceit it hath spoken in its mouth, Peace with its neighbour it speaketh, And in its heart it layeth its ambush,
Read in context
- 6तेरा निवास छल के बीच है; छल ही के कारण वे मेरा ज्ञान नहीं चाहते, यहोवा की यही वाणी है।
- 7इसलिये सेनाओं का यहोवा यों कहता है, देख, मैं उनको तपाकर परखूंगा, क्योंकि अपनी प्रजा के कारण मैं उन से और क्या कर सकता हूं?
- 8उनकी जीभ काल के तीर के समान बेधनेवाली है, उस से छल की बातें निकलती हैं; वे मुंह से तो एक दूसरे से मेल की बात बोलते हैं पर मन ही मन एक दूसरे की घात में लगे रहते हैं।
- 9क्या मैं ऐसी बातों का दणड न दूं? यहोवा की सह वाणी है, क्या मैं ऐसी जाति से अपना पलटा न लूं?
- 10मैं पहाड़ों के लिये रो उठूंगा और शोक का गीत गाऊंगा, और जंगल की चराइयों के लिये विलाप का गीत गाऊंगा, क्योंकि वे ऐसे जल गए हैं कि कोई उन में से होकर नहीं चलता, और उन में ढोर का शब्द भी नहीं सुनाई पड़ता; पशु- पक्षी सब भाग गए हैं।
Cross references
- Psalm 28:3 भजन संहिता 28:3उन दुष्टों और अनर्थकारियों के संग मुझे न घसीट; जो अपने पड़ोसियों से बातें तो मेल की बोलते हैं परन्तु हृदय में बुराई रखते हैं।
- Proverbs 26:24–26 नीतिवचन 26:24–26जो बैरी बात से तो अपने को भोला बनाता है, परन्तु अपने भीतर छल रखता है, उसकी मीठी- मीठी बात प्रतीति न करना, क्योंकि उसके मन में सात घिनौनी वस्तुएं रहती हैं; चाहे उसका बैर छल के कारण छिप भी जाए, तौभी उसकी बुराई सभा के बीच प्रगट हो जाएगी।
- Psalm 120:3 भजन संहिता 120:3हे छली जीभ, तुझ को क्या मिले? और तेरे साथ और क्या अधिक किया जाए?
- Psalm 64:3–4 भजन संहिता 64:3–4उन्हों ने अपनी जीभ को तलवार की नाईं तेज किया है, और अपने कड़वे बचनों के तीरों को चढ़ाया है; ताकि छिपकर खरे मनुष्य को मारें; वे निडर होकर उसको अचानक मारते भी हैं।
- Psalm 55:21 भजन संहिता 55:21उसके मुंह की बातें तो मक्खन सी चिकनी थी परन्तु उसके मन में लड़ाई की बातें थीं; उसके वचन तेल से अधिक नरम तो थे परन्तु नंगी तलवारें थीं।।
- Psalm 57:4 भजन संहिता 57:4मेरा प्राण सिंहों के बीच में है, मुझे जलते हुओं के बीच में लेटना पड़ता है, अर्थात् ऐसे मनुष्यों के बीच में जिन के दांत बर्छी और तीर हैं, और जिनकी जीभ तेज तलवार है।।
- Psalm 12:2 भजन संहिता 12:2उन में से प्रत्येक अपने पड़ोसी से झूठी बातें कहता है; वे चापलूसी के ओठों से दो रंगी बातें करते हैं।।
- 2 Samuel 20:9–10 2 शमूएल 20:9–10तो योआब ने अमासा से पूछा, हे मेरे भाई, क्या तू कुशल से है? तब योआब ने अपना दाहिना हाथ बढ़ाकर अमासा को चूमने के लिये उसकी दाढ़ी पकड़ी। परन्तु अमासा ने उस तलवार की कुछ चिन्ता न की जो याआब के हाथ में थी; और उस ने उसे अमासा के पेट में भोंक दी, जिस से उसकी अन्तड़ियां निकलकर धरती पर गिर पड़ी, और उस ने उसको दूसरी बार न मारा; और वह मर गया। तब योआब और उसका भाई अबीशै बिक्री के पुत्रा शेबा का पीछा करने को चले।
- Jeremiah 9:3 यिर्मयाह 9:3अपनी अपनी जीभ को वे धनुष की नाई झूठ होलने के लिये तैयार करते हैं, और देश में बलवन्त तो हो गए, परन्तु सच्चाई के लिये नहीं; वे बुराई पर बुराई बढ़ाते जाते हैं, और वे मुझ को जानते ही नहीं, यहोवा की यही वाणी है।
- 2 Samuel 3:27 2 शमूएल 3:27जब अब्नेर हेब्रोन को लौट आया, तब योआब उस से एकान्त में बातें करने के लिये उसको फाटक के भीतर अलग ले गया, और वहां अपने भाई असाहेल के खून के पलटे में उसके पेट में ऐसा मारा कि वह मर गया।
- Jeremiah 5:26 यिर्मयाह 5:26मेरी प्रजा में दुष्ट लोग पाए जाते हैं; जैसे चिड़ीमार ताक में रहते हैं, वैसे ही वे भी घात लगाए रहते हैं। वे फन्दा लगाकर मनुष्यों को अपने वश में कर लेते हैं।
- Jeremiah 9:5 यिर्मयाह 9:5वे एक दूसरे को ठगेंगे और सच नहीं बोलेंगे; उन्हों ने झूठ ही बोलना सीखा है; और कुटिलता ही में परिश्रम करते हैं।
Original words (Hebrew)
- tongue · H3956לָשׁוֹן lâshôwn
- arrow · H2671חֵץ chêts
- out · H7819שָׁחַט shâchaṭ
- speaketh · H1696דָבַר dâbar
- deceit · H4820מִרְמָה mirmâh
- speaketh · H1696דָבַר dâbar
- peaceably · H7965שָׁלוֹם shâlôwm
- neighbour · H7453רֵעַ rêaʻ
- mouth · H6310פֶּה peh
- heart · H7130קֶרֶב qereb
- layeth · H7760שׂוּם sûwm
- wait · H696אֹרֶב ʼôreb