Job · chapter 24 · verse 14
Job 24:14 in Hindi
खूनी, पह फटते ही उठकर दीन दरिद्र मनुष्य को घात करता, और रात को चोर बन जाता है।
Khoonee, pah phatate hee uthakar deen daridr manushy ko ghaat karataa, aur raat ko chor ban jaataa hai.
Job 24:14 in English
- King James Version (KJV)
- The murderer rising with the light killeth the poor and needy, and in the night is as a thief.
- World English Bible (WEB)
- The murderer rises with the light. He kills the poor and needy. In the night he is like a thief.
- American Standard Version (ASV)
- The murderer riseth with the light; He killeth the poor and needy; And in the night he is as a thief.
- Bible in Basic English (BBE)
- He who is purposing death gets up before day, so that he may put to death the poor and those in need.
- Darby Translation (DBY)
- The murderer riseth with the light, killeth the afflicted and needy, and in the night is as a thief.
- Webster's Bible (WBS)
- The murderer rising with the light killeth the poor and needy, and in the night is as a thief.
- Young's Literal Translation (YLT)
- At the light doth the murderer rise, He doth slay the poor and needy, And in the night he is as a thief.
Read in context
- 12वे बड़े नगर में कराहते हैं, और घायल किए हुओं का जी दोहाई देता है; परन्तु ईश्वर मूर्खता का हिसाब नहीं लेता।
- 13फिर कुछ लोग उजियाले से बैर रखते, वे उसके माग को नहीं पहचानते, और न उसके माग में बने रहते हैं।
- 14खूनी, पह फटते ही उठकर दीन दरिद्र मनुष्य को घात करता, और रात को चोर बन जाता है।
- 15व्यभिचारी यह सोचकर कि कोई मुझ को देखने न पाए, दिन डूबने की राह देखता रहता है, और वह अपना मुंह छिपाए भी रखता है।
- 16वे अन्धियारे के समय घरों में सेंध मारते और दिन को छिपे रहते हैं; वे उजियाले को जानते भी नहीं।
Cross references
- Revelation 3:3 प्रकाशितवाक्य 3:3सो चेत कर, कि तु ने किस रीति से शिक्षा प्राप्त की और सुनी थी, और उस में बना रह, और मन फिरा: और यदि तू जागृत न रहेगा, तो मैं चोर की नाई आ जाऊंगा और तू कदापि न जान सकेगा, कि मैं किस घड़ी तुझ पर आ पडूंगा।
- Psalm 10:8–10 भजन संहिता 10:8–10वह गांवों के घतों में बैठा करता है, और गुप्त स्थानों में निर्दोष को घात करता है, उसकी आंखे लाचार की घात में लगी रहती है। जैसा सिंह अपनी झाड़ी में वैसा ही वह भी छिपकर घात में बैठा करता है; वह दीन को पकड़ने के लिये घात लगाए रहता है, वह दीन को अपने जाल में फंसाकर घसीट लाता है, तब उसे पकड़ लेता है।
- 1 Thessalonians 5:2 1 थिस्सलुनीकियों 5:2क्योंकि तुम आप ठीक जानते हो कि जैसा रात को चोर आता है, वैसा ही प्रभु का दिन आनेवाला है।
- Micah 2:1–2 मीका 2:1–2हाय उन पर, जो बिछौनों पर पड़े हुए बुराइयों की कल्पना करते और दुष्ट कर्म की इच्छा करते हैं, और बलवन्त होने के कारण भोर को दिन निकलते ही वे उसको पूरा करते हैं। वे खेतों का लालच करके उन्हें छली लेते हैं, और घरों का लालच करके उन्हें भी ले लेते हैं; और उसके घराने समेत पुरूष पर, और उसके निज भाग समेत किसी पुरूष पर अन्धेर और अत्याचार कहते हैं।
- 2 Samuel 11:14–17 2 शमूएल 11:14–17बिहान को दाऊद ने योआब के नाम पर एक चिट्ठी लिखकर ऊरिरयाह के हाथ से भेजदी। उस चिट्ठी में यह लिखा था, कि सब से घोर युद्ध के साम्हने ऊरिरयाह को रखना, तब उसे छोडकर लौट आबो, कि वह घायल हो कर मर जाए। और योआब ने नगर को अच्छी रीति से देख भालकर जिस स्थान में वह जानता था कि वीर हैं, उसी में ऊरिरयाह को ठहरा दिया। तब नगर के पुरूषों ने निकलकर योआब से युद्ध किया, और लागों में से, अर्थात् दाऊद के सेवकों में से कितने खेत आए; और उन में हित्ती ऊरिरयह भी मर गया।
- Luke 12:39 लूका 12:39परन्तु तुम यह जान रखो, कि यदि घर का स्वामी जानता, कि चोर किस घड़ी आएगा, तो जागता रहता, और अपने घर में सेंघ लगने न देता।
- Ephesians 5:7–11 इफिसियों 5:7–11इसलिये तुम उन के सहभागी न हो। क्योंकि तुम तो पहले अन्धकार थे परन्तु अब प्रभु में ज्योति हो, सो ज्योति की सन्तान की नाई चलो। (क्योंकि ज्योंति का फल सब प्रकार की भलाई, और धार्मिकता, और सत्य है)। और यह परखो, कि प्रभु को क्या भाता है? और अन्धकार के निष्फल कामों में सहभागी न हो, बरन उन पर उलाहना दो।