Job · chapter 24 · verse 12
Job 24:12 in Hindi
वे बड़े नगर में कराहते हैं, और घायल किए हुओं का जी दोहाई देता है; परन्तु ईश्वर मूर्खता का हिसाब नहीं लेता।
Ve bade nagar mem karaahate haim, aur ghaayal kie huom kaa jee dohaaee detaa hai; parantu eeshvar moorkhataa kaa hisaab naheem letaa.
Job 24:12 in English
- King James Version (KJV)
- Men groan from out of the city, and the soul of the wounded crieth out: yet God layeth not folly [to them].
- World English Bible (WEB)
- From out of the populous city, men groan. The soul of the wounded cries out, yet God doesn’t regard the folly.
- American Standard Version (ASV)
- From out of the populous city men groan, And the soul of the wounded crieth out: Yet God regardeth not the folly.
- Bible in Basic English (BBE)
- From the town come sounds of pain from those who are near death, and the soul of the wounded is crying out for help; but God does not take note of their prayer.
- Darby Translation (DBY)
- Men groan from out of the city, and the soul of the wounded crieth out; and God imputeth not the impiety.
- Webster's Bible (WBS)
- Men groan from out of the city, and the soul of the wounded crieth out: yet God layeth not folly [to them] .
- Young's Literal Translation (YLT)
- Because of enmity men do groan, And the soul of pierced ones doth cry, And God doth not give praise.
Read in context
- 10जिस से वे बिना वस्त्रा नंगे फिरते हैं; और भूख के मारे, पूलियां ढोते हैं।
- 11वे उनकी भीतों के भीतर तेल पेरते और उनके कुणडों में दाख रौंदते हुए भी प्यासे रहते हैं।
- 12वे बड़े नगर में कराहते हैं, और घायल किए हुओं का जी दोहाई देता है; परन्तु ईश्वर मूर्खता का हिसाब नहीं लेता।
- 13फिर कुछ लोग उजियाले से बैर रखते, वे उसके माग को नहीं पहचानते, और न उसके माग में बने रहते हैं।
- 14खूनी, पह फटते ही उठकर दीन दरिद्र मनुष्य को घात करता, और रात को चोर बन जाता है।
Cross references
- Ecclesiastes 4:1 सभोपदेशक 4:1तब मैं ने वह सब अन्धेर देखा जो संसार में होता है। और क्या देखा, कि अन्धेर सहनेवालों के आंसू बह रहे हैं, और उनको कोई शान्ति देनेवाला नहीं! अन्धेरे करनेवालों के हाथ में शक्ति थी, परन्तु उनको कोई शान्ति देनेवाला नहीं था।
- Psalm 50:21 भजन संहिता 50:21यह काम तू ने किया, और मैं चुप रहा; इसलिये तू ने समझ लिया कि परमेश्वर बिलकुल मेरे साम्हने है। परन्तु मैं तुझे समझाऊंगा, और तेरी आंखों के साम्हने सब कुछ अलग अलग दिखाऊंगा।।
- Romans 2:4–5 रोमियों 2:4–5क्या तू उस की कृपा, और सहनशीलता, और धीरजरूपी धन को तुच्छ जानता है? और कया यह नहीं समझता, कि परमेश्वर की कृपा तुझे मन फिराव को सिखाती है? पर अपनी कठोरता और हठीले मन के अनुसार उसके क्रोध के दिन के लिये, जिस में परमेश्वर का सच्चा न्याय प्रगट होगा, अपने निमित्त क्रोध कमा रहा है।
- Malachi 3:15 मलाकी 3:15अब से हम अभिमानी लोगों को धन्य कहते हैं; क्योंकि दुराचारी तो सफल बन गए हैं, वरन वे परमेश्वर की परीक्षा करने पर भी बच गए हैं।।
- Malachi 2:17 मलाकी 2:17तुम लोगों ने अपनी बातों से यहोवा को उकता दिया है। तौभी पूछते हो, कि हम ने किस बाते में उसे उकता दिया? इस में, कि तुम कहते हो कि जो कोई बुरा करता है, वह यहोवा की दृष्टि में अच्छा लगता है, और वह ऐसे लोगों से प्रसन्न रहता है, और यह, कि न्यायी परमेश्वर कहां है?
- Ecclesiastes 8:11–12 सभोपदेशक 8:11–12बुरे काम के दण्ड की आज्ञा फुर्ती से नहीं दी जाती; इस कारण मनुष्यों का मन बुरा काम करने की इच्छा से भरा रहता है। चाहे पापी सौ बार पाप करे अपने दिन भी बढ़ाए, तौभी मुझे निश्चय है कि जो परमेश्वर से डरते हैं और अपने तई उसको सम्मुख जानकरद्दीाय से चलते हैं, उनका भला ही होगा;
- Psalm 69:26 भजन संहिता 69:26क्योंकि जिसको तू ने मारा, वे उसके पीछे पड़े हैं, और जिनको तू ने घायल किया, वे उनकी पीड़ा की चर्चा करते हैं।
- Exodus 22:27 निर्गमन 22:27क्योंकि वह उसका एक ही ओढ़ना है, उसकी देह का वही अकेला वस्त्रा होगा फिर वह किसे ओढ़कर सोएगा? तोभी जब वह मेरी दोहाई देगा तब मैं उसकी सुनूंगा, क्योंकि मैं तो करूणामय हूं।।
- Exodus 2:23–24 निर्गमन 2:23–24बहुत दिनों के बीतने पर मि का राजा मर गया। और इस्राएली कठिन सेवा के कारण लम्बी लम्बी सांस लेकर आहें भरने लगे, और पुकार उठे, और उनकी दोहाई जो कठिन सेवा के कारण हुई वह परमेश्वर तक पहुंची। और परमेश्वर ने उनका कराहना सुनकर अपनी वाचा को, जो उस ने इब्राहीम, और इसहाक, और याकूब के साथ बान्धी थी, स्मरण किया।
- Exodus 1:13–14 निर्गमन 1:13–14तौभी मिस्त्रियों ने इस्राएलियों से कठोरता के साथ सेवकाई करवाई। और उनके जीवन को गारे, ईंट और खेती के भांति भांति के काम की कठिन सेवा से दु:खी कर डाला; जिस किसी काम में वे उन से सेवा करवाते थे उस में वे कठोरता का व्यवहार करते थे।
- Job 9:23 अय्यूब 9:23जब लोग विपत्ति से अचानक मरने लगते हैं तब वह निदष लोगों के जांचे जाने पर हंसता है।
- Isaiah 52:5 यशायाह 52:5इसलिये यहोवा की यह वाणी है कि मैं अब यहां क्या करूं जब कि मेरी प्रजा सेंतमेंत हर ली गई है? यहोवा यह भी कहता है कि जो उन पर प्रभुता करते हैं वे उधम मचा रहे हैं, और, मेरे नाम कि निन्दा लगातार दिन भर होती रहती है।