Joel · chapter 3 · verse 18
Joel 3:18 in Hindi
और उस समय पहाड़ों से नया दाखमधु टपकने लगेगा, और टीलों से दूध बहने लगेगा, और यहूदा देश के सब नाले जल से भर जाएंगे; और यहोवा के भवन में से एक सोता फूट निकलेगा, जिस से शित्तीम का नाम नाला सींचा जाएगा।।
Aur us samay pahaadom se nayaa daakhamadhu tapakane lagegaa, aur teelom se doodh bahane lagegaa, aur yahoodaa desh ke sab naale jal se bhar jaaenge; aur yahovaa ke bhavan mem se ek sotaa phoot nikalegaa, jis se shitteem kaa naam naalaa seenchaa jaaegaa..
Joel 3:18 in English
- King James Version (KJV)
- And it shall come to pass in that day, [that] the mountains shall drop down new wine, and the hills shall flow with milk, and all the rivers of Judah shall flow with waters, and a fountain shall come forth of the house of the LORD, and shall water the valley of Shittim.
- World English Bible (WEB)
- It will happen in that day, that the mountains will drop down sweet wine, the hills will flow with milk, all the brooks of Judah will flow with waters; and a fountain will flow out from the LORD’s house, and will water the valley of Shittim.
- American Standard Version (ASV)
- And it shall come to pass in that day, that the mountains shall drop down sweet wine, and the hills shall flow with milk, and all the brooks of Judah shall flow with waters; and a fountain shall come forth from the house of Jehovah, and shall water the valley of Shittim.
- Bible in Basic English (BBE)
- And it will come about in that day that the mountains will be dropping sweet wine, and the hills will be flowing with milk, and all the streams of Judah will be flowing with water; and a fountain will come out from the house of the Lord, watering the valley of acacia-trees.
- Darby Translation (DBY)
- And it shall come to pass in that day, that the mountains shall drop down new wine, and the hills shall flow with milk, and all the water-courses of Judah shall flow with waters; and a fountain shall come forth from the house of Jehovah, and shall water the valley of Shittim.
- Webster's Bible (WBS)
- And it shall come to pass in that day, [that] the mountains shall drop down new wine, and the hills shall flow with milk, and all the rivers of Judah shall flow with waters, and a fountain shall come forth from the house of the LORD, and shall water the valley of Shittim.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And it hath come to pass, in that day, Drop down do the mountains juice, And the hills do flow [with] milk, And all streams of Judah do go [with] water, And a fountain from the house of Jehovah goeth forth, And hath watered the valley of Shittim.
Read in context
- 16और यहोवा सिरयोन से गरजेगा, और यरूशलेम से बड़ा शब्द सुनाएगा; और आकाश और पृथ्वी थरथराएंगे। परन्तु यहोवा अपनी प्रजा के लिये शरणस्थान और इस्राएलियों के लिये गढ़ ठहरेगा।।
- 17इस प्रकार तुम जानोगे कि यहोवा जो अपने पवित्रा पर्वत सिरयोन पर वास किए रहता है, वही हमारा परमेश्वर है। और यरूशलेम पवित्रा ठहरेगा, और परदेशी उस में होकर फिर न जाने पाएंगे।।
- 18और उस समय पहाड़ों से नया दाखमधु टपकने लगेगा, और टीलों से दूध बहने लगेगा, और यहूदा देश के सब नाले जल से भर जाएंगे; और यहोवा के भवन में से एक सोता फूट निकलेगा, जिस से शित्तीम का नाम नाला सींचा जाएगा।।
- 19यहूदियों पर उपद्रव करने के कारण, मि उजाड़ और एदोम उजड़ा हुआ मरूस्थल हो जाएगा, क्योंकि उन्हों ने उनके देश में निर्दोष की हत्या की थी।
- 20परन्तु यहूदा सर्वदा और यरूशलेम पीढ़ी पीढ़ी तब बना रहेगा।
Cross references
- Ezekiel 47:1–12 यहेजकेल 47:1–12फिर वह मुझे भवन के द्वार पर लौटा ले गया; और भवन की डेवढ़ी के नीचे से एक सोता निकलकर पूर्व ओर बह रहा था। भवन का द्वार तो पूर्वमुखी था, और सोता भवन के पूर्व और वेदी के दक्खिन, नीचे से निकलता था। तब वह मुझे उत्तर के फाटक से होकर बाहर ले गया, और बाहर बाहर से घुमाकर बाहरी अर्थात् पूर्वमुखी फाटक के पास पहुंचा दिया; और दक्खिनी अलंग से जल पसीजकर वह रहा था। जब वह पुरूष हाथ में मापने की डोरी लिए हुए पूर्व ओर निकला, तब उस ने भवन से लेकर, हजार हाथ तक उस सोते को मापा, और मुझे जल में से चलाया, और जल टखनों तक था। उस ने फिर हजार हाथ मापकर मुझे जल में से चलाया, और जल घुटनों तक था, फिर ओर हजार हाथ मापकर मुझे जल में से चलाया, और जल कमर तक था। तब फिर उस ने एक हजार हाथ मापे, और ऐसी नदी हो गई जिसके पार मैं न जा सका, क्योंकि जल बढ़कर तैरने के योग्य था; अर्थात् ऐसी नदी थी जिसके पार कोई न जा सकता था। तब उस ने मुझ से पूछा, हे मनुष्य के सन्तान, क्या तू ने यह देखा है? फिर उस ने मुझे नदी के तीर लौटाकर पहुंचा दिया। लौटकर मैं ने क्या देखा, कि नदी के दोनों तीरों पर बहुत से वृक्ष हैं। तब उस ने मुझ से कहा, यह सोता पूव देश की ओर बह रहा है, और अराबा में उतरकर ताल की ओर बहेगा; और यह भवन से निकला हुआ सीधा ताल में मिल जाएगा; और उसका जल मीठा हो जाएगा। और जहां जहां यह नदी बहे, वहां वहां सब प्रकार के बहुत अण्डे देनेवाले जीवजन्तु जीएंगे और मछलियां भी बहुत हो जाएंगी; क्योंकि इस सोते का जल वहां पहुंचा है, और ताल का जल मीठा हो जाएगा; और जहा कहीं यह नदी पहुंचेगी वहां सब जन्तु जीएंगे। ताल के तीर पर मछवे खड़े रहेंगे, और एनगदी से लेकर ऐनेग्लैम तक वे जाल फैलाए जाएंगे, और उन्हें महासागर की सी भांति भांति की अनगिनित मछलियां मिलेंगी। परन्तु ताल के पास जो दलदल ओर गड़हे हैं, उनका जल मीठा न होगा; वे खारे ही रहेंगे। और नदी के दोनों तीरों पर भांति भांति के खाने योग्य फलदाई पृक्ष उपजेंगे, जिनके पत्ते न मुर्झाएंगे और उनका फलना भी कभी बन्द न होगा, क्योंकि नदी का जल पवित्रा स्थान से तिकला है। उन में महीने महीने, नये नये फल लगेंगे। उनके फल तो खाने के, ओर पत्ते औषधि के काम आएंगे।
- Revelation 22:1–2 प्रकाशितवाक्य 22:1–2फिर उस ने मुझे बिल्लौर की सी झलकती हुई, जीवन के जल की एक नदी दिखाई, जो परमेश्वर और मेंम्ने के सिंहासन से निकलकर उस नगर की सड़क के बीचों बीच बहती थी। और नदी के इस पार; और उस पार, जीवन का पेड़ था: उस में बारह प्रकार के फल लगते थे, और वह हर महीने फलता था; और उस पेड़ के पत्तों से जाति जाति के लोग चंगे होते थे।
- Isaiah 35:6 यशायाह 35:6तब लंगड़ा हरिण की सी चौकड़ियां भरेगा और गूंगे अपनी जीभ से जयजयकार करेंगे। क्योंकि जंगल में जल के सोते फूट निकलेंगे और मरूभूमि में नदियां बहने लगेंगीद्ध
- Zechariah 14:8 जकर्याह 14:8उस समय यरूशलेम से बहता हुआ जल फूट निकलेगा उसकी एक शाखा पूरब के ताल और दूसरी पच्छिम के समुद्र की ओर बहेगी, और धूप के दिनों में और जाड़े के दिनों में भी बराबर बहती रहेंगी।।
- Amos 9:13–14 आमोस 9:13–14यहोवा की यह भी वाणी है, देखो, ऐसे दिन आते हैं, कि हल जोतनेवाला लवनेवाले को और दाख रौंदनेवाला बीच बोनेवाले को जा लेगा; और पहाड़ों से नया दाखमधु टपकने लगेगा, और सब पहाड़ियों से बह निकलेगा। मैं अपनी प्रजा इस्राएल के बंधुओं को फेर ले आऊंगा, और वे उजड़े हुए नगरों को सुधारकर उन में बसेंगे; वे दाख की बारियां लगाकर दाखमधु पीएंगे, और बगीचे लगाकर उनके फल खाएंगे।
- Numbers 25:1 गिनती 25:1इस्त्राएली शित्तीम में रहते थे, और लोग मोआबी लड़कियों के संग कुकर्म करने लगे।
- Isaiah 30:25 यशायाह 30:25और उस महासंहार के समय जब गुम्मट गिर पड़ेंगे, सब ऊंचे ऊंचे पहाड़ों और पहाड़ियों पर नालियां और सोते पाए जाएंगे।
- Isaiah 41:17–18 यशायाह 41:17–18जब दी और दरिद्र लोग जल ढूंढ़ने पर भी न पायें और उनका तालू प्यास के मारे सूख जाये; मैं यहोवा उनकी बिनती सुनूंगा, मैं इस्राएल का परमेश्वर उनको त्याग न दूंगां मैं मुण्डे टीलों से भी नदियां और मैदानों के बीच में सोते बहऊंगा; मैं जंगल को ताल और निर्जल देश को सोते ही सोते कर दूंगा।
- Psalm 46:4 भजन संहिता 46:4एक नदी है जिसकी नहरों से परमेश्वर के नगर में अर्थात् परमप्रधान के पवित्रा निवास भवन में आनन्द होता है।
- Job 29:6 अय्यूब 29:6तब मैं अपने पगों को मलाई से धोता था और मेरे पास की चट्टानों से तेल की धाराएं बहा करती थीं।
- Exodus 3:8 निर्गमन 3:8इसलिये अब मैं उतर आया हूं कि उन्हें मिस्त्रियों के वश से छुड़ाऊं, और उस देश से निकालकर एक अच्छे और बड़े देश में जिस में दूध और मधु की धारा बहती है, अर्थात् कनानी, हित्ती, एमोरी, परिज्जी, हिव्वी, और यबूसी लोगों के स्थान में पहुंचाऊं।
- Isaiah 55:12–13 यशायाह 55:12–13क्योंकि तुम आनन्द के साथ निकलोगे, और शान्ति के साथ पहुंचाए जाओगे; तुम्हारे आगे आगे पहाड़ और पहाड़ियां गला खोलकर जयजयकार करेंगी, और मैदान के सब वृक्ष आनन्द के मारे ताली बजाएंगे। तब भटकटैयों की सन्ती सनौवर उगेंगे; और बिच्छु पेड़ों की सन्ती मेंहदी उगेगी; और इस से यहोवा का नाम होगा, जो सदा का चिन्ह होगा और कभी न मिटेगा।
Original words (Hebrew)
- day · H3117יוֹם yôwm
- mountains · H2022הַר har
- down · H5197נָטַף nâṭaph
- wine · H6071עָסִיס ʻâçîyç
- hills · H1389גִּבְעָה gibʻâh
- flow · H3212יָלַךְ yâlak
- milk · H2461חָלָב châlâb
- rivers · H650אָפִיק ʼâphîyq
- Judah · H3063יְהוּדָה Yᵉhûwdâh
- flow · H3212יָלַךְ yâlak
- waters · H4325מַיִם mayim
- fountain · H4599מַעְיָן maʻyân
- forth · H3318יָצָא yâtsâʼ
- house · H1004בַּיִת bayith
- water · H8248שָׁקָה shâqâh
- valley · H5158נַחַל nachal
- Shittim · H7851שִׁטִּים Shiṭṭîym