John · chapter 15 · verse 4
John 15:4 in Hindi
तुम मुझ में बने रहो, और मैं तुम में: जैसे डाली यदि दाखलता में बनी न रहे, तो अपने आप से नहीं फल सकती, वैसे ही तुम भी यदि मुझ में बने न रहो तो नहीं फल सकते।
Tum mujh mem bane raho, aur maim tum mem: jaise daalee yadi daakhalataa mem banee na rahe, to apane aap se naheem phal sakatee, vaise hee tum bhee yadi mujh mem bane na raho to naheem phal sakate.
John 15:4 in English
- King James Version (KJV)
- Abide in me, and I in you. As the branch cannot bear fruit of itself, except it abide in the vine; no more can ye, except ye abide in me.
- World English Bible (WEB)
- Remain in me, and I in you. As the branch can’t bear fruit by itself unless it remains in the vine, so neither can you, unless you remain in me.
- American Standard Version (ASV)
- Abide in me, and I in you. As the branch cannot bear fruit of itself, except it abide in the vine; so neither can ye, except ye abide in me.
- Bible in Basic English (BBE)
- Be in me at all times as I am in you. As the branch is not able to give fruit of itself, if it is not still on the vine, so you are not able to do so if you are not in me.
- Darby Translation (DBY)
- Abide in me and I in you. As the branch cannot bear fruit of itself unless it abide in the vine, thus neither [can] ye unless ye abide in me.
- Webster's Bible (WBS)
- Abide in me, and I in you. As the branch cannot bear fruit of itself, except it abide in the vine: no more can ye, except ye abide in me.
- Young's Literal Translation (YLT)
- remain in me, and I in you, as the branch is not able to bear fruit of itself, if it may not remain in the vine, so neither ye, if ye may not remain in me.
Read in context
- 2जो डाली मुझ में है, और नहीं फलती, उसे वह काट डालता है, और जो फलती है, उसे वह छांटता है ताकि और फले।
- 3तुम तो उस वचन के कारण जो मैं ने तुम से कहा है, शुद्ध हो।
- 4तुम मुझ में बने रहो, और मैं तुम में: जैसे डाली यदि दाखलता में बनी न रहे, तो अपने आप से नहीं फल सकती, वैसे ही तुम भी यदि मुझ में बने न रहो तो नहीं फल सकते।
- 5में दाखलता हूं: तुम डालियां हो; जो मुझ में बना रहता है, और मैं उस में, वह बहुत फल फलता है, क्योंकि मुझ से अलग होकर तुम कुछ भी नहीं कर सकते।
- 6यदि कोई मुझ में बना न रहे, तो वह डाली की नाई फेंक दिया जाता, और सूख जाता है; और लोग उन्हें बटोरकर आग में झोंक देते हैं, और वे जल जाती हैं।
Cross references
- 1 John 2:6 1 यूहन्ना 2:6सो कोई यह कहता है, कि मैं उस में बना रहता हूं, उसे चाहिए कि आप भी वैसा ही चले जैसा वह चलता था।
- Galatians 2:20 गलातियों 2:20मैं मसीह के साथ क्रूस पर चढ़ाया गया हूं, और अब मैं जीवित न रहा, पर मसीह मुझ में जीवित है: और मैं शरीर में अब जो जीवित हूं तो केवल उस विश्वास से जीवित हूं, जो परमेश्वर के पुत्रा पर है, जिस ने मुझ से प्रेम किया, और मेरे लिये अपने आप को दे दिया।
- John 8:31 यूहन्ना 8:31तब यीशु ने उन यहूदियों से जिन्हों ने उन की प्रतीति की थी, कहा, यदि तुम मेरे वचन में बने रहोगे, तो सचमुच मेरे चेले ठहरोगे।
- 2 John 1:9 2 यूहन्ना 1:9जो कोई आगे बढ़ जाता है, और मसीह की शिक्षा में बना नहीं रहता, उसके पास परमेश्वर नहीं: जो कोई उस की शिक्षा में स्थिर रहता है, उसके पास पिता भी है, और पुत्रा भी।
- John 6:56 यूहन्ना 6:56जो मेरा मांस खाता और मेरा लोहू पीता है, वह मुझ में स्थिर बना रहता है, और मैं उस में।
- John 15:5–7 यूहन्ना 15:5–7में दाखलता हूं: तुम डालियां हो; जो मुझ में बना रहता है, और मैं उस में, वह बहुत फल फलता है, क्योंकि मुझ से अलग होकर तुम कुछ भी नहीं कर सकते। यदि कोई मुझ में बना न रहे, तो वह डाली की नाई फेंक दिया जाता, और सूख जाता है; और लोग उन्हें बटोरकर आग में झोंक देते हैं, और वे जल जाती हैं। यदि तुम मुझ में बने रहो, और मेरी बातें तुम में बनी रहें तो जो चाहो मांगो और वह तुम्हारे लिये हो जाएगा।
- Philippians 1:11 फिलिप्पियों 1:11और उस धार्मिकता के फल से जो यीशु मसीह के द्वारा होते हैं, भरपूर होते जाओ जिस से परमेश्वर की महिमा और स्तुति होती रहे।।
- 1 John 2:24–28 1 यूहन्ना 2:24–28जो कुछ तुम ने आरम्भ से सुना है वही तुम में बना रहे: जो तुम ने आरम्भ से सुना है, यदि वह तुम में बना रहे, तो तुम भी पुत्रा में, और पिता में बने रहोगे। और जिस की उस ने हम से प्रतिज्ञा की वह अनन्त जीवन है। मैं ने ये बातें तुम्हें उस के विषय में लिखी हैं, जो तुम्हें भरमाते हैं। और तुम्हारा वह अभिषेक, जो उस की ओर से किया गया, तुम में बना रहता है; और तुम्हें इस का प्रयोजन नही, कि कोई तुम्हें सिखाए, बरन जैसे वह अभिषेक जो उस की ओर से किया गया तुम्हें सब बातें सिखाता है, और यह सच्चा है, और झूठा नहीं: और जैसा उस ने तुम्हें सिखाया है वैसे ही तुम उस में बने रहते हो। निदान, हे बालको, उस में बने रहो; कि जब वह प्रगट हो, तो हमें हियाव हो, और हम उसके आने पर उसके साम्हने लज्जित न हों।
- John 14:20 यूहन्ना 14:20उस दिन तुम जानोगे, कि मैं अपने पिता में हूं, और तुम मुझ में, और मैं तुम में।
- Luke 8:15 लूका 8:15पर अच्छी भूमि में के वे हैं, जो वचन सुनकर भले और उत्तम मन में सम्भाले रहते हैं, और धीरज से फल लाते हैं॥
- 2 Corinthians 13:5 2 कुरिन्थियों 13:5अपने प्राण को परखो, कि विश्वास में हो कि नहीं; अपने आप को जांचो, क्या तुम अपने विषय में यह नहीं जानते, कि यीशु मसीह तुम में है? नहीं तो तुम निकम्मे निकले हो।
- Colossians 2:6 कुलुस्सियों 2:6सो जैसे तुम ने मसीह यीशु को प्रभु करके ग्रहण कर लिया है, वैसे ही उसी में चलते रहो।