John · chapter 15 · verse 2
John 15:2 in Hindi
जो डाली मुझ में है, और नहीं फलती, उसे वह काट डालता है, और जो फलती है, उसे वह छांटता है ताकि और फले।
Jo daalee mujh mem hai, aur naheem phalatee, use vah kaat daalataa hai, aur jo phalatee hai, use vah chhaantataa hai taaki aur phale.
John 15:2 in English
- King James Version (KJV)
- Every branch in me that beareth not fruit he taketh away: and every [branch] that beareth fruit, he purgeth it, that it may bring forth more fruit.
- World English Bible (WEB)
- Every branch in me that doesn’t bear fruit, he takes away. Every branch that bears fruit, he prunes, that it may bear more fruit.
- American Standard Version (ASV)
- Every branch in me that beareth not fruit, he taketh it away: and every [branch] that beareth fruit, he cleanseth it, that it may bear more fruit.
- Bible in Basic English (BBE)
- He takes away every branch in me which has no fruit, and every branch which has fruit he makes clean, so that it may have more fruit.
- Darby Translation (DBY)
- [As to] every branch in me not bearing fruit, he takes it away; and [as to] every one bearing fruit, he purges it that it may bring forth more fruit.
- Webster's Bible (WBS)
- Every branch in me that beareth not fruit, he taketh away; and every [branch] that beareth fruit, he cleaneth it, that it my bring forth more fruit.
- Young's Literal Translation (YLT)
- every branch in me not bearing fruit, He doth take it away, and every one bearing fruit, He doth cleanse by pruning it, that it may bear more fruit;
Read in context
- 1सच्ची दाखलता मैं हूं; और मेरा पिता किसान है।
- 2जो डाली मुझ में है, और नहीं फलती, उसे वह काट डालता है, और जो फलती है, उसे वह छांटता है ताकि और फले।
- 3तुम तो उस वचन के कारण जो मैं ने तुम से कहा है, शुद्ध हो।
- 4तुम मुझ में बने रहो, और मैं तुम में: जैसे डाली यदि दाखलता में बनी न रहे, तो अपने आप से नहीं फल सकती, वैसे ही तुम भी यदि मुझ में बने न रहो तो नहीं फल सकते।
Cross references
- Matthew 3:10 मत्ती 3:10और अब कुल्हाड़ा पेड़ों की जड़ पर रखा हुआ है, इसलिये जो जो पेड़ अच्छा फल नहीं लाता, वह काटा और आग में झोंका जाता है।
- Hebrews 12:10–11 इब्रानियों 12:10–11वे तो अपनी अपनी समझ के अनुसार थोड़े दिनों के लिये ताड़ना करते थे, पर यह तो हमारे लाभ के लिये करता है, कि हम भी उस की पवित्राता के भागी हो जाएं। और वर्तमान में हर प्रकार की ताड़ना आनन्द की नहीं, पर शोक ही की बात दिखाई पड़ती है, तौभी जो उस को सहते सहते पक्के हो गए हैं, पीछे उन्हें चैन के साथ धर्म का प्रतिफल मिलता है।
- Matthew 15:13 मत्ती 15:13उस ने उत्तर दिया, हर पौधा जो मेरे स्वर्गीय पिता ने नहीं लगाया, उखाड़ा जाएगा।
- Revelation 3:19 प्रकाशितवाक्य 3:19मैं जिन जिन से प्रीति रखता हूं, उन सब को उलाहना और ताड़ना देता हूं, इसलिये सरगर्म हो, और मन फिरा।
- John 15:8 यूहन्ना 15:8मेरे पिता की महिमा इसी से होती है, कि तुम बहुत सा फल लाओ, तब ही तुम मेरे चेले ठहरोगे।
- Luke 13:7–9 लूका 13:7–9तब उस ने बारी के रखवाले से कहा, देख तीन वर्ष से मैं इस अंजीर के पेड़ में फल ढूंढ़ने आता हूं, परन्तु नहीं पाता, इसे काट डाल कि यह भूमि को भी क्यों रोके रहे। उस ने उस को उत्तर दिया, कि हे स्वामी, इसे इस वर्ष तो और रहने दे; कि मैं इस के चारो ओर खोदकर खाद डालूं। सो आगे को फले तो भला, नहीं तो उसे काट डालना।
- Hebrews 6:7–8 इब्रानियों 6:7–8क्योंकि जो भूमि वर्षा के पानी को जो उस पर बार बार पड़ता है, पी पीकर जिन लोगों के लिये वह जोती- बोई जाती है, उन के काम का साग- पात उपजाती है, वह परमेश्वर से आशीष पाती है। पर यदि वह झाड़ी और ऊंटकटारे उगाती है, तो निकम्मी और स्रापित होने पर है, और उसका अन्त जलाया जाना है।।
- Matthew 13:12 मत्ती 13:12क्योंकि जिस के पास है, उसे दिया जाएगा; और उसके पास बहुत हो जाएगा; पर जिस के पास कुछ नहीं है, उस से जो कुछ उसके पास है, वह भी ले लिया जाएगा।
- 1 Thessalonians 5:23–24 1 थिस्सलुनीकियों 5:23–24शान्ति का परमेश्वर आप ही तुम्हें पूरी रीति से पवित्रा करे; और तुम्हारी आत्मा और प्राण और देह हमारे प्रभु यीशु मसीह के आने तक पूरे पूरे और निर्दोष सुरक्षित रहें। तुम्हारा बुलानेवाला सच्चा है, और वह ऐसा ही करेगा।।
- Matthew 3:12 मत्ती 3:12उसका सूप उस के हाथ में है, और वह अपना खलिहान अच्छी रीति से साफ करेगा, और अपने गेहूं को तो खत्ते में इकट्ठा करेगा, परन्तु भूसी को उस आग में जलाएगा जो बुझने की नहीं।।
- Philippians 1:9–11 फिलिप्पियों 1:9–11और मैं यह प्रार्थना करता हूं, कि तुम्हारा प्रेम, ज्ञान और सब प्रकार के विवेक सहित और भी बढ़ता जाए। यहां तक कि तुम उत्तम से उत्तम बातों को प्रिय जानो, और मसीह के दिन तक सच्चे बने रहो; और ठोकर न खाओ। और उस धार्मिकता के फल से जो यीशु मसीह के द्वारा होते हैं, भरपूर होते जाओ जिस से परमेश्वर की महिमा और स्तुति होती रहे।।
- Galatians 5:22–23 गलातियों 5:22–23पर आत्मा का फल प्रेम, आनन्द, मेल, धीरज, और कृपा, भालाई, विश्वास, नम्रता, और संयम हैं; ऐसे ऐसे कामों के विरोध में कोई व्यवस्था नहीं।