John · chapter 16 · verse 22
John 16:22 in Hindi
और तुम्हें भी अब तो शोक है, परन्तु मैं तुम से फिर मिलूंगा और तुम्हारे मन में आनन्द होगा; और तुम्हारा आनन्द कोई तुम से छीन न लेगा।
Aur tumhem bhee ab to shok hai, parantu maim tum se phir miloongaa aur tumhaare man mem aanand hogaa; aur tumhaaraa aanand koee tum se chheen na legaa.
John 16:22 in English
- King James Version (KJV)
- And ye now therefore have sorrow: but I will see you again, and your heart shall rejoice, and your joy no man taketh from you.
- World English Bible (WEB)
- Therefore you now have sorrow, but I will see you again, and your heart will rejoice, and no one will take your joy away from you.
- American Standard Version (ASV)
- And ye therefore now have sorrow: but I will see you again, and your heart shall rejoice, and your joy no one taketh away from you.
- Bible in Basic English (BBE)
- So you have sorrow now: but I will see you again, and your hearts will be glad, and no one will take away your joy.
- Darby Translation (DBY)
- And ye now therefore have grief; but I will see you again, and your heart shall rejoice, and your joy no one takes from you.
- Webster's Bible (WBS)
- And ye now therefore have sorrow: but I will see you again, and your heart shall rejoice, and your joy no man taketh from you.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'And ye, therefore, now, indeed, have sorrow; and again I will see you, and your heart shall rejoice, and your joy no one doth take from you,
Read in context
- 20मैं तुम से सच सच कहता हूं; कि तुम रोओगे और विलाप करोगे, परन्तु संसार आनन्द करेगा: तुम्हें शोक होगा, परन्तु तुम्हारा शोक आनन्द बन जाएगा।
- 21जब स्त्री जनने लगती है तो उस को शोक होता है, क्योंकि उस की दु:ख की घड़ी आ पहुंची, परन्तु जब वह बालक जन्म चुकी तो इस आनन्द से कि जगत में एक मनुष्य उत्पन्न हुआ, उस संकट को फिर स्मरण नहीं करती।
- 22और तुम्हें भी अब तो शोक है, परन्तु मैं तुम से फिर मिलूंगा और तुम्हारे मन में आनन्द होगा; और तुम्हारा आनन्द कोई तुम से छीन न लेगा।
- 23उस दिन तुम मुझ से कुछ न पूछोगे: मैं तुम से सच सच कहता हूं, यदि पिता से कुछ मांगोगे, तो वह मेरे नाम से तुम्हें देगा।
- 24अब तक तुम ने मेरे नाम से कुछ नहीं मांगा; मांगो तो पाओगे ताकि तुम्हारा आनन्द पूरा हो जाए।।
Cross references
- 1 Peter 1:8 1 पतरस 1:8उस से तुम बिन देखे प्रेम रखते हो, और अब तो उस पर बिन देखे भी विश्वास करके ऐसे आनन्दित और मगन होते हो, जो वर्णन से बाहर और महिमा से भरा हुआ है।
- Acts 13:52 प्रेरितों के काम 13:52और चेले आनन्द से और पवित्रा आत्मा से परिपूर्ण होते रहे।।
- John 16:6 यूहन्ना 16:6परन्तु मैं ने जो ये बातें तुम से कही हैं, इसलिये तुम्हारा मन शोक से भर गया।
- 2 Thessalonians 2:16 2 थिस्सलुनीकियों 2:16हमारा प्रभु यीशु मसीह आप ही, और हमारा पिता परमेश्वर जिस ने हम से प्रेम रखा, और अनुग्रह से अनन्त शान्ति और उत्तम आशा दी है।
- Psalm 146:2 भजन संहिता 146:2मैं जीवन भर यहोवा की स्तुति करता रहूंगा; जब तक मैं बना रहूंगा, तब तक मैं अपने परमेश्वर का भजन गाता रहूंगा।।
- Isaiah 25:9 यशायाह 25:9और उस समय यह कहा जाएगा, देखो, हमारा परमेश्वर यही है; हम इसी की बाट जोहते आए हैं, कि वह हमारा उद्धार करे। यहोवा यही है; हम उसकी बाट जोहते आए हैं। हम उस से उद्धार पाकर मगन और आनन्दित होंगे।
- 1 Peter 4:13–14 1 पतरस 4:13–14पर जैसे जैसे मसीह के दुखों में सहभागी होते हो, आनन्द करो, जिस से उसकी महिमा के प्रगट होते समय भी तुम आनन्दित और मगन हो। फिर यदि मसीह के नाम के लिये तुम्हारी निन्दा की जाती है, तो धन्य हो; क्योंकि महिमा का आत्मा, जो परमेश्वर का आत्मा है, तुम पर छाया करता है।
- Acts 16:25 प्रेरितों के काम 16:25आधी रात के लगभग पौलुस और सीलास प्रार्थना करते हुए परमेश्वर के भजन गा रहे थे, और बन्धुए उन की सुन रहे थे।
- Acts 2:46 प्रेरितों के काम 2:46और वे प्रति दिन एक मन होकर मन्दिर में इकट्ठे होते थे, और घर घर रोटी तोड़ते हुए आनन्द और मन की सीधाई से भोजन किया करते थे।
- Habakkuk 3:17–18 हबक्कूक 3:17–18क्योंकि चाहे अंजीर के वृक्षों में फूल न लगें, और न दाखलताओं में फल लगें, जलपाई के वृक्ष से केवल धोखा पाया जाए और खेतों में अन्न न उपजे, भेड़शालाओं में भेड़- बकरियां न रहें, और न थानों में गाय बैल हों, तौभी मैं यहोवा के कारण आनन्दित और मगन रहूंगा, और अपने उद्धारकर्त्ता परमेश्वर के द्वारा अति प्रसन्न रहूंगा।।
- Isaiah 12:2–4 यशायाह 12:2–4परमेश्वर मेरा उद्धार है, मैं भरोसा रखूंगा और न थरथराऊंगा; क्योंकि प्रभु यहोवा मेरा बल और मेरे भजन का विषय है, और वह मेरा उद्धारकर्ता हो गया है।। तुम आनन्दपूर्वक उद्धार के सोतों से जल भरोगे। और उस दिन तुम कहोगे, यहोवा की स्तुति करो, उस से प्रार्थना करो; सब जातियों में उसके बड़े कामों का प्रचार करो, और कहो कि उसका नाम महान है।।
- Romans 8:35–39 रोमियों 8:35–39कौन हम को मसीह के प्रेम से अलग करेगा? क्या क्लेश, या संकट, या उपद्रव, या अकाल, या नंगाई, या जोखिम, या तलवार? जैसा लिखा है, कि तेरे लिये हम दिन भर घात किए जाते हैं; हम वध होनेवाली भेंडों की नाई गिने गए हैं। परन्तु इन सब बातों में हम उसके द्वारा जिस ने हम से प्रेम किया है, जयवन्त से भी बढ़कर हैं। क्योंकि मैं निश्चय जानता हूं, कि न मृत्यु, न जीवन, न स्वर्गदूत, न प्रधानताएं, न वर्तमान, न भविष्य, न सामर्थ, न ऊंचाई, न गहिराई और न कोई और सृष्टि, हमें परमेश्वर के प्रेम से, जो हमारे प्रभु मसीह यीशु में है, अलग कर सकेगी।।