Joshua · chapter 24 · verse 17
Joshua 24:17 in Hindi
क्योंकि हमारा परमेश्वर यहोवा वही है जो हम को और हमारे पुरखाओं को दासत्व के घर, अर्थात् मि देश से निकाल ले आया, और हमारे देखते बड़े बड़े आश्चर्य कर्म किए, और जिस मार्ग पर और जितनी जातियों के मध्य में से हम चले आते थे उन में हमारी रक्षा की;
Kyonki hamaaraa parameshvar yahovaa vahee hai jo ham ko aur hamaare purakhaaom ko daasatv ke ghar, arthaat mi desh se nikaal le aayaa, aur hamaare dekhate bade bade aashchary karm kie, aur jis maarg par aur jitanee jaatiyom ke madhy mem se ham chale aate the un mem hamaaree rakshaa kee;
Joshua 24:17 in English
- King James Version (KJV)
- For the LORD our God, he [it is] that brought us up and our fathers out of the land of Egypt, from the house of bondage, and which did those great signs in our sight, and preserved us in all the way wherein we went, and among all the people through whom we passed:
- World English Bible (WEB)
- for it is the LORD our God who brought us and our fathers up out of the land of Egypt, from the house of bondage, and who did those great signs in our sight, and preserved us in all the way in which we went, and among all the peoples through the middle of whom we passed.
- American Standard Version (ASV)
- for Jehovah our God, he it is that brought us and our fathers up out of the land of Egypt, from the house of bondage, and that did those great signs in our sight, and preserved us in all the way wherein we went, and among all the peoples through the midst of whom we passed;
- Bible in Basic English (BBE)
- For it is the Lord our God who has taken us and our fathers out of the land of Egypt, out of the prison-house, and who did all those great signs before our eyes, and kept us safe on all our journeys, and among all the peoples through whom we went:
- Darby Translation (DBY)
- for Jehovah our God, he it is that brought us up and our fathers out of the land of Egypt, from the house of bondage, and who did those great signs before our eyes, and preserved us in all the way wherein we went, and among all the peoples through whom we passed!
- Webster's Bible (WBS)
- For the LORD our God, he [it is] that brought us, and our fathers, out of the land of Egypt, from the house of bondage, and who did those great signs in our sight, and preserved us in all the way in which we went, and among all the people through whom we passed:
- Young's Literal Translation (YLT)
- for Jehovah our God [is] He who is bringing us and our fathers up out of the land of Egypt, out of a house of servants, and who hath done before our eyes these great signs, and doth keep us in all the way in which we have gone, and among all the peoples through whose midst we passed;
Read in context
- 15और यदि यहोवा की सेवा करनी तुम्हें बुरी लगे, तो आज चुन लो कि तुम किस की सेवा करोगे, चाहे उन देवताओं की जिनकी सेवा तुम्हारे पुरखा महानद के उस पार करते थे, और चाहे एमोरियों के देवताओं की सेवा करो जिनके देश में तुम रहते हो; परन्तु मैं तो अपने घराने समेत यहोवा की सेवा नित करूंगा।
- 16तब लोगों ने उत्तर दिया, यहोवा को त्यागकर दूसरे देवताओं की सेवा करनी हम से दूर रहे;
- 17क्योंकि हमारा परमेश्वर यहोवा वही है जो हम को और हमारे पुरखाओं को दासत्व के घर, अर्थात् मि देश से निकाल ले आया, और हमारे देखते बड़े बड़े आश्चर्य कर्म किए, और जिस मार्ग पर और जितनी जातियों के मध्य में से हम चले आते थे उन में हमारी रक्षा की;
- 18और हमारे साम्हने से इस देश में रहनेवाली एमोरी आदि सब जातियों को निकाल दिया है; इसलिये हम भी यहोवा की सेवा करेंगे, क्योंकि हमारा परमेश्वर वही है।
- 19यहोशू ने लोगों से कहा, तुम से यहोवा की सेवा नहीं हो सकती; क्योंकि वह पवित्रा परमेश्वर है; वह जलन रखनेवाला ईश्वर है; वह तुम्हारे अपराध और पाप क्षमा न करेगा।
Cross references
- Exodus 19:4 निर्गमन 19:4कि तुम ने देखा है कि मै ने मिस्त्रियों से क्या क्या किया; तुम को मानो उकाब पक्षी के पंखों पर चढ़ाकर अपने पास ले आया हूं।
- Isaiah 63:7–14 यशायाह 63:7–14जितना उपकार यहोवा ने हम लोगों का किया अर्थात् इस्राएल के घराने पर दया और अत्यन्त करूणा करके उस ने हम से जितनी भलाई, कि उस सब के अनुसार मैं यहोवा के करूणामय कामों का वर्णन और उसका गुणानुवाद करूंगा। क्योंकि उस ने कहा, निस्न्देह ये मेरी प्रजा के लोग हैं, ऐसे लड़के हैं जो धोखा नदेंगे; और वह उनका उद्धारकर्ता हो गया। उनके सारे संकट में उस ने भी कष्ट उठाया, और उसके सम्मुख रहनेवाले दूत ने उनका उद्धार किया; प्रेम और कोमलता से उस ने आप की उनको छुड़ाया; उस ने उन्हें उठाया और प्राचीनकाल से सदा उन्हें लिए फिरा। तौभी उन्हों ने बलवा किया और उसके पवित्रा आत्मा को खेदित किया; इस कारण वह पलटकर उनका शत्रु हो गया, और स्वयं उन से लड़ने लगा। तब उसके लोगों को उनके प्राचीन दिन अर्थात् मूसा के दिन स्मरण आए, वे कहने लगे कि जो अपनी भेड़ों को उनके चरवाहे समेत समुद्र में से निकाल लाया वह कहां है? जिस ने उनके बीच अपना पवित्रा आत्मा डाला, वह कहां है? जिस ने अपने प्रतापी भुजबल को मूसा के दहिने हाथ के साथ कर दिया, जिस ने उनके साम्हने जल को दो भाग करके अपना सदा का नाम कर लिया, जो उनको गहिरे समुद्र में से ले चला; जैसा घोड़े को जंगल में वैसे ही उनको भी ठोकर न लगी, वह कहां है? जैसे घरैलू पशु तराई में उतर जाता है, वेैसे ही यहोवा के आत्मा न उनको विश्राम दिया। इसी प्रकार से तू ने अपनी प्रजा की अगुवाई की ताकि अपना नाम महिमायुक्त बनाए।।
- Deuteronomy 32:11–12 व्यवस्थाविवरण 32:11–12जैसे उकाब अपने घोंसले को हिला हिलाकर अपने बच्चों के ऊपर ऊपर मण्डलाता है, वैसे ही उस ने अपने पंख फैलाकर उसको अपने परों पर उठा लिया।। यहोवा अकेला ही उसकी अगुवाई करता रहा, और उसके संग कोई पराया देवता न था।।
- Isaiah 46:4 यशायाह 46:4तुम्हारे बुढ़ापे में भी मैं वैसा ही बना रहूंगा और तुम्हारे बाल पकने के समय तक तुम्हें उठाए रहूंगा। मैं ने तुम्हें बनाया और तुम्हें लिए फिरता रहूंगा;
- Amos 2:9–10 आमोस 2:9–10मैं ने उनके साम्हने से एमोरियों को नाश किया था, जिनकी लम्बाई देवदारों की सी, और जिनका बल बांज वृक्षों का सा था; तौभी मैं ने ऊपर से उसके फल, और नीचे से उसकी जड़ नाश की। और मैं तुम को मि देश से निकाल लाया, और जंगल में चालीस वर्ष तक लिए फिरता रहा, कि तुम एमोरियों के देश के अधिकारी हो जाओ।
- Joshua 24:5–14 यहोशू 24:5–14फिर मैं ने मूसा और हारून को भेजकर उन सब कामों के द्वारा जो मैं ने मि में किए उस देश को मारा; और उसके बाद तुम को निकाल लाया। और मैं तुम्हारे पुरखाओं को मि में से निकाल लाया, और तुम समुद्र के पास पहुंचे; और मिस्त्रियों ने रथ और सवारों को संग लेकर लाल समुद्र तक तुम्हारा पीछा किया। और जब तुम ने यहोवा की दोहाई दी तब उस ने तुम्हारे और मिस्त्रियों के बीच में अन्धियारा कर दिया, और उन पर समुद्र को बहाकर उनको डुबा दिया; और जो कुछ मैं ने मि में किया उसे तुम लोगों ने अपनी आंखों से देखा; फिर तुम बहुत दिन तक जंगल में रहे। तब मैं तुम को उन एमोरियों के देश में ले आया, जो यरदन के उस पार बसे थे; और वे तुम से लड़े और मैं ने उन्हें तुम्हारे वश में कर दिया, और तुम उनके देश के अधिकारी हो गए, और मैं ने उनको तुम्हारे साम्हने से सत्यानाश कर डाला। फिर मोआब के राजा सिप्पोर का पुत्रा बालाक उठकर इस्राएल से लड़ा; और तुम्हें शाप देने के लिये बोर के पुत्रा बिलाम को बुलवा भेजा, परन्तु मैं ने बिलाम की सुनने के लिये नाहीं की; वह तुम को आशीष ही आशीष देता गया; इस प्रकार मैं ने तुम को उसके हाथ से बचाया। तब तुम यरदन पार होकर यरीहो के पास आए, और जब यरीहो के लोग, और एमोरी, परिज्जी, कनानी, हित्ती, गिर्गाशी, हिब्बी, और यबूसी तुम से लड़े, तब मैं ने उन्हें तुम्हारे वश में कर दिया। और मैं ने तुम्हारे आगे बर्रों को भेजा, और उन्हों ने एमोरियों के दोनों राजाओं को तुम्हारे साम्हने से भगा दिया; देखो, यह तुम्हारी तलवार वा धनुष का काम नहीं हुआ। फिर मैं ने तुम्हें ऐसा देश दिया जिस में तुम ने परिश्रम न किया था, और ऐसे नगर भी दिए हैं जिन्हें तुम ने न बसाया था, और तुम उन में बसे हो; और जिन दाख और जलपाई के बगीचों के फल तुम खाते हो उन्हें तुम ने नहीं लगाया था। इसलिये अब यहोवा का भय मानकर उसकी सेवा खराई और सच्चाई से करो; और जिन देवताओं की सेवा तुम्हारे पुरखा महानद के उस पार और मि में करते थे, उन्हें दूर करके यहोवा की सेवा करो।
Original words (Hebrew)
- God · H430אֱלֹהִים ʼĕlôhîym
- up · H5927עָלָה ʻâlâh
- fathers · H1אָב ʼâb
- land · H776אֶרֶץ ʼerets
- Egypt · H4714מִצְרַיִם Mitsrayim
- house · H1004בַּיִת bayith
- bondage · H5650עֶבֶד ʻebed
- did · H6213עָשָׂה ʻâsâh
- great · H1419גָּדוֹל gâdôwl
- signs · H226אוֹת ʼôwth
- sight · H5869עַיִן ʻayin
- preserved · H8104שָׁמַר shâmar
- way · H1870דֶּרֶךְ derek
- went · H1980הָלַךְ hâlak
- people · H5971עַם ʻam
- through · H7130קֶרֶב qereb
- passed · H5674עָבַר ʻâbar