Jude · chapter 1 · verse 5
Jude 1:5 in Hindi
पर यद्यपि तुम सब बात एक बार जान चुके हो, तौभी मैं तुम्हें इस बात की सुधि दिलाना चाहता हूं, कि प्रभु ने एक कुल को मि देश से छुड़ाने के बाद विश्वास न लानेवालों को नाश कर दिया।
Par yadyapi tum sab baat ek baar jaan chuke ho, taubhee maim tumhem is baat kee sudhi dilaanaa chaahataa hoom, ki prabhu ne ek kul ko mi desh se chhudaane ke baad vishvaas na laanevaalom ko naash kar diyaa.
Jude 1:5 in English
- King James Version (KJV)
- I will therefore put you in remembrance, though ye once knew this, how that the Lord, having saved the people out of the land of Egypt, afterward destroyed them that believed not.
- World English Bible (WEB)
- Now I desire to remind you, though you already know this, that the Lord, having saved a people out of the land of Egypt, afterward destroyed those who didn’t believe.
- American Standard Version (ASV)
- Now I desire to put you in remembrance, though ye know all things once for all, that the Lord, having saved a people out of the land of Egypt, afterward destroyed them that believed not.
- Bible in Basic English (BBE)
- Now it is my purpose to put you in mind, though you once had knowledge of all these things, of how the Lord, having taken a people safely out of Egypt, later sent destruction on those who had no faith;
- Darby Translation (DBY)
- But I would put you in remembrance, you who once knew all things, that the Lord, having saved a people out of [the] land of Egypt, in the second place destroyed those who had not believed.
- Webster's Bible (WBS)
- I will therefore put you in remembrance, though ye once knew this, that the Lord, having saved the people out of the land of Egypt, afterward destroyed them that believed not.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and to remind you I intend, you knowing once this, that the Lord, a people out of the land of Egypt having saved, again those who did not believe did destroy;
Read in context
- 3हे प्रियो, जब मैं तुम्हें उस उद्धार के विषय में लिखने में अत्यन्त परिश्रम से प्रयत्न कर रहा था, जिस में हम सब सहभागी हैं; तो मैं ने तुम्हें यह समझाना आवश्यक जाना कि उस विश्वास के लिये पूरा यत्न करो जो पवित्रा लोगों को एक ही बार सौंपा गया था।
- 4क्योंकि कितने ऐसे मनुष्य चुपके से हम में आ मिले हैं, जिन से इस दण्ड का वर्णन पुराने समय में पहिले ही से लिखा गया था: ये भक्तिहीन हैं, और हमारे परमेश्वर के अनुग्रह को लुचपन में बदल डालते है, और हमारे अद्वैत स्वामी और प्रभु यीशु मसीह का इन्कार करते हैं।।
- 5पर यद्यपि तुम सब बात एक बार जान चुके हो, तौभी मैं तुम्हें इस बात की सुधि दिलाना चाहता हूं, कि प्रभु ने एक कुल को मि देश से छुड़ाने के बाद विश्वास न लानेवालों को नाश कर दिया।
- 6फिर जो र्स्वगदूतों ने अपने पद को स्थिर न रखा वरन अपने निज निवास को छोड़ दिया, उस ने उन को भी उस भीषण दिन के न्याय के लिये अन्धकार में जो सदा काल के लिये है बन्धनों में रखा है।
- 7जिस रीति से सदोम और अमोरा और उन के आस पास के नगर, जो इन की नाई व्यभिचारी हो गए थे और पराये शरीर के पीछे लग गए थे आग के अनन्त दण्ड में पड़कर दृष्टान्त ठहरे हैं।
Cross references
- Numbers 26:64–65 गिनती 26:64–65परन्तु जिन इस्त्राएलियों को मूसा और हारून याजक ने सीनै के जंगल में गिना था, उन में से एक पुरूष इस समय के गिने हुओं में न था। क्योंकि यहोवा ने उनके विषय कहा था, कि वे निश्चय जंगल में मर जाएंगे, इसलिये यपुन्ने के पुत्रा कालेब और नून के पुत्रा यहोशू को छोड़, उन में से एक भी पुरूष नहीं बचा।।
- 1 Corinthians 10:1–12 1 कुरिन्थियों 10:1–12हे भाइयों, मैं नहीं चाहता, कि तुम इस बात से अज्ञात रहो, कि हमारे सब बापदादे बादल के नीचे थे, और सब के सब समुद्र के बीच से पार हो गए। और सब ने बादल में, और समुद्र में, मूसा का बपितिस्मा लिया। और सब ने एक ही आत्मिक भोजन किया। और सब ने एक ही आत्मिक जल पीया, क्योंकि वे उस आत्मिक चटान से पीते थे, जो उन के साथ- साथ चलती थी; और वह चटान मसीह था। परन्तु परमेश्वर उन में के बहुतेरों से प्रसन्न न हुआ, इसलिये वे जंगल में ढेर हो गए। ये बातें हमारे लिये दृष्टान्त ठहरी, कि जैसे उन्हों ने लालच किया, वैसे हम बुरी वस्तुओं का लालच न करें। और न तुम मूरत पूजनेवाले बनों; जैसे कि उन में से कितने बन गए थे, जैसा लिखा है, कि लोग खाने- पीने बैठे, और खेलने- कूदने उठे। और न हम व्यभिचार करें; जैसा उन में से कितनों ने किया: एक दिन में तेईस हजार मर गये। और न हम प्रभु को परखें; जैसा उन में से कितनों ने किया, और सांपों के द्वारा नाश किए गए। और नतुम कुड़कुड़ाए, जिस रीति से उन में से कितने कुड़कुड़ाए, और नाश करनेवाले के द्वारा नाश किए गए। परन्तु ये सब बातें, जो उन पर पड़ी, दृष्टान्त की रीति पर भी: और वे हमारी चितावनी के लिये जो जगत के अन्तिम समय में रहते हैं लिखी गईं हैं। इसलिये जो समझता है, कि मैं स्थिर हूं, वह चौकस रहे; कि कहीं गिर न पड़ें।
- Psalm 106:26 भजन संहिता 106:26तब उस ने उनके विषय में शपथ खाई कि मैं इनको जंगल में नाश करूंगा,
- Numbers 14:22–37 गिनती 14:22–37उन सब लोगों ने जिन्हों ने मेरी महिमा मि देश में और जंगल में देखी, और मेरे किए हुए आश्चर्यकर्मों को देखने पर भी दस बार मेरी परीक्षा की, और मेरी बातें नहीं मानी, इसलिये जिस देश के विषय मैं ने उनके पूर्वजों से शपथ खाई, उसको वे कभी देखने न पाएंगे; अर्थात् जितनों ने मेरा अपमान किया है उन में से कोई भी उसे देखने न पाएगा। परन्तु इस कारण से कि मेरे दास कालिब के साथ और ही आत्मा है, और उस ने पूरी रीति से मेरा अनुकरण किया है, मैं उसको उस देश में जिस में वह हो आया है पहुंचाऊंगा, और उसका वंश उस देश का अधिकारी होगा। अमालेकी और कनानी लोग तराई में रहते हैं, सो कल तुम घूमकर प्रस्थान करो, और लाल समुद्र के मार्ग से जंगल में जाओ।। फिर यहोवा ने मूसा और हारून से कहा, यह बुरी मण्डली मुझ पर बुड़बुड़ाती रहती है, उसको मैं कब तक सहता रहूं? इस्त्राएली जो मुझ पर बुड़बुड़ाते रहते हैं, उनका यह बुड़बुड़ाना मैं ने तो सुना है। सो उन से कह, कि यहोवा की यह वाणी है, कि मेरे जीवन की शपथ जो बातें तुम ने मेरे सुनते कही हैं, नि:सन्देह मैं उसी के अनुसार तुम्हारे साथ व्यवहार करूंगा। तुम्हारी लोथें इसी जंगल में पड़ी रहेंगी; और तुम सब में से बीस वर्ष की वा उस से अधिक अवस्था के जितने गिने गए थे, और मुझ पर बुड़बुड़ाते थे, उस में से यपुन्ने के पुत्रा कालिब और नून के पुत्रा यहोशू को छोड़ कोई भी उस देश में न जाने पाएगा, जिसके विषय मैं ने शपथ खाई है कि तुम को उस में बसाऊंगा। परन्तु तुम्हारे बालबच्चे जिनके विषय तुम ने कहा है, कि ये लूट में चले जाएंगे, उनको मैं उस देश में पहुंचा दूंगा; और वे उस देश को जान लेंगे जिस को तुम ने तुच्छ जाना है। परन्तु तुम लोगों की लोथें इसी जंगल में पड़ी रहेंगी। और जब तक तुम्हारी लोथें जंगल में न गल जाएं तक तक, अर्थात् चालीस वर्ष तक, तुम्हारे बालबच्चे जंगल में तुम्हारे व्यभिचार का फल भोगते हुए चरवाही करते रहेंगे। जितने दिन तुम उस देश का भेद लेते रहे, अर्थात् चालीस दिन उनकी गिनती के अनुसार, दिन पीछे उस वर्ष, अर्थात् चालीस वर्ष तक तुम अपने अधर्म का दण्ड उठाए रहोगे, तब तुम जान लोगे कि मेरा विरोध क्या है। मैं यहोवा यह कह चुका हूं, कि इस बुरी मण्डली के लोग जो मेरे विरूद्ध इकट्ठे हुए हैं उसी जंगल में मर मिटेंगे; और नि:सन्देह ऐसा ही करूंगा भी। तब जिन पुरूषों को मूसा ने उस देश के भेद लेने के लिये भेजा था, और उन्हों ने लौटकर उस देश की नामधराई करके सारी मण्डली को कुड़कुड़ाने के लिये उभारा था, उस देश की वे नामधराई करनेवाले पुरूष यहोवा के मारने से उसके साम्हने मर गये।
- Deuteronomy 2:15–16 व्यवस्थाविवरण 2:15–16और जब तक वे नाश न हुए तब तक यहोवा का हाथ उन्हें छावनी में से मिटा डालने के लिये उनके विरूद्ध बढ़ा ही रहा जब सब योद्धा मरते मरते लोगों के बीच में से नाश हो गए,
Original words (Greek)
- will · G1014βούλομαι boúlomai
- therefore · G1161δέ dé
- put · G5279ὑπομιμνήσκω hypomimnḗskō
- you · G5209ὑμᾶς hymâs
- remembrance · G5279ὑπομιμνήσκω hypomimnḗskō
- though · G1492εἴδω eídō
- ye · G5209ὑμᾶς hymâs
- once · G530ἅπαξ hápax
- knew · G1492εἴδω eídō
- this · G5124τοῦτο toûto
- that · G3754ὅτι hóti
- Lord · G2962κύριος kýrios
- saved · G4982σώζω sṓzō
- people · G2992λαός laós
- of · G1537ἐκ ek
- land · G1093γῆ gē
- Egypt · G125Αἴγυπτος Aígyptos
- afterward · G1208δεύτερος deúteros
- destroyed · G622ἀπόλλυμι apóllymi
- believed · G4100πιστεύω pisteúō
- not · G3361μή mḗ