Numbers · chapter 14 · verse 22
Numbers 14:22 in Hindi
उन सब लोगों ने जिन्हों ने मेरी महिमा मि देश में और जंगल में देखी, और मेरे किए हुए आश्चर्यकर्मों को देखने पर भी दस बार मेरी परीक्षा की, और मेरी बातें नहीं मानी,
Un sab logom ne jinhom ne meree mahimaa mi desh mem aur jangal mem dekhee, aur mere kie hue aashcharyakarmom ko dekhane par bhee das baar meree pareekshaa kee, aur meree baatem naheem maanee,
Numbers 14:22 in English
- King James Version (KJV)
- Because all those men which have seen my glory, and my miracles, which I did in Egypt and in the wilderness, and have tempted me now these ten times, and have not hearkened to my voice;
- World English Bible (WEB)
- because all those men who have seen my glory and my signs, which I worked in Egypt and in the wilderness, yet have tempted me these ten times, and have not listened to my voice;
- American Standard Version (ASV)
- because all those men that have seen my glory, and my signs, which I wrought in Egypt and in the wilderness, yet have tempted me these ten times, and have not hearkened to my voice;
- Bible in Basic English (BBE)
- Because all these men, having seen my glory and the signs which I have done in Egypt and in the waste land, still have put me to the test ten times, and have not given ear to my voice;
- Darby Translation (DBY)
- for all those men who have seen my glory, and my signs, which I did in Egypt and in the wilderness, and have tempted me these ten times, and have not hearkened to my voice,
- Webster's Bible (WBS)
- Because all those men who have seen my glory, and my miracles, which I did in Egypt and in the wilderness, and have tempted me now these ten times, and have not hearkened to my voice;
- Young's Literal Translation (YLT)
- for all the men who are seeing My honour, and My signs, which I have done in Egypt, and in the wilderness, and try Me these ten times, and have not hearkened to My voice —
Read in context
- 20यहोवा ने कहा, तेरी बिनती के अनुसार मैं क्षमा करता हूं;
- 21परन्तु मेरे जीवन की शपथ सचमुच सारी पृथ्वी यहोवा की महिमा से परिपूर्ण हो जाएगी;
- 22उन सब लोगों ने जिन्हों ने मेरी महिमा मि देश में और जंगल में देखी, और मेरे किए हुए आश्चर्यकर्मों को देखने पर भी दस बार मेरी परीक्षा की, और मेरी बातें नहीं मानी,
- 23इसलिये जिस देश के विषय मैं ने उनके पूर्वजों से शपथ खाई, उसको वे कभी देखने न पाएंगे; अर्थात् जितनों ने मेरा अपमान किया है उन में से कोई भी उसे देखने न पाएगा।
- 24परन्तु इस कारण से कि मेरे दास कालिब के साथ और ही आत्मा है, और उस ने पूरी रीति से मेरा अनुकरण किया है, मैं उसको उस देश में जिस में वह हो आया है पहुंचाऊंगा, और उसका वंश उस देश का अधिकारी होगा।
Cross references
- Hebrews 3:17–18 इब्रानियों 3:17–18और वह चालीस वर्ष तक किन लोगों से रूठा रहा? क्या उन्हीं से नहीं, जिन्हों ने पाप किया, और उन की लोथें जंगल में पड़ी रहीं? और उस ने किन से शपथ खाई, कि तुम मेरे विश्राम में प्रवेश करने न पाओगे: केवल उन से जिन्हों ने आज्ञा न मानी?
- Genesis 31:7 उत्पत्ति 31:7और तुम्हारे पिता ने मुझ से छल करके मेरी मजदूरी को दस बार बदल दिया; परन्तु परमेश्वर ने उसको मेरी हानि करने नहीं दिया।
- Job 19:3 अय्यूब 19:3इन दसों बार तुम लोग मेरी निन्दा ही करते रहे, तुम्हें लज्जा नहीं आती, कि तुम मेरे साथ कठोरता का बरताव करते हो?
- Exodus 32:1 निर्गमन 32:1जब लोगों ने देखा कि मूसा को पर्वत से उतरने में विलम्ब हो रहा है, तब वे हारून के पास इकट्ठे होकर कहने लगे, अब हमारे लिये देवता बना, जो हमारे आगे आगे चले; क्योंकि उस पुरूष मूसा को जो हमें मि देश से निकाल ले आया है, हम नहीं जानते कि उसे क्या हुआ?
- Psalm 106:26 भजन संहिता 106:26तब उस ने उनके विषय में शपथ खाई कि मैं इनको जंगल में नाश करूंगा,
- Deuteronomy 1:31–35 व्यवस्थाविवरण 1:31–35फिर तुम ने जंगल में भी देखा, कि जिस रीति कोई पुरूष अपने लड़के को उठाए चलता है, उसी रीति हमारा परमेश्वर यहोवा हम को इस स्थान पर पहुँचने तक, उस सारे मार्ग में जिस से हम आए हैं, उठाये रहा। इस बात पर भी तुम ने अपने उस परमेश्वर यहोवा पर विश्वास नहीं किया, जो तुम्हारे आगे आगे इसलिये चलता रहा, कि डेरे डालने का स्थान तुम्हारे लिये ढूंढ़े, और रात को आग में और दिन को बादल में प्रगट होकर चला, ताकि तुम को वह मार्ग दिखाए जिस से तुम चलो। परन्तु तुम्हारी वे बातें सुनकर यहोवा का कोप भड़क उठा, और उस ने यह शपथ खाई, कि निश्चय इस बुरी पीढ़ी के मनुष्यों में से एक भी उस अच्छे देश को देखने न पाऐगा, जिसे मैं ने उनके पितरों को देने की शपथ खाई थी।
- Exodus 17:2 निर्गमन 17:2इसलिये वे मूसा से वादविवाद करके कहने लगे, कि हमें पीने का पानी दे। मूसा ने उन से कहा, तुम मुझ से क्यों वादविवाद करते हो? और यहोवा की परीक्षा क्यों करते हो?
- Hebrews 3:9 इब्रानियों 3:9जहां तुम्हारे बापदादों ने मुझे जांचकर परखा और चालीस वर्ष तक मेरे काम देखे।
- 1 Corinthians 10:5 1 कुरिन्थियों 10:5परन्तु परमेश्वर उन में के बहुतेरों से प्रसन्न न हुआ, इसलिये वे जंगल में ढेर हो गए।
- Psalm 106:14 भजन संहिता 106:14उन्हों ने जंगल में अति लालसा की और निर्जल स्थान में ईश्वर की परीक्षा की।
- Psalm 95:9–11 भजन संहिता 95:9–11जब तुम्हारे पुरखाओं ने मुझे परखा, उन्हों ने मुझ को जांचा और मेरे काम को भी देखा। चालीस वर्ष तक मैं उस पीढ़ी के लोगों से रूठा रहा, और मैं ने कहा, ये तो भरमनेवाले मन के हैं, और इन्हों ने मेरे मार्गों को नहीं पहिचाना। इस कारण मैं ने क्रोध में आकर शपथ खाई कि ये मेरे विश्रामस्थान में कभी प्रवेश न करने पाएंगे।।
- Malachi 3:15 मलाकी 3:15अब से हम अभिमानी लोगों को धन्य कहते हैं; क्योंकि दुराचारी तो सफल बन गए हैं, वरन वे परमेश्वर की परीक्षा करने पर भी बच गए हैं।।
Original words (Hebrew)
- men · H582אֱנוֹשׁ ʼĕnôwsh
- seen · H7200רָאָה râʼâh
- glory · H3519כָּבוֹד kâbôwd
- miracles · H226אוֹת ʼôwth
- did · H6213עָשָׂה ʻâsâh
- Egypt · H4714מִצְרַיִם Mitsrayim
- wilderness · H4057מִדְבָּר midbâr
- tempted · H5254נָסָה nâçâh
- ten · H6235עֶשֶׂר ʻeser
- times · H6471פַּעַם paʻam
- hearkened · H8085שָׁמַע shâmaʻ
- voice · H6963קוֹל qôwl