Lamentations · chapter 1 · verse 17
Lamentations 1:17 in Hindi
सिय्योन हाथ फैलाए हुए है, उसे कोई शान्ति नहीं देता; यहोवा ने याकूब के विषय में यह आज्ञा दी है कि उसके चारों ओर के निवासी उसके द्रोही हो जाएं; यरूशलेम उनके बीच अशुद्ध स्त्री के समान हो गई है।
Siyyon haath phailaae hue hai, use koee shaanti naheem detaa; yahovaa ne yaakoob ke vishay mem yah aajnyaa dee hai ki usake chaarom or ke nivaasee usake drohee ho jaaem; yarooshalem unake beech ashuddh stree ke samaan ho gaee hai.
Lamentations 1:17 in English
- King James Version (KJV)
- Zion spreadeth forth her hands, [and there is] none to comfort her: the LORD hath commanded concerning Jacob, [that] his adversaries [should be] round about him: Jerusalem is as a menstruous woman among them.
- World English Bible (WEB)
- Zion spreads out her hands. There is no one to comfort her. The LORD has commanded concerning Jacob, that those who are around him should be his adversaries. Jerusalem is among them as an unclean thing.
- American Standard Version (ASV)
- Zion spreadeth forth her hands; there is none to comfort her; Jehovah hath commanded concerning Jacob, that they that are round about him should be his adversaries: Jerusalem is among them as an unclean thing.
- Bible in Basic English (BBE)
- Zion's hands are outstretched; she has no comforter; the Lord has given orders to the attackers of Jacob round about him: Jerusalem has become like an unclean thing among them.
- Darby Translation (DBY)
- Zion spreadeth forth her hands; there is none to comfort her; Jehovah hath commanded concerning Jacob, [that] his adversaries [should be] round about him; Jerusalem is as an impurity among them.
- Webster's Bible (WBS)
- Zion spreadeth forth her hands, [and there is] none to comfort her: the LORD hath commanded concerning Jacob, [that] his adversaries [should be] around him: Jerusalem is as a menstruous woman among them.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Spread forth hath Zion her hands, There is no comforter for her, Jehovah hath charged concerning Jacob, His neighbours [are] his adversaries, Jerusalem hath become impure among them.
Read in context
- 15यहोवा ने मेरे सब पराक्रमी पुरुषों को तुच्छ जाना; उसने नियत पर्व का प्रचार कर के लोगों को मेरे विरुद्ध बुलाया कि मेरे जवानों को पीस डालें; यहूदा की कुमारी कन्या को यहोवा ने मानो कोल्हू में पेरा है।
- 16इन बातों के कारण मैं रोती हूँ; मेरी आंखों से आंसू की धारा बहती रहती है; क्योंकि जिस शान्तिदाता के कारण मेरा जी हरा भरा हो जाता था, वह मुझ से दूर हो गया; मेरे लड़के-बाले अकेले हो गए, क्योंकि शत्रु प्रबल हुआ है।
- 17सिय्योन हाथ फैलाए हुए है, उसे कोई शान्ति नहीं देता; यहोवा ने याकूब के विषय में यह आज्ञा दी है कि उसके चारों ओर के निवासी उसके द्रोही हो जाएं; यरूशलेम उनके बीच अशुद्ध स्त्री के समान हो गई है।
- 18यहोवा सच्चाई पर है, क्योंकि मैं ने उसकी आज्ञा का उल्लंघन किया है; हे सब लोगो, सुनो, और मेरी पीड़ा को देखो! मेरे कुमार और कुमारियां बंधुआई में चली गई हैं।
- 19मैं ने अपने मित्रों को पुकारा परन्तु उन्होंने भी मुझे छोखा दिया; जब मेरे याजक और पुरनिये इसलिये भोजनवस्तु ढूंढ़ रहे थे कि खाने से उनका जी हरा हो जाए, तब नगर ही में उनके प्राण छूट गए।
Cross references
- Jeremiah 4:31 यिर्मयाह 4:31क्योंकि मैं ने ज़च्चा का शब्द, पहिलौठा जनती हुई स्त्री की सी चिल्लाहट सुनी है, यह सिरयोन की बेटी का शब्द है, जो हांफती और हाथ फैलाए हुए यों कहती है, हाय मुझ पर, मैं हत्यारों के हाथ पड़कर मूर्छित हो चली हूँ।
- Isaiah 1:15 यशायाह 1:15जब तुम मेरी ओर हाथ फैलाओ, तब मैं तुम से मुंह फेर लूंगा; तुम कितनी ही प्रार्थना क्यों न करो, तौभी मैं तुम्हारी न सुनूंगा; क्योंकि तुम्हारे हाथ खून से भरे हैं।
- Lamentations 1:9 विलापगीत 1:9उसकी अशुद्धता उसके वस्त्र पर है; उसने अपने अन्त का स्मरण न रखा; इसलिये वह भयंकर रीति से गिराई गई, और कोई उसे शान्ति नइीं देता है। हे यहोवा, मेरे दु:ख पर दृष्टि कर, क्योंकि शत्रु मेरे विरुद्ध सफल हुआ है!
- Jeremiah 21:4–5 यिर्मयाह 21:4–5देखो, युठ्ठ के जो हथियार तुम्हारे हाथों में है, जिन से तुम बाबुल के राजा और शहरपनाह के बाहर घेरनेवाले कसदियों से लड़ रहे हो, उनको मैं लौटाकर इस नगर के बीच में इकट्ठा करूंगा; और मैं स्वयं हाथ बढ़ाकर और बलवन्त भुजा से, और क्रोध और जलजलाहट और बड़े क्रोध में आकर तुम्हारे विरूद्ध लडूंगा।
- Lamentations 1:16 विलापगीत 1:16इन बातों के कारण मैं रोती हूँ; मेरी आंखों से आंसू की धारा बहती रहती है; क्योंकि जिस शान्तिदाता के कारण मेरा जी हरा भरा हो जाता था, वह मुझ से दूर हो गया; मेरे लड़के-बाले अकेले हो गए, क्योंकि शत्रु प्रबल हुआ है।
- Lamentations 1:19 विलापगीत 1:19मैं ने अपने मित्रों को पुकारा परन्तु उन्होंने भी मुझे छोखा दिया; जब मेरे याजक और पुरनिये इसलिये भोजनवस्तु ढूंढ़ रहे थे कि खाने से उनका जी हरा हो जाए, तब नगर ही में उनके प्राण छूट गए।
- 2 Kings 25:1 2 राजा 25:1और सिदकिरयाह ने बाबेल के राजा से बलवा किया। उसके राज्य के नौवें वर्ष के दसवें महीने के दसवें दिन को बाबेल के राजा नबूकदनेस्सर ने अपनी पूरी सेना लेकर यरूशलेम पर चढ़ाई की, और उसके पास छावनी करके उसके चारों ओर कोट बनाए।
- 2 Kings 24:2–4 2 राजा 24:2–4तब यहावा ने उसके विरूद्ध और यहूदा को नाश करने के लिये कसदियों, अरामियों, मोआबियों और अम्मोनियों के दल भेजे, यह यहोवा के उस वचन के अनुसार हुआ, जो उस ने अपने दास भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा कहा था। निेसन्देह यह यहूदा पर यहोवा की आज्ञा से हुआ, ताकि वह उनको अपने साम्हने से दूर करे। यह मनश्शे के सब पापों के कारण हुआ। और निदषों के उस खून के कारण जो उस ने किया था; क्योंकि उस ने यरूशलेम को निदषों के खून से भर दिया था, जिसको यहोवा ने क्षमा करना न चाहा।
- Jeremiah 34:22 यिर्मयाह 34:22यहोवा का यह वचन है कि देखो, मैं उनको आज्ञा देकर इस नगर के पास लौटा ले आऊंगा और वे लड़कर इसे ले लेंगे और फूंक देंगे; और यहूदा के नगरों को मैं ऐसा उजाड़ दूंगा कि कोई उन में न रहेगा।
- Lamentations 1:2 विलापगीत 1:2रात को वह फूट फूट कर रोती है, उसके आंसू गालों पर ढलकते हैं; उसके सब यारों में से अब कोई उसे शान्ति नहीं देता; उसके सब मित्रों ने उस से विश्वासघात किया, और उसके शत्रु बन गए हैं।
- 1 Kings 8:38 1 राजा 8:38तब यदि कोई मनुष्य वा तेरी प्रजा इस्राएल अपने अपने मन का दु:ख जान लें, और गिड़गिड़ाहट के साथ प्रार्थना करके अपने हाथ इस भवन की ओर फैलाएं;
- 1 Kings 8:22 1 राजा 8:22तब सुलैमान इस्राएल की पूरी सभा के देखते यहोवा की वेदी के साम्हने खड़ा हुआ, और अपने हाथ स्वर्ग की ओर फैलाकर कहा, हे यहोवा!