1 Kings · chapter 8 · verse 38
1 Kings 8:38 in Hindi
तब यदि कोई मनुष्य वा तेरी प्रजा इस्राएल अपने अपने मन का दु:ख जान लें, और गिड़गिड़ाहट के साथ प्रार्थना करके अपने हाथ इस भवन की ओर फैलाएं;
Tab yadi koee manushy vaa teree prajaa israael apane apane man kaa du:kh jaan lem, aur gidagidaahat ke saath praarthanaa karake apane haath is bhavan kee or phailaaem;
1 Kings 8:38 in English
- King James Version (KJV)
- What prayer and supplication soever be [made] by any man, [or] by all thy people Israel, which shall know every man the plague of his own heart, and spread forth his hands toward this house:
- World English Bible (WEB)
- whatever prayer and supplication is made by any man, or by all your people Israel, who shall each know the plague of his own heart, and spread out his hands toward this house,
- American Standard Version (ASV)
- what prayer and supplication soever be made by any man, [or] by all thy people Israel, who shall know every man the plague of his own heart, and spread forth his hands toward this house:
- Bible in Basic English (BBE)
- Whatever prayer or request for your grace is made by any man, or by all your people Israel, whatever his trouble may be, whose hands are stretched out to this house:
- Darby Translation (DBY)
- what prayer, what supplication soever be made by any man, of all thy people Israel, when they shall know every man the plague of his own heart, and shall spread forth his hands toward this house;
- Webster's Bible (WBS)
- Whatever prayer and supplication shall be [made] by any man, [or] by all thy people Israel, who shall know every man the plague of his own heart, and spread forth his hands towards this house:
- Young's Literal Translation (YLT)
- any prayer, any supplication that [is] of any man of all Thy people Israel, who know each the plague of his own heart, and hath spread his hands towards this house,
Read in context
- 36और अपने दासों, अपनी प्रजा इस्राएल के पाप को क्ष्मा करना; तू जो उनको वह भला मार्ग दिखाता है, जिस पर उन्हें चलना चाहिये, इसलिये अपने इस देश पर, जो तू ने अपनी प्रजा का भाग कर दिया है, पानी बरसा देना।
- 37जब इस देश में काल वा मरी वा झुलस हो वा गेरूई वा टिडि्डयां वा कीड़े लगें वा उनके शत्रु उनके देश के फाटकों में उन्हें घेर रखें, अथवा कोई विपत्ति वा रोग क्यों न हों,
- 38तब यदि कोई मनुष्य वा तेरी प्रजा इस्राएल अपने अपने मन का दु:ख जान लें, और गिड़गिड़ाहट के साथ प्रार्थना करके अपने हाथ इस भवन की ओर फैलाएं;
- 39तो तू अपने स्वग य निवासस्थान में से सुनकर क्षमा करूना, और ऐसा करना, कि एक एक के मन को जानकर उसकी समस्त चाल के अनुसार उसको फल देना: तू ही तो सब आदमियों के मन के भेदों का जानने वाला है।
- 40तब वे जितने दिन इस देश में रहें, जो तू ने उनके पुरखाओं को दिया था, उतने दिन तक तेरा भय मानते रहें।
Cross references
- Psalm 73:21–22 भजन संहिता 73:21–22मेरा मन तो चिड़चिड़ा हो गया, मेरा अन्त:करण छिद गया था, मैं तो पशु सरीखा था, और समझता न था, मैं तेरे संग रहकर भी, पशु बन गया था।
- Amos 7:1–6 आमोस 7:1–6परमेश्वर यहोवा ने मुझे यह दिखाया, और मैं क्या देखता हूं कि उस ने पिछली घास के उगने के आरम्भ मे टिडि्डयां उत्पन्न की; और वह राजा की कटनी के बाद की पिछली घास थीं। जब वे घास खा चुकीं, तब मैं ने कहा, हे परमेश्वर यहोवा, क्षमा कर! नहीं तो याकूब कैसे स्थिर रह सकेगा? वह कितना निर्बल है! इसके विषय में यहोवा पछताया, और उस से कहा, ऐसी बात अब न होगी।। परमेश्वर यहोवा ने मुझे यह दिखाया: और क्या देखता हूं कि परमेश्वर यहोवा ने आग के द्वारा मुक मा लड़ने को पुकारा, और उस आग से महासागर सूख गया, और देश भी भस्म हुआ चाहता था। तब मैं ने कहा, हे परमेश्वर यहोवा, थम जा! नहीं तो याकूब कैसे स्थिर रह सकेगा? वह कैसा निर्बल है। इसके विषय में भी यहोवा पछताया; और परमेश्वर यहोवा ने कहा, ऐसी बात फिर न होगी।।
- 1 Kings 8:22 1 राजा 8:22तब सुलैमान इस्राएल की पूरी सभा के देखते यहोवा की वेदी के साम्हने खड़ा हुआ, और अपने हाथ स्वर्ग की ओर फैलाकर कहा, हे यहोवा!
- Philippians 4:6 फिलिप्पियों 4:6किसी भी बात की चिन्ता मत करो: परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और बिनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं।
- Psalm 42:11 भजन संहिता 42:11हे मेरे प्राण तू क्यों गिरा जाता है? तू अन्दर ही अन्दर क्यों व्याकुल है? परमेश्वर पर भरोसा रख; क्योंकि वह मेरे मुख की चमक और मेरा परमेश्वर है, मैं फिर उसका धन्यवाद करूंगा।।
- Psalm 50:15 भजन संहिता 50:15और संकट के दिन मुझे पुकार; मैं तुझे छुड़ाऊंगा, और तू मेरी महिमा करने पाएगा।।
- Isaiah 37:4 यशायाह 37:4सम्भव है कि तेरे परमेश्वर यहोवा ने रबशाके की बातें सुनी जिसे उसके स्वामी अश्शूर के राजा ने जीवते परमेश्वर की निन्दा करने को भेजा है, और जा बातें तेरे परमेश्वर यहोवा ने सुनी हैं उन्हें दपटे; सो तू इन बचे हुओं के लिये जो रह गए हैं, प्रार्थना कर।।
- Psalm 42:9 भजन संहिता 42:9मैं ईश्वर से जो मेरी चट्टान है कहूंगा, तू मुझे क्यों भूल गया? मैं शत्रु के अन्धेर के मारे क्यों शोक का पहिरावा पहिने हुए चलता फिरता हूं?
- Joel 2:17 योएल 2:17याजक जो यहोवा के टहलुए हैं, वे आंगल और वेदी के बीच में रो रोकर कहें, हे यहोवा अपनी प्रजा पर तरस खा; और अपने निज भाग की नामधराई न होने दे; न अन्यजातियां उसकी उपमा देने पाएं। जाति जाति के लोग आपस में क्यां कहने पाएं, कि उनका परमेश्वर कहां रहा?
- Psalm 142:3–5 भजन संहिता 142:3–5जब मेरी आत्मा मेरे भीतर से व्याकुल हो रही थी, तब तू मेरी दशा को जानता था! जिस रास्ते से मैं जानेवाला था, उसी में उन्हों ने मेरे लिये फन्दा लगाया। मैं ने दहिनी ओर देखा, परन्तु कोई मुझे नहीं देखता है। मेरे लिये शरण कहीं नहीं रही, न मुझ को कोई पूछता है।। हे यहोवा, मैं ने तेरी दोहाई दी है; मैं ने कहा, तू मेरा शरणस्थान है, मेरे जीते ही तू मेरा भाग है।
- Isaiah 1:15 यशायाह 1:15जब तुम मेरी ओर हाथ फैलाओ, तब मैं तुम से मुंह फेर लूंगा; तुम कितनी ही प्रार्थना क्यों न करो, तौभी मैं तुम्हारी न सुनूंगा; क्योंकि तुम्हारे हाथ खून से भरे हैं।
- 2 Chronicles 20:5–13 2 इतिहास 20:5–13तब यहोशपात यहोवा के भवन में नये आंगन के साम्हने यहूदियों और यरूशलेमियों की मण्डली में खड़ा होकर यह कहने लगा, कि हे हमारे पितरों के परमेश्वर यहोवा! क्या तू स्वर्ग में परमेश्वर नहीं है? और क्या तू जाति जाति के सब राज्यों के ऊपर प्रभुता नहीं करता? और क्या तेरे हाथ में ऐसा बल और पराक्रम नहीं है कि तेरा साम्हना कोई नहीं कर सकता? हे हमारे परमेश्वर! क्या तू ने इस देश के निवासियों को अपनी प्रजा इस्राएल के साम्हने से निकालकर इन्हें अपने मित्रा इब्राहीम के वंश को सदा के लिये नहीं दे दिया? वे इस में बस गए और इस में तेरे नाम का एक पवित्रास्थान बनाकर कहा, कि यदि तलवार या मरी अथवा अकाल वा और कोई विपत्ति हम पर पड़े, तौभी हम इसी भवन के साम्हने और तेरे साम्हने (तेरा नाम तो इस भवन में बसा है) खड़े होकर, अपने क्लेश के कारण तेरी दोहाई देंगे और तू सुनकर बचाएगा। और अब अम्मोनी और मोआबी और सेईर के पहाड़ी देश के लोग जिन पर तू ने इस्राएल को मिस्र देश से आते समय चढ़ाई करने न दिया, और वे उनकी ओर से मुड़ गए और उनको विनाश न किया, देख, वे ही लोग तेरे दिए हुए अधिकार के इस देश में से जिसका अधिकार तू ने हमें दिया है, हम को निकालकर कैसा बदला हमें दे रहे हैं। हे हमारे परमेश्वर, क्या तू उनका न्याय न करेगा? यह जो बड़ी भीड़ हम पर चढ़ाई कर रही है, उसके साम्हने हमारा तो बस नहीं चलता और हमें हुछ सूझता नहीं कि क्या करना चाहिये? परन्तु हमारी आंखें तेरी ओर लगी हैं। और सब यहूदी अपने अपने बालबच्चों, स्त्रीयों और पुत्रों समेत यहोवा के सम्मुख खड़े रहे।
Original words (Hebrew)
- prayer · H8605תְּפִלָּה tᵉphillâh
- supplication · H8467תְּחִנָּה tᵉchinnâh
- man · H120אָדָם ʼâdâm
- people · H5971עַם ʻam
- Israel · H3478יִשְׂרָאֵל Yisrâʼêl
- know · H3045יָדַע yâdaʻ
- man · H376אִישׁ ʼîysh
- plague · H5061נֶגַע negaʻ
- heart · H3824לֵבָב lêbâb
- forth · H6566פָּרַשׂ pâras
- hands · H3709כַּף kaph
- house · H1004בַּיִת bayith