Lamentations · chapter 1 · verse 20
Lamentations 1:20 in Hindi
हे यहोवा, दृष्टि कर, क्योंकि मैं संकट में हूँ, मेरी अन्तडिय़ां ऐंठी जाती हैं, मेरा हृदय उलट गया है, क्योंकि मैं ने बहुत बलवा किया है। बाहर तो मैं तलवार से निर्वश होती हूँ; और घर में मृत्यु विराज रही है।
He yahovaa, drushti kar, kyonki maim sankat mem hoon, meree antadiyaam ainthee jaatee haim, meraa hruday ulat gayaa hai, kyonki maim ne bahut balavaa kiyaa hai. Baahar to maim talavaar se nirvash hotee hoon; aur ghar mem mrutyu viraaj rahee hai.
Lamentations 1:20 in English
- King James Version (KJV)
- Behold, O LORD; for I [am] in distress: my bowels are troubled; mine heart is turned within me; for I have grievously rebelled: abroad the sword bereaveth, at home [there is] as death.
- World English Bible (WEB)
- “Look, LORD; for I am in distress. My heart is troubled. My heart turns over within me, for I have grievously rebelled. Abroad, the sword bereaves. At home, it is like death.
- American Standard Version (ASV)
- Behold, O Jehovah; for I am in distress; my heart is troubled; My heart is turned within me; for I have grievously rebelled: Abroad the sword bereaveth, at home there is as death.
- Bible in Basic English (BBE)
- See, O Lord, for I am in trouble; the inmost parts of my body are deeply moved; my heart is turned in me; for I have been uncontrolled: outside the children are put to the sword, and in the house there is death.
- Darby Translation (DBY)
- See, Jehovah, for I am in distress, my bowels are troubled; my heart is turned within me, for I have grievously rebelled: without, the sword hath bereaved [me], within, it is as death.
- Webster's Bible (WBS)
- Behold, O LORD; for I [am] in distress: my bowels are troubled; my heart is turned within me; for I have grievously rebelled: abroad the sword bereaveth, at home [there is] as death.
- Young's Literal Translation (YLT)
- See, O Jehovah, for distress [is] to me, My bowels have been troubled, Turned hath been my heart in my midst, For I have greatly provoked, From without bereaved hath the sword, In the house [it is] as death.
Read in context
- 18यहोवा सच्चाई पर है, क्योंकि मैं ने उसकी आज्ञा का उल्लंघन किया है; हे सब लोगो, सुनो, और मेरी पीड़ा को देखो! मेरे कुमार और कुमारियां बंधुआई में चली गई हैं।
- 19मैं ने अपने मित्रों को पुकारा परन्तु उन्होंने भी मुझे छोखा दिया; जब मेरे याजक और पुरनिये इसलिये भोजनवस्तु ढूंढ़ रहे थे कि खाने से उनका जी हरा हो जाए, तब नगर ही में उनके प्राण छूट गए।
- 20हे यहोवा, दृष्टि कर, क्योंकि मैं संकट में हूँ, मेरी अन्तडिय़ां ऐंठी जाती हैं, मेरा हृदय उलट गया है, क्योंकि मैं ने बहुत बलवा किया है। बाहर तो मैं तलवार से निर्वश होती हूँ; और घर में मृत्यु विराज रही है।
- 21उन्होंने सुना है कि मैं कराहती हूँ, परन्तु कोई मुझे शान्ति नहीं देता। मेरे सब शत्रुओं ने मेरी विपत्ति का समाचार सुना है; वे इस से हषिर्त हो गए कि तू ही ने यह किया है। परन्तु जिस दिन की चर्चा तू ने प्रचार कर के सुनाई है उसको तू दिखा, तब वे भी मेरे समान हो जाएंगे।
- 22उनकी सारी दुष्टता की ओर दृष्टि कर; और जैसा मेरे सारे अपराधों के कारण तू ने मुझे दण्ड दिया, वैसा ही उन को भी दण्ड दे; क्योंकि मैं बहुत ही कराहती हूँ, और मेरा हृदय रोग से निर्बल हो गया है।
Cross references
- Lamentations 2:11 विलापगीत 2:11मेरी आंखें आंसू बहाते बहाते रह गई हैं; मेरी अन्तड़ियां एेंठी जाती हैं; मेरे लोगों की पुत्री के विनाश के कारण मेरा कलेजा फट गया है, क्योंकि बच्चे वरन दूधपिउवे बच्चे भी नगर के चौकों मे मूर्च्छित होते हैं।
- Ezekiel 7:15 यहेजकेल 7:15बाहर तलवार और भीतर महंगी और मरी हैं; जो मैदान में हो वह तलवार से मरेगा, और जोे नगर में हो वह भूख और मरी से मारा जाएगा।
- Deuteronomy 32:25 व्यवस्थाविवरण 32:25बाहर वे तलवार से मरेंगे, और कोठरियों के भीतर भय से; क्या कुंवारे और कुंवारियां, क्या दूध पीता हुआ बच्चा क्या पक्के बालवाले, सब इसी प्रकार बरबाद होंगे।
- Isaiah 16:11 यशायाह 16:11इसलिये मेरा मन मोआब के कारण और मेरा हृदय कीरहैरेस के कारण वीणा का सा क्रन्दन करता है।।
- Proverbs 28:13 नीतिवचन 28:13जो अपने अपराध छिपा रखता है, उसका कार्य सुफल नहीं होता, परन्तु जो उनको मान लेता और छोड़ भी देता है, उस पर दया की जायेगी।
- Jeremiah 4:19 यिर्मयाह 4:19हाय! हाय! मेरा हृदय भीतर ही भीतर तड़पता है! और मेरा मन घबराता है! मैं चुप नहीं रह सकता; क्योंकि हे मेरे प्राण, नरसिंगे का शब्द और युठ्ठ की ललकार तुझ तक पहुंची है।
- Job 30:27 अय्यूब 30:27मेरी अन्तडिय़ां निरन्तर उबलती रहती हैं और आराम नहीं पातीं; मेरे दु:ख के दिन आ गए हैं।
- Lamentations 1:18 विलापगीत 1:18यहोवा सच्चाई पर है, क्योंकि मैं ने उसकी आज्ञा का उल्लंघन किया है; हे सब लोगो, सुनो, और मेरी पीड़ा को देखो! मेरे कुमार और कुमारियां बंधुआई में चली गई हैं।
- Lamentations 1:9 विलापगीत 1:9उसकी अशुद्धता उसके वस्त्र पर है; उसने अपने अन्त का स्मरण न रखा; इसलिये वह भयंकर रीति से गिराई गई, और कोई उसे शान्ति नइीं देता है। हे यहोवा, मेरे दु:ख पर दृष्टि कर, क्योंकि शत्रु मेरे विरुद्ध सफल हुआ है!
- Jeremiah 31:20 यिर्मयाह 31:20क्या एप्रैम मेरा प्रिय पुत्र नहीं है? क्या वह मेरा दुलारा लड़का नहीं है? जब जब मैं उसके विरुद्ध बातें करता हूं, तब तब मुझे उसका स्मरण हो आता है। इसलिये मेरा मन उसके कारण भर आता है; और मैं निश्चय उस पर दया करूंगा, यहोवा की यही वाणी है।
- Lamentations 4:9–10 विलापगीत 4:9–10तलवार के मारे हुए भूख के मारे हुओं से अधिक अच्छे थे जिनका प्राण खेत की उपज बिना भूख के मारे सूखता जाता हे। दयालु स्त्रियों ने अपने ही हाथों से अपने बच्चों को पकाया है; मेरे लोगों के विनाश के समय वे ही उनका आहार बन गए।
- Jeremiah 14:18 यिर्मयाह 14:18यदि मैं मैदान में जाऊं, तो देखो, तलवार के मारे हुए पड़े हैं! और यदि मैं नगर के भीतर आऊं, तो देखो, भूख से अध्मूए पड़े हैं! क्योंकि भविष्यद्वक्ता और याजक देश में कमाई करते फिरते और समझ नहीं रखते हैं।
Original words (Hebrew)
- Behold · H7200רָאָה râʼâh
- distress · H6887צָרַר tsârar
- bowels · H4578מֵעֶה mêʻeh
- troubled · H2560חָמַר châmar
- heart · H3820לֵב lêb
- turned · H2015הָפַךְ hâphak
- within · H7130קֶרֶב qereb
- grievously · H4784מָרָה mârâh
- rebelled · H4784מָרָה mârâh
- abroad · H2351חוּץ chûwts
- sword · H2719חֶרֶב chereb
- bereaveth · H7921שָׁכֹל shâkôl
- home · H1004בַּיִת bayith
- death · H4194מָוֶת mâveth