Lamentations · chapter 4 · verse 6
Lamentations 4:6 in Hindi
मेरे लोगों की बेटी का अधर्म सदोम के पाप से भी अधिक हो गया जो किसी के हाथ डाले बिना भी क्षण भर में उलट गया था।
Mere logom kee betee kaa adharm sadom ke paap se bhee adhik ho gayaa jo kisee ke haath daale binaa bhee kshan bhar mem ulat gayaa thaa.
Lamentations 4:6 in English
- King James Version (KJV)
- For the punishment of the iniquity of the daughter of my people is greater than the punishment of the sin of Sodom, that was overthrown as in a moment, and no hands stayed on her.
- World English Bible (WEB)
- For the iniquity of the daughter of my people is greater than the sin of Sodom, which was overthrown as in a moment. No hands were laid on her.
- American Standard Version (ASV)
- For the iniquity of the daughter of my people is greater than the sin of Sodom, That was overthrown as in a moment, and no hands were laid upon her.
- Bible in Basic English (BBE)
- For the punishment of the daughter of my people is greater than the punishment of Sodom, which was overturned suddenly without any hand falling on her.
- Darby Translation (DBY)
- And the punishment of the iniquity of the daughter of my people is greater than the reward of the sin of Sodom, which was overthrown as in a moment, and no hands were violently laid upon her.
- Webster's Bible (WBS)
- For the punishment of the iniquity of the daughter of my people is greater than the punishment of the sin of Sodom, that was overthrown as in a moment, and no hands stayed on her.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And greater is the iniquity of the daughter of my people, Than the sin of Sodom, That was overturned as [in] a moment, And no hands were stayed on her.
Read in context
- 4दूधपीउवे बच्चों की जीभ प्यास के मारे तालू में चिपट गई है; बालबच्चे रोटी मांगने हैं, परन्तु कोई उनको नहीं देता।
- 5जो स्वादिष्ट भेजन खाते थे, वे अब सड़कों में व्याकुल फिरते हैं; जो मखमल के वस्त्रों में पले थो अब घूरों पर लेटते हैं।
- 6मेरे लोगों की बेटी का अधर्म सदोम के पाप से भी अधिक हो गया जो किसी के हाथ डाले बिना भी क्षण भर में उलट गया था।
- 7उसके कुलीन हिम से निर्मल और दूध से भी अधिक उज्ज्वल थे; उनकी देह मूंगों से अधिक लाल, और उनकी सुन्दरता नीलमणि की सी थी।
- 8परन्तु अब उनका रूप अन्धकार से भी अधिक काला है, वे सड़कों में चीन्हें नहीं जाते; उनका चमड़ा हडि्डयों में सट गया, और लकड़ी के समान सूख गया है।
Cross references
- Genesis 19:25 उत्पत्ति 19:25और उन नगरों को और सम्पूर्ण तराई को, और नगरों को और उस सम्पूर्ण तराई को, और नगरों के सब निवासियों को, भूमि की सारी उपज समेत नाश कर दिया।
- Luke 12:47 लूका 12:47और वह दास जो अपने स्वामी की इच्छा जानता था, और तैयार न रहा और न उस की इच्छा के अनुसार चला बहुत मार खाएगा।
- Isaiah 1:9–10 यशायाह 1:9–10यदि सेनाओं का यहोवा हमारे थोड़े से लोगों को न बचा रखता, तो हम सदोम के समान हो जाते, और अमोरा के समान ठहरते।। हे सदोम के न्याइयों, यहोवा का वचन सुनो! हे अमोरा की प्रजा, हमारे परमेश्वर की शिक्षा पर कान लगा।
- Matthew 24:21 मत्ती 24:21क्योंकि उस समय ऐसा भारी क्लेश होगा, जैसा जगत के आरम्भ से न अब तक हुआ, और न कभी होगा।
- Luke 10:12 लूका 10:12मैं तुम से कहता हूं, कि उस दिन उस नगर की दशा से सदोम की दशा सहने योग्य होगी।
- Matthew 11:23–24 मत्ती 11:23–24और हे कफरनहूम, क्या तू स्वर्ग तक ऊंचा किया जाएगा? तू तो अधोलोक तक नीचे जाएगा; जो सामर्थ के काम तुझ में किए गए है, यदि सदोम में किए जाते, तो वह आज तक बना रहता। पर मैं तुम से कहता हूं, कि न्याय के दिन तेरी दशा से सदोम के देश की दशा अधिक सहने योग्य होगी।
- Ezekiel 16:48–50 यहेजकेल 16:48–50प्रभु यहोवा की यह वाणी है, मेरे जीवन की सौगन्ध, तेरी बहिन सदोम ने अपनी पुत्रियों समेत तेरे ओर तेरी पुत्रियों के समान काम नहीं किए। देख, तेरी बहिन सदोम का अधर्म यह था, कि वह अपनी पुत्रियों सहित घमण्ड करती, पेट भर भरके खाती, और सुख चैन से रहती थीे और दीन दरिद्र को न संभालती थी। सो वह गर्व करके मेरे साम्हने घृणित काम करने लगी, और यह देखकर मैं ने उन्हें दूर कर दिया।
- Lamentations 4:9 विलापगीत 4:9तलवार के मारे हुए भूख के मारे हुओं से अधिक अच्छे थे जिनका प्राण खेत की उपज बिना भूख के मारे सूखता जाता हे।
- Daniel 9:12 दानिय्येल 9:12सो उस ने हमारे और न्यायियों के विषय जो वचन कहे थे, उन्हें हम पर यह बड़ी विपत्ति डालकर पूरा किया है; यहां तक कि जैसी विपत्ति यरूशलेम पर पड़ी है, वैसी सारी धरती पर और कहीं नहीं पड़ी।