Leviticus · chapter 11 · verse 33
Leviticus 11:33 in Hindi
और यदि मिट्टी का कोई पात्रा हो जिस में इन जन्तुओं में से कोई पड़े, तो उस पात्रा में जो कुछ हो वह अशुद्ध ठहरे, और पात्रा को तुम तोड़ डालना।
Aur yadi mittee kaa koee paatraa ho jis mem in jantuom mem se koee pade, to us paatraa mem jo kuchh ho vah ashuddh thahare, aur paatraa ko tum tod daalanaa.
Leviticus 11:33 in English
- King James Version (KJV)
- And every earthen vessel, whereinto [any] of them falleth, whatsoever [is] in it shall be unclean; and ye shall break it.
- World English Bible (WEB)
- Every earthen vessel into which any of them falls and all that is in it shall be unclean. You shall break it.
- American Standard Version (ASV)
- And every earthen vessel, whereinto any of them falleth, whatsoever is in it shall be unclean, and it ye shall break.
- Bible in Basic English (BBE)
- And if one of them gets into any vessel of earth, whatever is in the vessel will be unclean and the vessel will have to be broken.
- Darby Translation (DBY)
- And every earthen vessel into which [any] of them falleth — whatever is in it shall be unclean; and ye shall break it.
- Webster's Bible (WBS)
- And every earthen vessel, into which [any] of them falleth, whatever [is] in it shall be unclean; and ye shall break it.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and any earthen vessel, into the midst of which [any] one of them falleth, all that [is] in its midst is unclean, and it ye do break.
Read in context
- 31सब रेंगनेवालों में से ये ही तुम्हारे लिये अशुद्ध हैं; जो कोई इनकी लोथ छूए वह सांझ तक अशुद्ध रहे।
- 32और इन में से किसी की लोथ जिस किसी वस्तु पर पड़ जाए वह भी अशुद्ध ठहरे, चाहे वह काठ का कोई पात्रा हो, चाहे वस्त्रा, चाहे खाल, चाहे बोरा, चाहे किसी काम का कैसा ही पात्रादि क्यों न हो; वह जल में डाला जाए, और सांझ तक अशुद्ध रहे, तब शुद्ध समझा जाए।
- 33और यदि मिट्टी का कोई पात्रा हो जिस में इन जन्तुओं में से कोई पड़े, तो उस पात्रा में जो कुछ हो वह अशुद्ध ठहरे, और पात्रा को तुम तोड़ डालना।
- 34उस में जो खाने के योग्य भोजन हो, जिस में पानी का छुआव हों वह सब अशुद्ध ठहरे; फिर यदि ऐसे पात्रा में पीने के लिये कुछ हो तो वह भी अशुद्ध ठहरे।
- 35और यदि इनकी लोथ में का कुछ तंदूर वा चूल्हे पर पड़े तो वह भी अशुद्ध ठहरे, और तोड़ डाला जाए; क्योंकि वह अशुद्ध हो जाएगा, वह तुम्हारे लिये भी अशुद्ध ठहरे।
Cross references
- Leviticus 6:28 लैव्यव्यवस्था 6:28और वह मिट्टी का पात्रा जिस में वह पकाया गया हो तोड़ दिया जाए; यदि वह पीतल के पात्रा में सिझाया गया हो, तो वह मांजा जाए, और जल से धो लिया जाए।
- Leviticus 15:12 लैव्यव्यवस्था 15:12और जिसके प्रमेह हो वह मिट्टी के जिस किसी पात्रा को छूए वह तोड़ डाला जाए, और काठ के सब प्रकार के पात्रा जल से धोए जाएं।
- Jeremiah 48:38 यिर्मयाह 48:38मोआब के सब घरों की छतों पर और सब चौंकों में रोना पीटना हो रहा है; क्योंकि मैं ने मोआब को तुच्छ बरतन की नाई तोड़ डाला है यहोवा की यह वाणी है।
- Philippians 3:21 फिलिप्पियों 3:21वह अपनी शक्ति के उस प्रभाव के अनुसार जिस के द्वारा वह सब वस्तुओं को अपने वश में कर सकता है, हमारी दीन- हीन देह का रूप बदलकर, अपनी महिमा की देह के अनुकूल बना देगा।।
- Leviticus 14:45 लैव्यव्यवस्था 14:45और वह सब गारे समेत पत्थर, लकड़ी और घर को खुदवाकर गिरा दे; और उन सब वस्तुओं को उठवाकर नगर से बाहर किसी अशुद्ध स्थान पर फिंकवा दे।
- 2 Corinthians 5:1–8 2 कुरिन्थियों 5:1–8क्योंकि हम जानते हैं, कि जब हमारा पृथ्वी पर का डेरा सरीखा घर गिराया जाएगा तो हमें परमेश्वर की ओर से स्वर्ग पर एक ऐसा भवन मिलेगा, जो हाथों से बना हुआ घर नहीं परन्तु चिरस्थाई है। इस में तो हम कहरते, और बड़ी लालसा रखते हैं; कि अपने स्वर्गीय घर को पहिन लें। कि इस के पहिनने से हम नंगे न पाए जाएं। और हम इस डेरे में रहते हुए बोझ से दबे कहरते रहते हैं; क्योंकि हम उतारना नहीं, बरन और पहिनना चाहते हैं, ताकि वह जो मरनहार है जीवन में डूब जाए। और जिस ने हमें इसी बात के लिये तैयार किया है वह परमेश्वर है, जिस ने हमें बयाने में आत्मा भी दिया है। सो हम सदा ढाढ़स बान्धे रहते हैं और यह जानते हैं; कि जब तक हम देह में रहते हैं, तब तक प्रभु से अलग हैं। क्योंकि हम रूप को देखकर नहीं, पर विश्वास से चलते हैं। इसलिये हम ढाढ़स बान्धे रहते हैं, और देह से अलग होकर प्रभु के साथ रहना और भी उत्तम समझते हैं।
- Leviticus 11:35 लैव्यव्यवस्था 11:35और यदि इनकी लोथ में का कुछ तंदूर वा चूल्हे पर पड़े तो वह भी अशुद्ध ठहरे, और तोड़ डाला जाए; क्योंकि वह अशुद्ध हो जाएगा, वह तुम्हारे लिये भी अशुद्ध ठहरे।